माउंट आबू | माउंट आबू में अवैध निर्माण का सिलसिला अभी भी रुका नहीं निर्बाध रूप से यहां पर अवैध रूप से निर्माण सामग्री आ रही है और बस से जप्त करने का कार्रवाई भी चल रही है ।
ताजा मामला सोमवार की शाम का है जब नगर पालिका के जमादार मनोज व विशाल अपनी बीट क्षेत्र गोरा छपरा में नियमित रूप से साफ सफाई के निरीक्षण के लिए गए हुए थे।
यहां उल्लेखनीय यह भी है कि यहां पर जमादार को भी अपने बीट में या सुनिश्चित करना है कि कहीं उसके क्षेत्र में अवैध निर्माण तो नहीं हो रहा इसके लिए सभी जमादार व सफाई कर्मी को भी पाबंद किया जा चुका है ।
तो गोरा छपरा में अचानक उन्हें एक शमशान भूमि के निकट बने मकान के पास में दूर से ब्लॉक व सीमेंट व कुछ अन्य सामग्री नजर आई जिस पर उन्होंने पास जाकर देखा तो सीमेंट का ब्लॉक के जखीरा नजर आया ।
इसको देखकर उन्होंने जमादार विशाल व मनोज ने पालिका आयुक्त को समस्त जानकारी दी जिस पर तुरंत मौके पर सहायक अभियंता नवदीप सिंह पालिका की टीम पहुंची जिसने आसपास के लोगों से इसकी भारी मात्रा में ब्लॉक पाए जाने की वह सीमेंट पाए जाने की जानकारी मांगी वह संबंधित व्यक्तियों से कहा कि जिसकी भी है वह हमें अपने कागजात बताए ।
लेकिन गौरतलब है कि माउंट आबू में कभी भी ब्लॉकस को लाने की अनुमति नहीं मिलती है । न ही निर्माण सामग्री लाने वाले फॉर्म में इसका प्रावधान है । ब्लॉक लाने की अनुमति ही जब नही दी जा सकती तो इतनी मात्रा में ब्लॉक का पाया जाना अपने आप में कई संदिग्ध प्रश्न चिन्ह खड़े कर रहा है ?
फिर भी लोग क्यों लाते हैं यहां परसीमेंट्स के ब्लॉकस ?
लोग अवैध रूप से ब्लॉक इसलिए लाते हैं ताकि जल्दी से अवैध निर्माण किया जा सके । और ब्लॉकस के माध्यम से कम बजरी व सीमेंट से जल्दी कमरे तैयार हो जाते हैं । इसलिए यहां पर अवैध रूप से अधिकतर ब्लॉकस ले जाते हैं ।
यदि बात की जाए इसी वर्ष 12 जनवरी 2026 की तो इसी एक बर्निग बस पकड़ी गई थी । जिसमें भारी मात्रा में ऐसे ही ब्लॉक भरे हुए थे, और इस बस में आगे की दो सीट छोड़कर ठेठ पीछे तक ऐसे ही सीमेंट के ब्लॉकस भरे हुए थे
यही वजह है कि माउंट आबू में सीमेंट के ब्लॉक का लाने का चलन बहुत ज्यादा है और अवैध रूप में से लाया जाता है ।
इस प्रकरण पर स्वयं पालिका आयुक्त भी ज्यादा हैरान है अब उन्होंने इसकी पूरी जांच बिठा दी है कि यह सामग्री आई कैसे वह किसकी थी और इसकी अनुमति जारी कैसे की जबकि प्रावधानी फॉर्म में नहीं है कि यहां पर सीमेंट के ब्लॉक लाया जाए केवल इथे लाने की अनुभूति होती है वह भी जेएनवीएन के निरीक्षण के बाद आपको तय मात्रा में एक लिमिट में ही आईटी दी जाती है और वह भी बड़ी प्रक्रिया लंबी व जटिल होती है जिसको करने में ही सालों लग जाते हैं ।
बड़े धनाड्य पैसे वालों,प्रभावशाली की बात अलग है उनको अनुमतियां जल्दी मिल जाती है लेकिन आम व्यक्ति के लिए तो नगर पालिका से अनुमति लेना जटिल प्रक्रिया है ।
उल्लेखनीय की यह प्रक्रिया ही शुरुआत होती है जब आप अपना प्रार्थना पत्र देते हो तो आपको पूरी निर्माण सामग्री एकता फॉर्म में भरकर देनी होती है उसके बाद आपके घर का जैन अयान स्टार के अधिकारी निरीक्षण करते हैं हल्का अधिकारी यानी जमादार आपके एरिया का विवरण बढ़ता है वह भूमि शाखा उसमें आपका जमीन के पत्ते होने की पुष्टि करती है उसके बाद आपके सारे कागजातों की लंबी चौड़ी जांच होती है और यह सारी प्रक्रिया होने के बाद एसडीएम कार्यालय पर आने में महीना लग जाते और वहां पर भी आपको अगर टोकन मिल जाए तो फिर समझो आपको कोई इस संसार में इससे बढ़िया कोई तोहफा ही नहीं यहां टोकन मिलना मतलब बहुत बड़ा अवार्ड मिलने के बराबर होता है ।
बाकायदा माउंट आबू में लोग टोकन मिलने पर तो देवताओं के यहां जाकर धूप लगते हैं और उनकी खुशी की सीमा नही होती एक सामान्य परिवार के लिए ।
बहरहाल पालिका आयुक्त देश के लिए एक जांच दल गठित कर दिया है जो आसपास के पूरे क्षेत्र की जनता से जांच करेगा कि वहां पर और भी कहीं अवैध रूप से निर्माण सामग्री तो नहीं रखी गई है और अगर पाई जाती है तो उसे भी जप्त करने की कार्रवाई आगे की जाएगी