नई दिल्ली | राज्यसभा सांसद नीरज डांगी ने राजस्थान के विकास के लिए एक बड़ी मांग सदन के सामने रखी है। उन्होंने शून्यकाल के दौरान सांडेराव से गोमती तक के मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने का मुद्दा उठाया।
सांसद डांगी ने कहा कि पिपलिया से जालोर तक का मार्ग पहले ही राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित है। लेकिन सांडेराव से गोमती तक का शेष भाग अभी भी राज्य राजमार्ग बना हुआ है। इसे शीघ्र NH घोषित किया जाना चाहिए।
मारवाड़ और मेवाड़ का संगम
यह मार्ग मारवाड़ और मेवाड़ क्षेत्रों को जोड़ने वाला एक प्रमुख संपर्क मार्ग है। इसका सामरिक, आर्थिक और सामाजिक दृष्टि से अत्यधिक महत्व है। इस सड़क के सुधरने से दोनों क्षेत्रों के बीच की दूरी कम होगी।
इस मार्ग पर पिपलिया, जालोर, सांडेराव, फालना, बाली, मुण्डारा, सादड़ी, घाणेराव, देसूरी और चारभुजा जैसे महत्वपूर्ण स्थान आते हैं। इन सभी क्षेत्रों का विकास इस सड़क की संरचना पर निर्भर करता है।
उद्योगों को मिलेगी नई रफ़्तार
सांसद ने सरकार का ध्यान दिलाते हुए कहा कि फालना का छतरी उद्योग पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। इस मार्ग के NH बनने से यहाँ की औद्योगिक इकाइयों को माल परिवहन में बड़ी आसानी होगी।
NH का दर्जा मिलने से कनेक्टिविटी और व्यापारिक गतिविधियों में सुधार होगा। यह पहल न केवल स्थानीय उद्योगों को मजबूती देगी, बल्कि नए निवेश के रास्ते भी खोलेगी। इससे रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
पर्यटन और वन्यजीव संरक्षण
यह मार्ग उदयपुर से सीधा जुड़ सकेगा। इससे वाहन पिपलिया के रास्ते सीधे कांडला पोर्ट तक पहुंच सकेंगे। यह कुंभलगढ़ वन्यजीव अभयारण्य को जोड़ने में भी एक ऐतिहासिक कदम साबित होगा।
जवाई लेपर्ड रिजर्व भी इसी क्षेत्र में स्थित एक प्रमुख वन्यजीव स्थल है। सड़क बेहतर होने से न केवल वन्यजीवों की सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि कुंभलगढ़ में पर्यटन को भी जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा। पर्यटकों के लिए यात्रा सुगम हो जाएगी।
बढ़ता दबाव और सुरक्षा
वर्तमान में इस मार्ग पर यातायात का दबाव लगातार बढ़ रहा है। इससे सड़क की स्थिति खराब हो रही है और सुरक्षा भी प्रभावित हो रही है। राष्ट्रीय राजमार्ग बनने से सड़क मानकों में सुधार होगा।
नीरज डांगी ने केंद्र सरकार से पुरजोर मांग की है कि लगभग 100-120 किलोमीटर के इस शेष भाग को जल्द से जल्द राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित किया जाए। इससे लॉजिस्टिक और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा मिलेगी।