शख्सियत

कभी समय रैना को ‘अश्लील’ कहने वाले मुकेश खन्ना अब साथ दिखे विज्ञापन में, सोशल मीडिया पर हुए ट्रोल

जोगेन्द्र सिंह शेखावत · 22 जून 2026, 09:41 सुबह
कभी रैना को अश्लील कहने वाले 'शक्तिमान' अब उन्हीं के साथ ऐड में दिखे, लोग बोले- सबसे बड़ा रुपया।

मुंबई | मनोरंजन जगत में कब कौन दोस्त और कब दुश्मन बन जाए, यह कहना मुश्किल है। इसका ताजा उदाहरण 'शक्तिमान' फेम मुकेश खन्ना और कॉमेडियन समय रैना के हालिया सहयोग ने पेश किया है।

कभी समय रैना को अश्लील कहने वाले मुकेश खन्ना अब उन्हीं के साथ स्क्रीन शेयर करते नजर आ रहे हैं, जिससे सोशल मीडिया पर एक नई बहस छिड़ गई है।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, सोशल मीडिया पर एक मोबाइल फोन का विज्ञापन तेजी से वायरल हो रहा है। इस ऐड में कॉमेडियन समय रैना और मुकेश खन्ना 'शक्तिमान' के किरदार में एक साथ दिखाई दे रहे हैं।

यह सहयोग इसलिए चौंकाने वाला है क्योंकि कुछ समय पहले तक मुकेश खन्ना, समय रैना के कंटेंट के सबसे बड़े आलोचकों में से एक थे।

विज्ञापन में दिखी पुरानी तकरार की झलक

विज्ञापन की शुरुआत में समय रैना छत पर फोन पर बात करते दिखते हैं, तभी शक्तिमान वहां पहुंच जाते हैं। शक्तिमान कहते हैं, 'मैं तेरी टेढ़ी दुम सीधी करने के लिए आया हूं।'

इसके बाद वह समय को तीन FIR होने की बात याद दिलाते हैं और कहते हैं, 'तेरा मुंह काला करना ही पड़ेगा।' यह संवाद सीधे तौर पर उनके पुराने विवाद की ओर इशारा करता है।

जब शक्तिमान ने की थी रैना की गिरफ्तारी की मांग

यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि एक समय पर मुकेश खन्ना ने समय रैना के खिलाफ कई वीडियो बनाए थे। उन्होंने रैना पर अश्लील कंटेंट बनाने का आरोप लगाया था।

इतना ही नहीं, उन्होंने रैना को 'कुत्ता' तक कह दिया था और उनकी तत्काल गिरफ्तारी की मांग की थी। खन्ना चाहते थे कि रैना को उम्रकैद हो।

सोशल मीडिया पर उठी 'पाखंड' की आवाजें

जैसे ही यह विज्ञापन सामने आया, सोशल मीडिया यूजर्स ने मुकेश खन्ना को ट्रोल करना शुरू कर दिया। लोगों ने उन पर पैसों के लिए अपने सिद्धांतों से समझौता करने का आरोप लगाया।

एक यूजर ने एक्स पर लिखा,

'बाप बड़ा न भैया, सबसे बड़ा रुपया' मुकेश खन्ना, जिन्हें लोग 'शक्तिमान' के नाम से जानते हैं, ने उस समय समय रैना के खिलाफ 10 से ज्यादा वीडियो बनाए थे।

 

लोगों का कहना है कि जो व्यक्ति भारतीय संस्कृति और राष्ट्रवाद की बड़ी-बड़ी बातें करता है, उसने एक अच्छी रकम के लिए अपने ही शब्दों को भुला दिया।

यह घटना मनोरंजन उद्योग में सिद्धांतों और व्यावसायिक हितों के बीच चल रहे द्वंद्व को उजागर करती है। प्रशंसक अब यह सवाल कर रहे हैं कि क्या सार्वजनिक हस्तियों के नैतिक स्टैंड केवल सुविधा के अनुसार बदलते रहते हैं।

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