जोधपुर | खेती-किसानी जोखिम भरा काम है। अक्सर खेतों में काम करते समय किसान या मजदूर किसी बड़े हादसे का शिकार हो जाते हैं। जानकारी के अभाव में कई परिवार सरकारी मदद से वंचित रह जाते हैं। राजस्थान सरकार की मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना ऐसे परिवारों के लिए बड़ा सहारा बन रही है।
जोधपुर की भदवासिया फल-सब्जी मंडी के सचिव दुर्गाराम ने इस महत्वपूर्ण योजना की बारीकियों को साझा किया है। उन्होंने बताया कि यह योजना किसानों के जीवन में सुरक्षा कवच की तरह काम करती है। इसमें अंग-भंग से लेकर मृत्यु तक की स्थिति में आर्थिक मदद का प्रावधान है।
क्या है मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना?
योजना के तहत पीड़ित किसान के परिवार को 5 हजार रुपये से लेकर अधिकतम 2 लाख रुपये तक की सहायता दी जाती है। यह पूरी सहायता राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर की जाती है। जोधपुर जिले में सालाना करीब 70 से 80 लाख लोग लाभान्वित हो रहे हैं।
किन हादसों में मिलता है मुआवजा?
यह योजना काफी व्यापक है। इसमें केवल मशीनी हादसों को ही शामिल नहीं किया गया है। यदि खेत में काम करते समय किसी जहरीले जीव या सांप ने काट लिया हो, तो भी परिवार मुआवजे का हकदार होता है। इसके अलावा पेड़ से गिरने पर हुई मौत भी शामिल है।
कृषि यंत्रों के उपयोग के दौरान होने वाली अन्य दुर्घटनाएं भी इस योजना के दायरे में आती हैं। आवेदन के समय किसान के पास खुद की जमीन का प्रमाण या किराए पर ली जमीन का प्रूफ आवश्यक है ताकि खेती से जुड़ाव साबित हो सके।
आवेदन की प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेज
आवेदन के लिए किसान को अपनी नजदीकी कृषि मंडी समिति में जाना होता है। सचिव दुर्गाराम के अनुसार, आवेदन मिलने के 15 दिनों के भीतर ही पूरी प्रक्रिया कर ली जाती है और भुगतान की कार्रवाई को अंतिम रूप दे दिया जाता है।
"आवेदन मिलने के 15 दिनों के भीतर ही सारी प्रक्रिया कर ली जाती है और भुगतान ऑनलाइन माध्यम से सीधे किसान के खाते में कर दिया जाता है।"
मंडी श्रमिकों के लिए अतिरिक्त लाभ
मंडी में काम करने वाले श्रमिकों के लिए 'महात्मा ज्योतिबा फुले मंडी श्रमिक कल्याण योजना' भी है। इसके तहत श्रमिक की बेटी की शादी पर 75,000 रुपये की सहायता दी जाती है। साथ ही बच्चों को शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति भी मिलती है।
मेधावी बच्चों को सालाना 3,000 से 10,000 रुपये तक की शिक्षा सहायता दी जाती है। मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम है। किसानों को इस योजना के प्रति जागरूक होना चाहिए ताकि उन्हें राहत मिल सके।
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