क्राइम

मुंबई: ₹600 के लिए तेजाब से हमला: मुंबई के मालाड में ₹600 की उधारी पर खूनी संघर्ष, मजदूरों ने एक-दूसरे पर फेंका तेजाब, 8 लोग बुरी तरह झुलसे

thinQ360 · 02 अप्रैल 2026, 08:45 रात
मुंबई के मालाड इलाके में महज 600 रुपये के विवाद में मजदूरों के दो गुटों के बीच हिंसक झड़प हो गई। इस दौरान एक-दूसरे पर तेजाब फेंकने से 8 लोग घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

मुंबई | आर्थिक राजधानी मुंबई के मालाड इलाके से एक ऐसी रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है, जहां महज 600 रुपये के मामूली विवाद ने खूनी रूप ले लिया। यहां मजदूरों ने गुस्से में एक-दूसरे पर तेजाब से हमला कर दिया।

600 रुपये के लिए छिड़ी 'जंग'

यह पूरी घटना मालाड पूर्व के पालनगर इलाके की है। यहां प्रभाग क्रमांक 42 में स्थित कंपनियों में काम करने वाले मजदूरों के बीच पैसों के लेनदेन को लेकर बहस शुरू हुई थी। यह बहस देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। हैरानी की बात यह है कि मजदूरों ने बिना सोचे-समझे एक-दूसरे पर खतरनाक एसिड फेंकना शुरू कर दिया। इस हमले में कुल 8 लोग बुरी तरह झुलस गए हैं, जिन्हें तुरंत इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

अवैध कंपनियों का काला कारोबार

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, पालनगर इलाके में करीब 100 से 125 अवैध प्लेटिंग इकाइयां धड़ल्ले से चल रही हैं। बताया जा रहा है कि ये इकाइयां स्थानीय नेताओं और प्रशासन की कथित मिलीभगत से संचालित हो रही हैं। इन फैक्ट्रियों में प्लेटिंग के काम के लिए भारी मात्रा में खतरनाक एसिड का इस्तेमाल किया जाता है। विवाद के दौरान मजदूरों ने इसी एसिड को हथियार बना लिया और एक-दूसरे पर उड़ेल दिया, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई।

राहगीर भी हुए एसिड का शिकार

यह घटना मुख्य सड़क पर हुई, जिसकी वजह से वहां से गुजर रहे मासूम लोग भी इसकी चपेट में आ गए। एसिड की छींटें पड़ने से कुछ राहगीर भी झुलस गए हैं। घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि मंजर बेहद डरावना था। घायलों में संदीप सरोज नाम के युवक की हालत काफी गंभीर बताई जा रही है। उसे माऊली हॉस्पिटल में एडमिट किया गया है। वहीं, 7 अन्य घायलों का इलाज महानगरपालिका के शताब्दी अस्पताल में चल रहा है।

पुलिस की कार्रवाई पर सवाल

घटना की जानकारी मिलते ही कुरार पुलिस स्टेशन की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया और समर बहादुर राजकुमार सिंह नामक एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब मामले की गहनता से जांच कर रही है। हालांकि, पुलिस की कार्रवाई पर स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं। आरोप है कि पुलिस ने मामले को दबाने के लिए क्रॉस केस दर्ज किया है। लोगों का कहना है कि हादसे का शिकार हुए राहगीरों को भी आरोपी बना दिया गया है।

इलाके में भारी आक्रोश

इस घटना के बाद से स्थानीय नागरिकों में भारी गुस्सा है। लोगों का सवाल है कि रिहायशी इलाके में इतनी बड़ी संख्या में अवैध कंपनियां कैसे चल रही हैं? क्या प्रशासन को इन खतरनाक केमिकल यूनिट्स की भनक तक नहीं है? स्थानीय लोगों ने मांग की है कि इन अवैध इकाइयों की तुरंत जांच हो और एसिड के अवैध इस्तेमाल पर रोक लगे। साथ ही, पीने के पानी का औद्योगिक उपयोग बंद करने और बाल मजदूरी पर लगाम लगाने की मांग भी की गई है।

भविष्य के लिए बड़ी चेतावनी

निवासियों ने चेतावनी दी है कि अगर इन अवैध फैक्ट्रियों को बंद नहीं किया गया, तो भविष्य में कोई और बड़ी अनहोनी हो सकती है। प्रशासन को समय रहते जागना होगा ताकि ऐसी हिंसक और जानलेवा घटनाएं दोबारा न हों। फिलहाल, कुरार पुलिस मामले के मुख्य आरोपी साधू चव्हाण की भूमिका की भी जांच कर रही है। इलाके में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। यह घटना मुंबई की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

← पूरा आर्टिकल पढ़ें (Full Version)