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राजस्थान

नाग पंचमी 2026: नाग पंचमी 2026: जानें सही तिथि, मुहूर्त और महत्व

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साल 2026 में नाग पंचमी 17 अगस्त को मनाई जाएगी। जानें इस दिन का शुभ मुहूर्त, पूजा का महत्व और विवाह व कर्ज से जुड़ी समस्याओं के लिए बताए गए विशेष उपाय।

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HIGHLIGHTS

  • नाग पंचमी 2026 तिथि: 17 अगस्त 2026, सोमवार को मनाई जाएगी नाग पंचमी।
  • शुभ मुहूर्त: पूजा के लिए सुबह 5:51 बजे से 8:29 बजे तक का समय शुभ रहेगा।
  • पूजा का महत्व: सावन में नाग देवता की पूजा से सुख-समृद्धि और शिव कृपा मिलती है।
  • विशेष उपाय: विवाह और कर्ज की समस्याओं से मुक्ति के लिए जानें खास उपाय।
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राजस्थान |

भगवान शिव को समर्पित सावन का पवित्र महीना 30 जुलाई (गुरुवार) से शुरू हो गया है। यह समय शिव की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दौरान भक्त जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और व्रत रखकर भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने का प्रयास करते हैं।

इसी पावन महीने में नाग पंचमी का त्योहार भी आता है, जिसका अपना एक विशेष धार्मिक महत्व है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन नाग देवता की विधिवत पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है और परिवार में खुशहाली बनी रहती है।

सावन में नाग पंचमी का क्या है महत्व?

हिंदू धर्म में नागों को एक दिव्य शक्ति और प्रकृति के रक्षक के रूप में पूजा जाता है। भगवान शिव अपने गले में नाग को धारण करते हैं, जो उनके साथ नागों के गहरे संबंध को दर्शाता है।

यही कारण है कि सावन के महीने में पड़ने वाली नाग पंचमी का महत्व और भी अधिक हो जाता है। मान्यताओं के अनुसार, इस दिन नाग देवता की पूजा करने और उन्हें दूध चढ़ाने से जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और सुरक्षा का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

नाग पंचमी 2026 कब मनाई जाएगी?

द्रिक पंचांग के अनुसार, साल 2026 में पंचमी तिथि की शुरुआत 16 अगस्त को शाम 4:52 बजे होगी। यह तिथि अगले दिन, यानी 17 अगस्त को शाम 5:00 बजे समाप्त होगी।

हिंदू धर्म में उदया तिथि को प्राथमिकता दी जाती है, इसलिए नाग पंचमी का पर्व 17 अगस्त 2026, सोमवार को ही मनाया जाएगा।

नाग पंचमी 2026 का शुभ मुहूर्त

इस दिन नाग देवता की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 5:51 बजे से शुरू होकर सुबह 8:29 बजे तक रहेगा। इस प्रकार, श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना संपन्न करने के लिए लगभग 2 घंटे 37 मिनट का शुभ समय मिलेगा।

सावन में शिव पूजा के विशेष उपाय

सावन के महीने में भक्त अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। राजस्थान पुजारी महासंघ के प्रदेश कार्यवाहक अध्यक्ष पंडित सुदामा शर्मा ने कुछ विशेष उपायों के बारे में बताया है।

विवाह में आ रही बाधाओं के लिए

पंडित सुदामा शर्मा के अनुसार, जिन युवाओं के विवाह में किसी भी प्रकार की रुकावट आ रही है, वे सावन में नियमित रूप से शिवलिंग पर कच्चा दूध, जल और शहद मिलाकर अभिषेक कर सकते हैं।

इसके साथ ही, माता पार्वती को सुहाग की सामग्री अर्पित करना भी शुभ माना जाता है। ऐसी धार्मिक मान्यता है कि इस उपाय को श्रद्धापूर्वक करने से विवाह संबंधी बाधाएं दूर होती हैं।

कर्ज और आर्थिक समस्याओं से मुक्ति के लिए

यदि कोई व्यक्ति आर्थिक तंगी या कर्ज की समस्या से परेशान है, तो उसके लिए भी सावन का महीना विशेष फलदायी हो सकता है।

ऐसे व्यक्ति को प्रतिदिन जल में काले तिल मिलाकर भगवान शिव को अर्पित करना चाहिए। पूरी श्रद्धा और नियमित रूप से इस उपाय को करने से कर्ज से राहत मिलने की धार्मिक मान्यता है।

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