जयपुर | राजस्थान की राजधानी जयपुर के नाहरगढ़ जैविक उद्यान में रविवार को पर्यटकों का जबरदस्त हुजूम उमड़ पड़ा। बदलते मौसम और छुट्टी के दिन ने लोगों को प्रकृति के करीब आने का मौका दिया।
इस दौरान कुल 1704 पर्यटकों ने उद्यान का भ्रमण किया। वन्यजीवों को नजदीक से देखने का अनुभव बच्चों और बड़ों, दोनों के लिए बेहद रोमांचक रहा। हर कोई कैमरों में इन यादों को कैद करता दिखा।
टाइगर और लायन सफारी की धूम
उद्यान की लायन और टाइगर सफारी पर्यटकों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण साबित हुईं। आंकड़ों के अनुसार, 216 पर्यटकों ने टाइगर सफारी और इतने ही लोगों ने लायन सफारी का आनंद लिया।
शेरों का शाही अंदाज और बाघों की गर्जना सुनकर पर्यटक मंत्रमुग्ध हो गए। प्राकृतिक हरियाली के बीच वन्यजीवों का यह संगम लोगों को एक अलग ही दुनिया में ले गया।
सफेद बाघ 'भीम' का नया ठिकाना
इस बार पर्यटकों के लिए एक विशेष सरप्राइज था। सफेद बाघ भीम और उसकी गोल्डन बहन बाघिन स्कंधी को अब टाइगर सफारी क्षेत्र में शिफ्ट कर दिया गया है।
एसीएफ देवेन्द्र सिंह राठौड़ ने बताया कि आज से इन्हें पर्यटकों के दीदार के लिए सफारी में छोड़ा गया है। पहले ये केवल जैविक उद्यान के बाड़े में दिखते थे, लेकिन अब ये सफारी एरिया को गुलजार करेंगे।
राजस्थान की एकमात्र सफेद बाघ सफारी होने के कारण नाहरगढ़ का आकर्षण और बढ़ गया है। भीम की चंचल अदाएं और स्कंधी की अठखेलियां देखकर पर्यटक काफी उत्साहित नजर आए।
चाक-चौबंद व्यवस्था और प्रबंधन
उप वन संरक्षक विजयपाल सिंह के निर्देशन में पर्यटकों की सुरक्षा और सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया गया। रविवार की भारी भीड़ को देखते हुए प्रबंधन ने पुख्ता इंतजाम किए थे।
एसीएफ देवेन्द्र सिंह राठौड़ और रेंजर शुभम शर्मा ने खुद व्यवस्थाओं का जायजा लिया। टूरिज्म मैनेजमेंट टीम ने टिकटिंग, वाहन सुविधा और सफाई व्यवस्था में पर्यटकों का पूरा सहयोग किया।
प्रकृति और रोमांच का संगम
वन विभाग की सतत निगरानी के कारण नाहरगढ़ जैविक उद्यान आज राज्य का प्रमुख पर्यटन स्थल बन चुका है। यह न केवल मनोरंजन बल्कि पर्यावरण शिक्षा का भी बड़ा केंद्र है।
शहर के शोरगुल से दूर, यह स्थान परिवारों के लिए एक बेहतरीन पिकनिक स्पॉट के रूप में उभरा है। वन्यजीव प्रेमियों के लिए नाहरगढ़ की यह सैर किसी रोमांचक सफर से कम नहीं है।