जयपुर | सिरोही जिले के कालंद्री में निर्मित प्रसिद्ध नर्मदा तिथि पंचांग के दसवें संस्करण की पुस्तक मंगलवार को जयपुर स्थित राजभवन में राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ किशनराव बागड़े को ससम्मान भेंट की गई।
पंचांग के निर्माता डॉ. चंद्रेश घनश्याम जोशी एवं एडवोकेट हर्ष प्रजापत ने राज्यपाल से मुलाकात कर उन्हें पंचांग की प्रति भेंट की।
राज्यपाल ने की प्रकाशन की सराहना
इस दौरान राज्यपाल बागड़े ने पंचांग के प्रकाशन कार्य की सराहना करते हुए इसके लिए शुभकामनाएं दीं।
पंचांग में क्या है खास?
नर्मदा तिथि पंचांग में भारतीय वैदिक कालगणना के अनुसार तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण सहित विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों के लिए शुभ मुहूर्तों की विस्तृत जानकारी दी गई है।
पंचांग में विवाह, गृहप्रवेश, मुंडन सहित विभिन्न संस्कारों एवं धार्मिक कार्यों के शुभ मुहूर्त भी शामिल किए गए हैं।
जनकल्याण की भावना से प्रेरित
पंचांग के निर्माता डॉ. चंद्रेश घनश्याम जोशी ने बताया कि जनकल्याण की भावना को ध्यान में रखते हुए इस संस्करण में धार्मिक एवं आध्यात्मिक सामग्री को भी शामिल किया गया है।
इसमें श्री विष्णु सहस्त्रनाम, श्री सूक्त सहित विभिन्न आध्यात्मिक एवं धार्मिक स्तोत्रों की जानकारी दी गई है। उन्होंने बताया कि इसका उद्देश्य आमजन को एक ही स्थान पर पंचांग संबंधी जानकारी के साथ-साथ दैनिक पाठ एवं धार्मिक सामग्री उपलब्ध कराना है।
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