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तुर्की से पकड़ा गया ड्रग माफिया: NCB की बड़ी कार्रवाई: तुर्की से भारत लाया गया सलीम डोला

मानवेन्द्र जैतावत · 28 अप्रैल 2026, 03:25 दोपहर
मोदी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कुख्यात तस्कर सलीम डोला की तुर्की से हुई सफल वापसी।

नई दिल्ली | नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने मोदी सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत एक ऐतिहासिक सफलता प्राप्त की है। कुख्यात ड्रग तस्कर मोहम्मद सलीम डोला को तुर्की से भारत वापस लाया गया है।

गृह मंत्री अमित शाह ने इस ऑपरेशन की सराहना करते हुए इसे ड्रग कार्टेल के खिलाफ भारत की बड़ी जीत बताया है। डोला को आज सुबह दिल्ली के आईजीआई हवाई अड्डे पर उतरते ही हिरासत में लिया गया।

ऑपरेशन ग्लोबल-हंट की बड़ी कामयाबी

NCB ने अंतरराष्ट्रीय और भारतीय खुफिया एजेंसियों के साथ मिलकर 'ऑपरेशन ग्लोबल-हंट' चलाया था। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य विदेशों में छिपे भगोड़े ड्रग तस्करों को कानून के दायरे में लाना था।

सलीम डोला के खिलाफ मार्च 2024 में भारत के अनुरोध पर इंटरपोल ने रेड नोटिस जारी किया था। वह पिछले कई वर्षों से भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों की गिरफ्त से बाहर रहकर तस्करी कर रहा था।

59 वर्षीय सलीम डोला मूल रूप से मुंबई का निवासी है और पिछले दो दशकों से अपराध की दुनिया में सक्रिय था। उसका सिंडिकेट मध्य पूर्व, अफ्रीका और यूरोप के कई देशों तक फैला हुआ था।

डोला पर महाराष्ट्र और गुजरात में हेरोइन, चरस और मेफेड्रोन जैसे नशीले पदार्थों की थोक आपूर्ति का आरोप है। उसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक मजबूत और जटिल आपराधिक ढांचा तैयार किया था।

अमित शाह का कड़ा संदेश

गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट किया कि भारत की सुरक्षा एजेंसियां अब सीमाओं के पार भी अपराधियों को पकड़ने में सक्षम हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस बड़ी सफलता की जानकारी साझा की।

नार्को सिंडिकेट के खिलाफ मोदी सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति का यह परिणाम है। अब ड्रग सरगनाओं के लिए दुनिया में कहीं भी छिपने की जगह सुरक्षित नहीं बची है।

अमित शाह ने कहा कि हमारी नार्कोटिक्सरोधी एजेंसियों ने वैश्विक नेटवर्क के जरिए अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। मोदी सरकार का मिशन ड्रग कार्टेल को जड़ से पूरी तरह खत्म करना है।

अंतरराष्ट्रीय सहयोग की मिसाल

यह ऑपरेशन तुर्की के अधिकारियों, इंटरपोल और भारतीय एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। इससे पहले डोला के बेटे को भी यूएई से भारत प्रत्यर्पित किया गया था।

सलीम डोला की गिरफ्तारी से भारत में चल रहे निचले स्तर के ड्रग वितरण नेटवर्क को एक बड़ा झटका लगा है। गुजरात एटीएस और मुंबई पुलिस को भी लंबे समय से उसकी तलाश थी।

यह सफलता दर्शाती है कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत अब नशीले पदार्थों के खिलाफ वैश्विक लड़ाई का नेतृत्व कर रहा है। सुरक्षा एजेंसियां देश की सीमाओं को सुरक्षित बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।

सलीम डोला की वापसी संगठित अपराध सिंडिकेट के सदस्यों के लिए एक कड़ी चेतावनी है। सरकार का संकल्प है कि हर भगोड़े अपराधी को न्याय के कटघरे में खड़ा किया जाएगा।

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