राज्य

NEET पेपर लीक: सीकर का काला सच: सीकर का 'राकेश' बना पेपर माफिया, SOG का बड़ा खुलासा

बलजीत सिंह शेखावत · 13 मई 2026, 12:00 दोपहर
NEET-UG परीक्षा में सीकर कनेक्शन का बड़ा खुलासा, 100% सवाल मैच होने से मचा हड़कंप।

सीकर | राजस्थान का सीकर जिला, जिसे देश का दूसरा 'कोटा' कहा जाता है, आज एक शर्मनाक वजह से चर्चा में है। NEET-UG परीक्षा रद्द होने के पीछे की सबसे बड़ी कड़ी 'सीकर कनेक्शन' के रूप में सामने आई है।

एसओजी (SOG) की जांच में यह साफ हो गया है कि बायोलॉजी और केमिस्ट्री के शत-प्रतिशत सवाल उस कथित गेस पेपर से मिल रहे थे, जो सीकर के एक छात्र के पास पहुँचा था। यह खुलासा चौंकाने वाला है।

इस पूरे घोटाले का पर्दाफाश किसी जांच एजेंसी ने नहीं, बल्कि सीकर के एक निजी कोचिंग संस्थान के फिजिक्स शिक्षक ने किया। एक छात्र ने शिक्षक को व्हाट्सएप पर 'गेस पेपर' भेजा, जिसके सवाल बिल्कुल असली जैसे थे।

शिक्षक पहले स्थानीय थाने पहुँचा, लेकिन वहां उसकी सुनवाई नहीं हुई। हार मानने के बजाय शिक्षक ने सीधे एनटीए (NTA) की वेबसाइट पर दस्तावेज अपलोड कर दिए। इसी शिकायत ने दिल्ली से लेकर राजस्थान के डीजीपी दफ्तर तक हड़कंप मचा दिया।

राकेश मंडावरिया: नवोदय का छात्र जो बना 'माफिया'

जांच की सुई जब घूमी तो नाम सामने आया— राकेश मंडावरिया। सीकर के पिपराली रोड पर 'आरके कंसलटेंसी एजुकेशनल' चलाने वाला राकेश ही इस नेटवर्क का मुख्य मोहरा बताया जा रहा है, जिसने सिस्टम को चुनौती दी।

राकेश ने 2001 में जवाहर नवोदय विद्यालय से पढ़ाई शुरू की थी। वह खुद भी कई सालों तक सीकर में मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करता रहा, लेकिन सफल नहीं होने पर उसने अपराध का रास्ता चुन लिया।

मेडिकल में खुद सफल नहीं होने पर उसने विदेश में एडमिशन के नाम पर कंसल्टेंसी खोली। धीरे-धीरे वह 'पेपर सॉल्वर गैंग' का हिस्सा बन गया और छात्रों को शॉर्टकट के जरिए डॉक्टर बनाने का झांसा देने लगा।

"बायोलॉजी और केमिस्ट्री के सवालों का 100% मैच होना यह दर्शाता है कि माफिया की पहुँच पेपर छपने या डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर तक थी। यह केवल गेस पेपर नहीं, बल्कि असली माल था।"

सिस्टम में सेंध और नासिक रूट का खुलासा

एसओजी ने राकेश मंडावरिया को देहरादून से गिरफ्तार किया है। वह वहां छिपने की कोशिश कर रहा था। जांच में पता चला है कि यह नेटवर्क केवल राजस्थान तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके तार महाराष्ट्र तक फैले हैं।

पेपर लीक के तार महाराष्ट्र के नासिक से भी जुड़े मिले हैं। डीजीपी राजीव कुमार शर्मा के निर्देश पर एसओजी ने 8 मई की रात से ही संदिग्धों को उठाना शुरू कर दिया था, ताकि मुख्य आरोपी भाग न सके।

कोचिंग हब की साख पर गहरा संकट

पिपराली रोड, जहाँ हजारों छात्र डॉक्टर बनने का सपना लेकर आते हैं, वहां इस तरह की कंसल्टेंसी का चलना चिंता का विषय है। राकेश मंडावरिया करियर काउंसलिंग के नाम पर छात्रों के भविष्य से खेल रहा था।

अब जांच एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि इस गैंग के साथ और कितने 'सफेदपोश' लोग जुड़े हुए हैं। एसओजी की रिपोर्ट के अनुसार, माफिया की पहुँच पेपर डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर तक होना बेहद गंभीर मामला है।

NEET परीक्षा का विवादों में आना लाखों मेहनती छात्रों के लिए दर्दनाक है। 'सीकर कनेक्शन' का खुलासा होना यह बताता है कि इस माफिया को जड़ से काटना जरूरी है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।

अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि राकेश मंडावरिया के जरिए क्या इस रैकेट के असली आकाओं तक सीबीआई या पुलिस पहुँच पाएगी? यह राजस्थान के शिक्षा तंत्र के लिए एक बड़ी अग्निपरीक्षा साबित होने वाली है।

*Edit with Google AI Studio

← पूरा आर्टिकल पढ़ें (Full Version)