वर्ल्ड कप के नए फॉर्मेट पर विवाद
नीदरलैंड के स्टार बल्लेबाज मैक्स ओ'डाउड ने वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप के लिए एसोसिएट टीमों की क्वालिफिकेशन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इस प्रक्रिया को एसोसिएट देशों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण और निराशाजनक बताया है।
मैक्स ओ'डाउड के अनुसार, एसोसिएट देशों को वर्ल्ड कप में जगह बनाने के लिए एक लंबी और जटिल प्रक्रिया से गुजरना होगा, जिसमें कई स्तर के क्वालिफायर शामिल हैं।
क्या है 2027 वर्ल्ड कप का नया फॉर्मेट?
बुधवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने क्रिकेट वर्ल्ड कप 2027 के लिए एक नए फॉर्मेट की घोषणा की। इस नए फॉर्मेट ने क्वालिफिकेशन प्रक्रिया को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है।
14 टीमों का टूर्नामेंट
आईसीसी पुरुषों के क्रिकेट वर्ल्ड कप में पहले की तरह 14 टीमें ही शामिल होंगी, लेकिन टूर्नामेंट का ढांचा पूरी तरह से बदल दिया गया है।
तीन स्टेज का कॉम्पिटिशन
यह टूर्नामेंट अब तीन स्टेज में खेला जाएगा, जो फाइनल तक पहुंचेगा। इसमें कई नए राउंड शामिल किए गए हैं, जैसे 'सुपर सीरीज' और 'सुपर 7' स्टेज।
कैसे काम करेगा यह नया फॉर्मेट?
नए फॉर्मेट को समझने के लिए इसे तीन भागों में बांटा जा सकता है। हर स्टेज में टीमों को अगले दौर में जाने के लिए कड़ा संघर्ष करना होगा।
राउंड 1: सुपर सीरीज
टूर्नामेंट की शुरुआत में सबसे कम रैंक वाली तीन टीमें (टीम 12, 13, और 14) 'सुपर सीरीज' नामक राउंड वन में हिस्सा लेंगी। इनमें से केवल शीर्ष पर रहने वाली टीम ही मुख्य स्टेज में प्रवेश करेगी।
राउंड 2: ग्रुप स्टेज
दूसरे राउंड में कुल 12 टीमें होंगी। इन टीमों को छह-छह के दो ग्रुपों में विभाजित किया जाएगा। हर ग्रुप में टीमें एक-दूसरे से मुकाबला करेंगी।
सुपर 7 और सेमीफाइनल
प्रत्येक ग्रुप की शीर्ष तीन टीमें, और दोनों ग्रुपों में अगली सर्वोच्च रैंक वाली टीम, 'सुपर 7' नामक एक नए सात-टीम राउंड-रॉबिन स्टेज में आगे बढ़ेंगी। इस सुपर 7 स्टेज से शीर्ष चार टीमें सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई करेंगी।
पुराने फॉर्मेट से कितना अलग?
पहले का फॉर्मेट काफी सीधा था। इसमें 10 टीमें हिस्सा लेती थीं, जो एक-दूसरे के खिलाफ राउंड-रॉबिन मैच खेलती थीं। लीग स्टेज के बाद शीर्ष की 4 टीमें सीधे सेमीफाइनल में पहुंचती थीं और फिर फाइनल मुकाबला होता था।
क्वालिफिकेशन प्रक्रिया पर क्यों उठे सवाल?
नए फॉर्मेट के साथ-साथ क्वालिफिकेशन की प्रक्रिया भी बदल गई है, जिसे लेकर एसोसिएट देश चिंतित हैं।
मेजबान देशों को सीधी एंट्री
14 टीमों के इस टूर्नामेंट में दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे को मेजबान देश होने के नाते सीधे प्रवेश मिलेगा। इसके अलावा, वनडे रैंकिंग की शीर्ष 8 टीमों को भी सीधे जगह दी जाएगी।
एसोसिएट टीमों की मुश्किल राह
बाकी बची चार जगहों के लिए टीमों को ICC क्रिकेट वर्ल्ड कप लीग-2 और उसके बाद होने वाले क्वालिफायर टूर्नामेंट के जरिए अपनी जगह बनानी होगी। इसी व्यवस्था पर मैक्स ओ'डाउड ने सवाल उठाए हैं।
मैक्स ओ'डाउड ने जताई निराशा
मैक्स ओ'डाउड ने कहा कि इस नई व्यवस्था के तहत, एसोसिएट देशों को वर्ल्ड कप में क्वालिफाई करने के लिए पहले तीन साल तक वनडे टूर्नामेंट खेलना होगा।
इसके बाद उन्हें एक क्वालिफायर खेलना होगा और फिर एक और ट्राई-सीरीज क्वालिफायर से गुजरना होगा। उन्होंने कहा कि इतनी लंबी प्रक्रिया के बाद मुख्य वर्ल्ड कप में जगह मिलना किसी भी टीम के लिए काफी निराशाजनक और चुनौतीपूर्ण है।
वर्ल्ड कप में नीदरलैंड का प्रदर्शन
आपको बता दें कि नीदरलैंड की टीम अब तक पांच बार वनडे वर्ल्ड कप में हिस्सा ले चुकी है। टीम ने पहली बार 1996 वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई किया था।
इसके बाद टीम ने 2003, 2007 और 2011 वर्ल्ड कप में भी लगातार जगह बनाई। हालांकि, 2015 और 2019 के संस्करणों के लिए वह क्वालिफाई नहीं कर सकी थी।
पिछले टूर्नामेंट, यानी 2023 में आयोजित वनडे वर्ल्ड कप में नीदरलैंड ने क्वालिफाई किया था और दक्षिण अफ्रीका को हराकर सबसे बड़ा उलटफेर भी किया था। हालांकि, टीम कभी भी ग्रुप स्टेज से आगे नहीं बढ़ पाई है।
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