राजस्थान

जयपुर NH-48 पर जाम से मिलेगी मुक्ति: जयपुर NH-48 बाईपास पर बनेंगे नए फ्लाईओवर और अंडरपास, एनएचएआई ने 130.65 करोड़ का ठेका दिया

मानवेन्द्र जैतावत · 28 मार्च 2026, 06:58 शाम
जयपुर में एनएच-48 पर यातायात को सुगम बनाने के लिए एनएचएआई ने 130.65 करोड़ रुपये का अनुबंध दिया है। इससे 200 फीट जंक्शन पर लगने वाले जाम से मुक्ति मिलेगी।

जयपुर | भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने राजस्थान की राजधानी जयपुर में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए एक बड़ा निर्णय लिया है। दिल्ली-जयपुर-अजमेर एक्सप्रेसवे (एनएच-48) पर जयपुर बाईपास जंक्शन के पास नए अंडरपास और फ्लाईओवर के निर्माण के लिए अनुबंध पत्र (एलओए) जारी कर दिया गया है।

130.65 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट

यह महत्वपूर्ण परियोजना इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (ईपीसी) मोड के तहत संचालित की जाएगी। एनएचएआई ने इस कार्य के लिए मेसर्स मारुति इंफ्राक्रिएशन प्राइवेट लिमिटेड को चुना है। इस परियोजना की कुल लागत 130.65 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है।

200 फीट जंक्शन की चुनौतियों का समाधान

जयपुर शहर का 200 फीट जंक्शन वर्तमान में एक अत्यंत व्यस्त चौराहा है। यह दिल्ली और अजमेर को जोड़ने के साथ-साथ मानसरोवर, श्याम नगर और वैशाली नगर जैसे घनी आबादी वाले इलाकों के लिए मुख्य मार्ग है। भारी वाहनों और स्थानीय यातायात के दबाव के कारण यहाँ अक्सर भीषण जाम की स्थिति बनी रहती है।

नया ट्रैफिक प्लान और निर्माण

इस परियोजना में विशेष रूप से दो अंडरपास का निर्माण किया जाना है। एक अंडरपास दिल्ली से मानसरोवर की ओर जाने वाले वाहनों के लिए होगा, जबकि दूसरा मानसरोवर से दिल्ली की ओर जाने वाले यातायात को सुगम बनाएगा।इसके अतिरिक्त, जयपुर से अजमेर और अजमेर से दिल्ली के बीच निर्बाध यात्रा सुनिश्चित करने के लिए दो नए फ्लाईओवर भी बनाए जाएंगे। यह ढांचा स्थानीय और राष्ट्रीय राजमार्ग के यातायात को पूरी तरह अलग कर देगा।

समय और ईंधन की होगी बचत

वर्तमान में, इस जंक्शन पर वाहनों को कई ट्रैफिक सिग्नल्स से गुजरना पड़ता है। इससे यात्रा समय बढ़ता है और ईंधन की बर्बादी होती है। नए फ्लाईओवर और अंडरपास बनने से सिग्नल-फ्री आवाजाही संभव होगी, जिससे यात्रा दक्षता में सुधार होगा।

बेहतर कनेक्टिविटी और सुरक्षा

परियोजना के पूरा होने के बाद, एनएच-48 कॉरिडोर पर सड़क सुरक्षा काफी बढ़ जाएगी। यह न केवल दुर्घटनाओं को कम करने में मदद करेगा, बल्कि राजस्थान में सुचारू कनेक्टिविटी के जरिए आर्थिक विकास को भी गति प्रदान करेगा। यह शहरी आवागमन को सुगम बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। इस निर्माण कार्य से दिल्ली और जयपुर के बीच सफर करने वाले यात्रियों को राहत मिलेगी।

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