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निफ्टी में 40% की बड़ी तेजी के संकेत: शेयर बाजार में 4 महीने की गिरावट के बाद 40% उछाल की उम्मीद, बड़े फंड हाउस ने शुरू की आक्रामक खरीदारी

बलजीत सिंह शेखावत · 06 अप्रैल 2026, 01:17 दोपहर
निफ्टी के इतिहास में चार महीने की लगातार गिरावट के बाद हमेशा बड़ी रिकवरी देखी गई है। डीएसपी और क्वांट म्यूचुअल फंड के आंकड़ों के अनुसार, अगले एक साल में बाजार 40 फीसदी तक चढ़ सकता है।

मुंबई | भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में एक दुर्लभ घटनाक्रम देखने को मिल रहा है। निफ्टी की लगातार चार महीने की गिरावट अब मार्च 2026 में आकर रुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट भविष्य में एक बड़ी तेजी का आधार बन सकती है। डीएसपी म्यूचुअल फंड के ऐतिहासिक आंकड़े इस ओर स्पष्ट इशारा कर रहे हैं।

इतिहास में केवल सात बार हुआ ऐसा

निफ्टी के पूरे इतिहास में केवल सात बार ऐसा हुआ है जब बाजार लगातार चार महीने या उससे अधिक समय तक गिरा हो। हर बार इसके बाद बड़ी रिकवरी आई है।आंकड़े बताते हैं कि ऐसी गिरावट के बाद अगले एक साल में औसतन 40.7 फीसदी की तेजी दर्ज की गई है। यह निवेशकों के लिए कोई छोटी बात नहीं है।

रिकॉर्ड तोड़ रिटर्न की उम्मीद

जनवरी 1991 में चार महीने की गिरावट के बाद निफ्टी अगले एक साल में 117.9 फीसदी चढ़ा था। अगस्त 1998 के बाद इसमें 65.6 फीसदी की वृद्धि हुई।फरवरी 2025 में खत्म हुए गिरावट के दौर के बाद भी 13.8 फीसदी का रिटर्न मिला था। तीन महीने में औसत रिटर्न 12.2 फीसदी और छह महीने में 22.4 फीसदी रहा है।

बड़े फंड हाउसेस की रणनीति

बाजार के दिग्गज अब खरीदारी के मूड में हैं। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल बैलेंस्ड एडवांटेज फंड ने अपनी इक्विटी हिस्सेदारी बढ़ाकर 61.9 फीसदी कर ली है।यह पिछले पांच वर्षों में फंड का सबसे ऊंचा इक्विटी स्तर है। आखिरी बार इतनी इक्विटी जून 2020 में थी, यानी कोविड के ठीक बाद जब बाजार निचले स्तर से लौटा था।

क्या बाजार ने बना लिया है बॉटम?

क्वांट म्यूचुअल फंड के अनुसार, भारतीय बाजार में 'Capitulation' के संकेत दिख रहे हैं। इसका मतलब है कि बिकवाली का दौर अब लगभग समाप्त हो चुका है।फंड का मानना है कि भारत की नॉमिनल जीडीपी चीन के मुकाबले दोगुनी गति से बढ़ रही है। अर्निंग इंप्रूवमेंट सायकल की वापसी बाजार को नई ऊंचाई पर ले जाएगी।

इन सेक्टरों पर रखें नजर

विशेषज्ञ एनर्जी, इंफ्रास्ट्रक्चर, एनबीएफसी, बीमा और प्राइवेट बैंकों पर सकारात्मक हैं। इसके अलावा फार्मा, टेलीकॉम और एफएमसीजी में भी अच्छे मौके दिख रहे हैं।हालांकि, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में अभी सतर्क रहने की सलाह दी गई है। निवेशकों को सलाह दी गई है कि वे धैर्य रखें और लंबी अवधि का नजरिया अपनाएं।

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