जयपुर | जयपुर पुलिस कमिश्नरेट की सीएसटी (CST) टीम ने नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान 'ऑपरेशन क्लीन स्वीप' के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने एक नाइजीरियाई नागरिक को भारी मात्रा में ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया है।
मानसरोवर में पुलिस की बड़ी कार्रवाई
शिप्रापथ थाना इलाके में हुई इस कार्रवाई ने तस्करों के बीच हड़कंप मचा दिया है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि होटल गंगा श्रेय इन के पास एक संदिग्ध विदेशी व्यक्ति ड्रग्स की डिलीवरी देने आने वाला है।
सूचना मिलते ही सीएसटी और शिप्रापथ थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने घेराबंदी की। पुलिस ने आरोपी को तब दबोचा जब वह अपने ग्राहक का इंतजार कर रहा था। आरोपी की पहचान तोचुक्वू डेविड (44) के रूप में हुई है।
तोचुक्वू डेविड नाइजीरिया के अनाम्ब्रा स्टेट का निवासी है। पुलिस ने जब उसकी तलाशी ली, तो उसके पास से 102 ग्राम उच्च गुणवत्ता वाली कोकीन बरामद हुई। इसके अलावा 17 ग्राम मेथामफेटामाइन (एमडी) भी जब्त की गई।
55 लाख रुपये की ड्रग्स जब्त
बरामद की गई कोकीन और एमडी की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 55 लाख रुपये बताई जा रही है। आरोपी ने प्राथमिक पूछताछ में स्वीकार किया कि वह लंबे समय से इस अवैध कारोबार में शामिल था।
पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि आरोपी का भारतीय वीजा काफी समय पहले ही एक्सपायर हो चुका था। वीजा खत्म होने के बाद भी वह अवैध रूप से भारत में छिपकर रह रहा था।
आरोपी फिलहाल दिल्ली को अपना ठिकाना बनाए हुए था। वह दिल्ली और चंडीगढ़ के बड़े तस्करों से माल खरीदता था। इसके बाद वह इसे जयपुर जैसे शहरों में ऊंचे दामों पर बेचने के लिए आता था।
यूनिवर्सिटी के छात्रों पर थी नजर
आरोपी का मुख्य लक्ष्य जयपुर के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले युवा थे। वह विशेष रूप से यहां पढ़ रहे नाइजीरियाई छात्रों के संपर्क में रहता था ताकि उनके माध्यम से स्थानीय युवाओं तक पहुंचा जा सके।
वह इन छात्रों को लालच देकर ड्रग्स सप्लाई के नेटवर्क में शामिल करने की कोशिश कर रहा था। पुलिस अब उन सभी मोबाइल नंबरों और सोशल मीडिया संपर्कों की जांच कर रही है, जिनसे आरोपी जुड़ा हुआ था।
"जयपुर पुलिस नशे के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। ऑपरेशन क्लीन स्वीप के तहत ऐसी कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहेगी।"
पूरे नेटवर्क का होगा खुलासा
डीसीपी क्राइम के नेतृत्व में टीम अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि जयपुर में आरोपी के मददगार कौन थे। पुलिस को अंदेशा है कि इस तस्करी के पीछे एक बड़ा संगठित गिरोह काम कर रहा है।
आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। उसे कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा। रिमांड के दौरान ड्रग्स के मुख्य स्रोत और खरीदारों के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं।
जयपुर पुलिस की इस कार्रवाई से शहर में मादक पदार्थों की अवैध सप्लाई पर लगाम लगने की उम्मीद है। पुलिस ने आमजन से भी अपील की है कि वे नशे के खिलाफ इस जंग में पुलिस का साथ दें।
यह गिरफ्तारी न केवल नशे के कारोबार पर चोट है, बल्कि अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की निगरानी पर भी सवाल उठाती है। पुलिस अब अन्य संदिग्ध विदेशी नागरिकों की भी जांच कर रही है।
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