जोधपुर | नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, जोधपुर (NLUJ) और साइबरपीस फाउंडेशन ने साइबर कानून, तकनीक विनियमन और डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्रों में शोध और क्षमता निर्माण को बढ़ावा देने के लिए एक ऐतिहासिक MoU पर हस्ताक्षर किए हैं।
यह महत्वपूर्ण समझौता नई दिल्ली स्थित साइबरपीस के कार्यालय में संपन्न हुआ। इसके तहत NLUJ के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर रिसर्च एंड एप्लीकेशन्स (CERA) के अंतर्गत एक समर्पित शोध इकाई के रूप में 'साइबरपीस चेयर' की स्थापना की जाएगी।
तकनीकी और कानूनी शोध का संगम
यह सहयोग संयुक्त शोध परियोजनाएं, नीति प्रकाशन, सेमिनार और कार्यशालाएं आयोजित करने पर केंद्रित है। इसके साथ ही छात्रों के लिए इंटर्नशिप और फेलोशिप के अवसर भी प्रदान किए जाएंगे।
यह पहल राष्ट्रीय स्तर पर साइबर सुरक्षा और जिम्मेदार तकनीक के उपयोग के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगी। यह डिजिटल गवर्नेंस की उभरती चुनौतियों का समाधान करने के लिए मजबूत शोध क्षमताएं विकसित करेगी।
विशेषज्ञों का दृष्टिकोण
NLUJ की कुलपति प्रो. (डॉ.) हरप्रीत कौर ने कहा कि साइबरपीस चेयर की स्थापना से यूनिवर्सिटी में टेक्नो-लीगल रिसर्च को नई मजबूती मिलेगी। इसमें साइबर नीति और अपराध निवारण की व्यावहारिक विशेषज्ञता का शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ समन्वय होगा।
साइबरपीस फाउंडेशन के संस्थापक एवं ग्लोबल प्रेसिडेंट मेजर विनीत कुमार ने इस साझेदारी को सुरक्षित और शांतिपूर्ण साइबर स्पेस के निर्माण की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने इंटरनेट को शांतिपूर्ण बनाए रखने पर जोर दिया।
एक वर्ष का रोडमैप
आगामी एक वर्ष में दोनों संस्थान चरणबद्ध तरीके से गतिविधियां संचालित करेंगे। शुरुआती महीनों में संस्थागत ढांचे की स्थापना और चेयर का औपचारिक शुभारंभ किया जाएगा। इसके बाद कार्यशालाएं और अतिथि व्याख्यान आयोजित होंगे।
कार्यक्रम के अगले चरण में राष्ट्रीय नीति गोलमेज बैठक, छात्र शोध संगोष्ठी और महत्वपूर्ण शोध प्रकाशनों की योजना बनाई गई है। यह डिजिटल दुनिया की सुरक्षा के लिए नई पीढ़ी के पेशेवरों को तैयार करने का एक माध्यम बनेगा।
अंत में, कानून और टेक्नोलॉजी गवर्नेंस पर एक भव्य राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित होगा। इसमें वार्षिक शोध रिपोर्ट का प्रकाशन किया जाएगा और भविष्य की योजनाओं के लिए गतिविधियों का मूल्यांकन होगा। यह साझेदारी साइबर कानून के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करेगी।