नई दिल्ली | उत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में इन दिनों मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ नजर आ रहा है। उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और मध्य प्रदेश के कई जिलों में प्री-मानसून बारिश ने दस्तक दे दी है। इस अचानक हुए बदलाव से लोगों को भीषण गर्मी और लू से काफी राहत मिली है। इसी बीच भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने एक बार फिर प्री-मानसून बारिश को लेकर ताजा अलर्ट जारी किया है।
पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश की संभावना
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वोत्तर के राज्यों में अगले 5 दिनों तक मौसम खराब रहने की संभावना है। यहां आंधी-तूफान के साथ बिजली कड़कने और हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है। आईएमडी ने विशेष रूप से अरुणाचल प्रदेश के लिए चेतावनी जारी की है। विभाग का कहना है कि आज अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है।
दिल्ली-एनसीआर और बिहार का मौसम
दिल्ली-एनसीआर के निवासियों के लिए फिलहाल मौसम में कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिलेगा। हालांकि, आसमान में हल्के बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और सूरज के साथ लुकाछिपी का खेल जारी रहेगा। वहीं बिहार के सीमांचल इलाकों में बारिश का दौर अभी थमा नहीं है। अररिया, पूर्णिया, कटिहार और किशनगंज जैसे जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
उत्तर प्रदेश और राजस्थान में मौसम की स्थिति
उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से बारिश का सिलसिला जारी है। इस कारण प्रदेश के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 3-4 दिनों में यूपी में बारिश का दौर थम जाएगा। लखनऊ में 10-11 अप्रैल को हल्के बादल छाए रहने की संभावना है, जिससे मौसम सुहावना बना रहेगा। राजस्थान की बात करें तो यहां मौसम मुख्य रूप से शुष्क बना रहेगा। एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 10-11 अप्रैल को बीकानेर संभाग में आंशिक बादल छा सकते हैं। हालांकि, राज्य में आगामी 3 से 4 दिनों के भीतर अधिकतम तापमान में 3-4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने की पूरी संभावना जताई गई है।
अप्रैल से जून तक का दीर्घकालिक पूर्वानुमान
आईएमडी ने अप्रैल से जून तक की गर्मी के मौसम का विस्तृत पूर्वानुमान जारी किया है। इसके अनुसार, अगले तीन महीनों में देश के अधिकतर हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य या सामान्य से नीचे रहने वाला है। वहीं न्यूनतम तापमान सामान्य से थोड़ा अधिक रह सकता है। अप्रैल माह में कई हिस्सों में दीर्घकालिक औसत (LPA) से अधिक बारिश होने की उम्मीद है। मौसम विभाग के मुताबिक, अप्रैल में एलपीए के 39.2 एमएम की तुलना में लगभग 112 प्रतिशत बारिश हो सकती है। यह बारिश पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत को छोड़कर देश के शेष हिस्सों में सामान्य से अधिक रहने वाली है। इस पूर्वानुमान से किसानों को थोड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन तापमान में उतार-चढ़ाव स्वास्थ्य के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है।