जयपुर | राजस्थान की वीर धरा पर शौर्य और राजनीति का एक अनोखा संगम हाल ही में देखने को मिला। शौर्य दिवस के अवसर पर आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में सिक्किम के राज्यपाल ओम माथुर ने शिरकत की। इस दौरान उन्होंने मंच से कुछ ऐसी बातें कहीं जो अब चर्चा का विषय बन गई हैं। माथुर ने न केवल इतिहास के पन्ने पलटे बल्कि राजनीति के गलियारों में भी अपनी चुटीली टिप्पणियों से सबको लोटपोट कर दिया।
ओम माथुर का 'बाबोसा' पर तंज: ओम माथुर ने सुनाया जनरल सगत सिंह के शौर्य का किस्सा, राजेंद्र राठौड़ को 'बाबोसा' कहने पर ली चुटकी और दी ये सलाह
सिक्किम के राज्यपाल ओम माथुर ने शौर्य दिवस पर जनरल सगत सिंह की वीरता को याद किया और राजेंद्र राठौड़ को 'बाबोसा' न बनने की मजाकिया सलाह दी।
HIGHLIGHTS
- 1967 के युद्ध में जनरल सगत सिंह ने चीन को धूल चटाई थी और 1300 चीनी सैनिकों को मार गिराया था।
- ओम माथुर ने राजेंद्र राठौड़ को अभी 'बाबोसा' न बनने की सलाह दी ताकि उन्हें गवर्नर न बना दिया जाए।
- दिल्ली से 'नो फायर' का आदेश होने के बावजूद जनरल सगत सिंह ने जवाबी कार्रवाई का साहसिक फैसला लिया।
- चीन सीमा पर जनरल सगत सिंह की भव्य मूर्ति स्थापित की गई है, जिसके लिए माथुर ने राठौड़ का आभार जताया।
संबंधित खबरें
माथुर चुरू में आयोजित महान सेनानायक जनरल सगत सिंह राठौड़ की प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम में सम्बोधित कर रहे थे। इस मौके पर प्रदेश के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला समेत कई नेता मंच पर मौजूद रहे।
राजेंद्र राठौड़ पर मजेदार टिप्पणी
ओम माथुर ने अपने भाषण के दौरान हल्के-फुल्के अंदाज में पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ की ओर इशारा किया। उन्होंने जनता और कार्यकर्ताओं से कहा कि राठौड़ को अभी 'बाबोसा' मत बनाओ। माथुर ने चुटकी लेते हुए कहा कि राजेंद्र राठौड़ अभी युवा हैं और उनमें बहुत ऊर्जा बाकी है। उन्होंने मजाकिया लहजे में आगाह किया कि अगर उन्हें जल्दी 'बाबोसा' बना दिया गया, तो मामला गड़बड़ हो सकता है। माथुर ने कहा कि कहीं पार्टी उन्हें भी मेरी तरह किनारे करके गवर्नर बनाकर किसी राज्य में न भेज दे। इस बात पर वहां मौजूद सभी लोग और खुद राजेंद्र राठौड़ भी ठहाके लगाकर हंसने लगे।
सिक्किम में 'नाथुला विजय दिवस' की शुरुआत
संबंधित खबरें
राजनीति के बाद माथुर ने सिक्किम के राज्यपाल के तौर पर अपने गौरवशाली अनुभवों को जनता के सामने साझा किया। उन्होंने बताया कि सिक्किम में पहले 11 दिसंबर को केवल 'नाथुला दिवस' मनाया जाता था। लेकिन जब उन्होंने जनरल सगत सिंह के शौर्य और अदम्य साहस के इतिहास को गहराई से जाना, तो वे दंग रह गए। उन्होंने तुरंत राज्य सरकार से इसे 'नाथुला विजय दिवस' के रूप में मनाने का आग्रह किया, जिसे स्वीकार कर लिया गया। अब पूरे सिक्किम राज्य में इसे एक बड़े उत्सव और विजय पर्व के रूप में मनाया जाता है। यह जनरल सगत सिंह के बलिदान और जीत को दी गई एक सच्ची श्रद्धांजलि है।
1967 का वो ऐतिहासिक संघर्ष और चीन की हार
माथुर ने 1967 के उस कठिन दौर को याद किया जब एलएसी पर चीन के साथ भारी तनाव की स्थिति बनी हुई थी। जनरल सगत सिंह ने वहां स्थायी विवाद को रोकने के लिए अस्थायी तारबंदी करने का एक कड़ा फैसला लिया था। चीनियों को उस समय भ्रम था कि भारतीय सेना कमजोर है और वे आसानी से दबाव बना लेंगे। लेकिन जैसे ही तारबंदी का काम शुरू हुआ, चीन को अपना सिक्किम हड़पने का पुराना सपना टूटता हुआ नजर आने लगा। बौखलाहट में चीनी सेना ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें भारत के कई वीर जवान शहीद हो गए थे।
जब जनरल ने तोड़ा दिल्ली का 'नो फायर' आदेश
उस समय दिल्ली में बैठी उच्च कमान से बार-बार 'नो फायर' यानी गोली न चलाने के सख्त आदेश आ रहे थे। लेकिन राजस्थान के इस वीर सपूत जनरल सगत सिंह से अपने जवानों की शहादत और दुश्मन की हिमाकत बर्दाश्त नहीं हुई। उन्होंने उच्च कमान के आदेशों को दरकिनार करते हुए एक अत्यंत साहसिक और ऐतिहासिक कदम उठाने का फैसला किया। उन्होंने अपनी यूनिट को जवाबी फायरिंग का आदेश दिया और चीनी चौकियों को तबाह करने का निर्देश दिया।
चीन का सरेंडर और सफेद झंडा
भारतीय सेना की यह जवाबी कार्रवाई इतनी भीषण थी कि चीनी सेना के पैर उखड़ गए और उनके कैंपों में हाहाकार मच गया। नाथुला, चोला और जेलेपला की पहाड़ियों पर करीब 1300 चीनी सैनिक मारे गए थे। इस भारी नुकसान के बाद चीन को पहली बार सफेद झंडा दिखाकर पीछे हटने पर मजबूर होना पड़ा। माथुर ने बताया कि जब सरकार ने नाथुला खाली करने को कहा, तो जनरल ने सीना तानकर मना कर दिया था। उन्होंने स्पष्ट कहा था कि यह पोस्ट केवल उनकी अर्थी उठने पर ही खाली होगी, अन्यथा तिरंगा वहीं लहराता रहेगा।
चीन की छाती पर वीर की मूर्ति
आज चूरू के इस महान सपूत जनरल सगत सिंह की एक भव्य मूर्ति ठीक चीन की सीमा पर स्थापित की गई है। ओम माथुर ने इसके निर्माण में राजेंद्र राठौड़ द्वारा किए गए विशेष सहयोग के लिए उनका सार्वजनिक रूप से आभार व्यक्त किया। उन्होंने गर्व से कहा कि यह मूर्ति हमारे सैनिकों को हमेशा प्रेरित करती रहेगी। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने वहां उपस्थित सभी सैनिकों और आम जनता को सिक्किम आने का न्योता दिया। उन्होंने कहा कि आप सभी सिक्किम राजभवन आएं और बॉर्डर पर जाकर जनरल सगत सिंह के दर्शन जरूर करें।
ताज़ा खबरें
चूरू: ओम बिरला ने किया जनरल सगत सिंह की प्रतिमा का अनावरण, 1971 युद्ध के नायक की वीरता को किया सलाम
चूरू में लेफ्टिनेंट जनरल सगत सिंह की प्रतिमा का अनावरण: सीएम भजनलाल, ओम बिड़ला और ओम माथुर की उपस्थिति में गूंजा शौर्य का जयघोष
चूरू में उमड़ा जनसैलाब: लेफ्टिनेंट जनरल सगत सिंह राठौड़ की प्रतिमा का अनावरण, पराक्रम सिंह राठौड़ ने भरी विकास और शौर्य की हुंकार
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने चूरू में किया लेफ्टिनेंट जनरल सगत सिंह राठौड़ की प्रतिमा का अनावरण, सैनिक कल्याण के लिए बड़ी घोषणाएं