राजस्थान

ड्रोन से हेरोइन तस्करी: पाक की ड्रोन साजिश: 254 करोड़ की हेरोइन भेजी

बलजीत सिंह शेखावत · 20 जुलाई 2026, 02:22 दोपहर
श्रीगंगानगर में भारत-पाक सीमा पर ड्रोन से 1 किलो हेरोइन गिराई गई, एक आरोपी गिरफ्तार। इस साल अब तक 254 करोड़ की 45 किलो से ज्यादा हेरोइन बरामद हो चुकी है।

श्रीगंगानगर |

भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के जरिए मादक पदार्थों की तस्करी के प्रयास लगातार जारी हैं। रविवार को हिंदुमलकोट बॉर्डर क्षेत्र में ड्रोन के माध्यम से एक किलो हेरोइन की खेप भारतीय सीमा में गिराई गई।

घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि पूरे नेटवर्क की जांच जारी है।

सीमा पर ड्रोन से नशीली दवाओं की तस्करी

सीमा क्षेत्र में इस साल ड्रोन के जरिए हो रही तस्करी के आंकड़े सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं।

ड्रोन ड्रॉपिंग की ये घटनाएं श्रीगंगानगर जिले के करणपुर, रायसिंहनगर, रावला, हिंदुमलकोट, केसरी सिंहपुर, जैतसर तथा बीकानेर सेक्टर के खाजूवाला क्षेत्र तक फैल चुकी हैं।

कैसे काम करता है यह नेटवर्क?

अधिकांश मामलों में तस्कर रात के समय ड्रोन से खेतों में हेरोइन गिराते हैं। इस खेप को लेने के लिए पहले से ही स्थानीय संपर्क सक्रिय रहते हैं।

पुलिस, बीएसएफ, एनसीबी और सीआईडी ने संयुक्त कार्रवाई में कई तस्करों और स्थानीय सहयोगियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि कुछ स्थानीय युवक स्लीपर सेल के रूप में काम कर रहे थे।

254 करोड़ की हेरोइन बरामद

पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, साल 2026 में अब तक छह महीने 20 दिन की अवधि में पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के माध्यम से 45 किलो 808 ग्राम हेरोइन भारतीय सीमा में पहुंचाई जा चुकी है।

इसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 254 करोड़ रुपए आंकी गई है।

क्यों भेजी जा रही है हेरोइन?

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि सीमा पार से ड्रोन के जरिए हेरोइन और हथियार भेजना एक सुनियोजित रणनीति का हिस्सा है।

इसका उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों में नशे के नेटवर्क को मजबूत करना, युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेलना तथा भारत की आंतरिक सुरक्षा को चुनौती देना है।

इस साल ड्रोन ड्रॉपिंग की प्रमुख घटनाएं

 

*Edit with Google AI Studio

← पूरा आर्टिकल पढ़ें (Full Version)