राजस्थान

पाली महापौर चुनाव में घमासान: पाली महापौर चुनाव: कांग्रेस से सुमित्रा, भाजपा से नमिता; निर्दलीयों ने बढ़ाया मुकाबला

Pradeep Beedawat · 16 सितम्बर 2026, 06:15 शाम
पाली नगर निगम महापौर चुनाव में कांग्रेस की सुमित्रा जैन और भाजपा की नमिता बुबकिया अधिकृत प्रत्याशी हैं। राजबाला हिंगड़, पुष्पा सोमनानी, कुसुम सोनी और राशिदा मोहसिन खत्री ने भी नामांकन दाखिल किया है। कांग्रेस के पास 29, भाजपा के पास 21 और निर्दलीयों के पास 15 सीटें हैं।

पाली | नगर निगम महापौर चुनाव में नामांकन के साथ ही राजनीतिक समीकरण रोचक हो गए हैं। कांग्रेस ने सुमित्रा जैन को अधिकृत प्रत्याशी बनाते हुए उनका पार्टी सिंबल जमा करवा दिया है, जबकि भाजपा ने नमिता बुबकिया को मैदान में उतारा है। कांग्रेस की राजबाला हिंगड़ सहित निर्दलीय पुष्पा सोमनानी, भाजपा की बागी कुसुम सोनी और राशिदा मोहसिन खत्री ने भी दावेदारी पेश की है।

महापौर पद के लिए कुल 10 नामांकन पत्र जमा हुए हैं। कांग्रेस और भाजपा में किसी के पास अपने दम पर बहुमत नहीं होने के कारण 15 निर्दलीय पार्षद बोर्ड गठन में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।

सिंबल जमा करवाकर लौट रहे विधायक के भाई से मारपीट

कांग्रेस प्रत्याशी सुमित्रा जैन का सिंबल जमा करवाकर लौट रहे विधायक भीमराज भाटी के छोटे भाई लक्ष्मी नारायण भाटी के साथ कथित मारपीट का मामला भी सामने आया है।

बताया गया है कि लक्ष्मी नारायण भाटी की स्कूटी को एक वाहन से टक्कर मारकर गिराया गया और इसके बाद उनके साथ लात-घूंसों से मारपीट की गई। घटना के बाद वे शिकायत देने कोतवाली थाने पहुंचे। घटना की परिस्थितियों और हमलावरों के संबंध में पुलिस की जांच तथा आधिकारिक पुष्टि सामने आना बाकी है।

कांग्रेस ने सुमित्रा जैन को दिया सिंबल

कांग्रेस की ओर से शुरुआत में सुमित्रा जैन और राजबाला हिंगड़ ने दावेदारी पेश की थी। सुमित्रा जैन ने नामांकन के समय कहा था कि पार्टी जिसे सिंबल देगी, वे उसके साथ रहेंगी। बाद में कांग्रेस ने उनके नाम को अंतिम रूप देते हुए पार्टी का सिंबल जमा करवा दिया।

सुमित्रा जैन के प्रस्तावक के रूप में पार्षद भंवर राव और नजमा शेख उनके साथ रहे। राजबाला हिंगड़ ने कांग्रेस और निर्दलीय श्रेणी से नामांकन दाखिल किया था। नामांकन के दौरान राजबाला हिंगड़ और सुमित्रा जैन एक-दूसरे से गले मिलीं और पार्टी में एकजुटता का संदेश देने का प्रयास किया।

भाजपा ने नमिता बुबकिया को बनाया प्रत्याशी

भाजपा ने वार्ड संख्या 33 से पहली बार पार्षद बनीं नमिता बुबकिया को महापौर प्रत्याशी बनाया है। नामांकन के दौरान पूर्व सांसद पुष्प जैन, पूर्व विधायक ज्ञानचंद पारख और भाजपा जिलाध्यक्ष सुनील भंडारी मौजूद रहे।

नमिता बुबकिया ने कहा कि भाजपा मजबूत है और उच्च नेतृत्व ने आवश्यक राजनीतिक व्यवस्था कर ली है। पाली भाजपा चुनाव प्रभारी ओमप्रकाश भड़ाना ने दावा किया कि पार्टी के 21 पार्षद दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं और 21 सितंबर को कमल खिलेगा।

निर्दलीय पुष्पा सोमनानी का बड़ा दावा

निर्दलीय पुष्पा सोमनानी ने दो नामांकन पत्र दाखिल किए। उन्होंने दावा किया कि निर्दलीय पार्षदों के साथ कांग्रेस और भाजपा के कुछ पार्षद भी उनके संपर्क में हैं। उनके अनुसार, पर्याप्त समर्थन की उम्मीद के कारण ही उन्होंने महापौर पद के लिए दावेदारी की है।

पुष्पा सोमनानी के दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। राजनीतिक तस्वीर मतदान के समय पार्षदों के वास्तविक रुख के बाद ही स्पष्ट होगी।

भाजपा की बागी कुसुम सोनी भी मैदान में

भाजपा से बगावत कर निर्दलीय चुनाव जीतने वाली कुसुम सोनी ने भी महापौर पद के लिए नामांकन दाखिल किया। उन्होंने दावा किया कि चार निर्दलीय पार्षद साथ हैं और राजनीतिक पत्ते बाद में खोले जाएंगे।

कुसुम सोनी ने कहा कि उनके साथ कई पार्षद हैं और तुरुप का पत्ता कहां जाकर बैठता है, यह आगे स्पष्ट होगा। उनकी दावेदारी से भाजपा के लिए अपने खेमे और बागी पार्षदों को साधने की चुनौती बढ़ गई है।

राशिदा मोहसिन खत्री ने भी भरा पर्चा

वार्ड संख्या 30 से दूसरी बार निर्दलीय पार्षद निर्वाचित हुईं राशिदा मोहसिन खत्री ने भी महापौर पद के लिए नामांकन दाखिल किया है। मुस्लिम समाज के निर्वाचित पार्षदों के बीच महापौर पद पर प्रतिनिधित्व की मांग को उनकी दावेदारी से जोड़कर देखा जा रहा है।

महापौर पद के लिए 10 नामांकन

भाजपा प्रत्याशी नमिता बुबकिया की ओर से दो नामांकन पत्र दाखिल किए गए। कांग्रेस खेमे से राजबाला हिंगड़ और सुमित्रा जैन ने कुल चार नामांकन जमा किए। निर्दलीय श्रेणी में पुष्पा सोमनानी ने दो, कुसुम सोनी ने एक और राशिदा मोहसिन खत्री ने एक नामांकन पत्र दाखिल किया। इस प्रकार कुल 10 नामांकन पत्र जमा हुए हैं।

कांग्रेस को चार और भाजपा को 12 मतों की जरूरत

पाली नगर निगम में कुल 65 पार्षद हैं और बोर्ड बनाने के लिए 33 मतों की आवश्यकता है। कांग्रेस के 29 पार्षद निर्वाचित हुए हैं, इसलिए उसे बहुमत के लिए चार अतिरिक्त मत चाहिए।

भाजपा के पास 21 पार्षद हैं और उसे बहुमत के लिए 12 अतिरिक्त मतों की आवश्यकता है। भाजपा से बगावत कर चुनाव जीते पांच निर्दलीय भी यदि पार्टी के साथ आते हैं, तो उसका आंकड़ा 26 तक पहुंचेगा और फिर भी उसे सात अन्य पार्षदों का समर्थन जुटाना होगा।

नगर निगम में कुल 15 निर्दलीय पार्षद निर्वाचित हुए हैं। इनमें से 10 को कांग्रेस समर्थित और पांच को भाजपा के बागी खेमे से जुड़ा बताया जा रहा है। हालांकि मतदान के समय उनका वास्तविक रुख ही बोर्ड की तस्वीर तय करेगा।

कौन हैं नमिता बुबकिया?

नमिता बुबकिया पूर्व पार्षद विकास बुबकिया की पत्नी हैं। उन्होंने वार्ड संख्या 33 से कांग्रेस प्रत्याशी सोहनलाल को 90 मतों से हराया था। 47 वर्षीय नमिता बीकॉम तक शिक्षित हैं और केमिकल व्यवसाय से जुड़ी हुई हैं। यह उनका पहला चुनाव है।

निर्दलीय और क्रॉस वोटिंग तय करेंगे बोर्ड

नाम वापसी के बाद ही स्पष्ट होगा कि महापौर पद के चुनाव में कितने प्रत्याशी मैदान में रहते हैं। फिलहाल कांग्रेस संख्या बल के आधार पर बोर्ड बनाने के सबसे नजदीक है, लेकिन निर्दलीय प्रत्याशियों के दावे और संभावित क्रॉस वोटिंग ने मुकाबले को खुला बना दिया है।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या कांग्रेस चार अतिरिक्त पार्षदों का समर्थन जुटा पाएगी या भाजपा अपने 21 पार्षदों के साथ निर्दलीयों और दूसरे खेमे में सेंध लगाकर राजनीतिक उलटफेर करेगी।

← पूरा आर्टिकल पढ़ें (Full Version)