पाली | नगर निगम महापौर पद के चुनाव की तस्वीर नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद साफ हो गई है। अंतिम दिन शुक्रवार को दोपहर तीन बजे तक कुसुम सोनी, पुष्पा सोमनानी और राशिदा बानो ने अपने नामांकन वापस ले लिए। इसके बाद अब महापौर पद के लिए कांग्रेस की सुमित्रा जैन, भाजपा की नमिता बुबकिया और निर्दलीय राजबाला हिंगड़ के बीच त्रिकोणीय मुकाबला होगा।
नगर निगम के निर्वाचित पार्षद 21 सितंबर को मतदान कर पाली का नया महापौर चुनेंगे। कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने के बाद निर्दलीय मैदान में उतरीं राजबाला हिंगड़ की मौजूदगी ने मुकाबले को रोचक बना दिया है।
तीन प्रत्याशियों ने चुनाव मैदान छोड़ा
नाम वापसी के अंतिम दिन कुसुम सोनी, पुष्पा सोमनानी और राशिदा बानो ने अपने नामांकन वापस ले लिए। तीनों प्रत्याशियों ने नाम वापस लेने का कारण अपने पक्ष में पर्याप्त राजनीतिक समीकरण बनते दिखाई नहीं देना बताया।
इन तीनों के नाम वापस लेने के बाद अब महापौर पद के चुनाव में केवल तीन प्रत्याशी रह गए हैं। नाम वापसी से पहले निर्दलीय प्रत्याशियों की संख्या अधिक होने के कारण मुकाबला बहुकोणीय नजर आ रहा था।
सुमित्रा जैन कांग्रेस की अधिकृत प्रत्याशी
कांग्रेस ने सुमित्रा जैन को महापौर पद के लिए अपना अधिकृत प्रत्याशी बनाया है। पार्टी की ओर से उनके नाम पर चुनाव चिह्न संबंधी प्रपत्र भी जमा करवाया गया था।
पाली नगर निगम में कांग्रेस के 29 पार्षद निर्वाचित हुए हैं। बहुमत के लिए 33 मतों की आवश्यकता है। ऐसे में कांग्रेस को अपने सभी पार्षदों को एकजुट रखने के साथ कम से कम चार अतिरिक्त पार्षदों का समर्थन जुटाना होगा।
भाजपा की ओर से नमिता बुबकिया मैदान में
भाजपा ने वार्ड संख्या 33 से पहली बार पार्षद बनीं नमिता बुबकिया को महापौर पद का प्रत्याशी बनाया है। भाजपा के पास नगर निगम में 21 पार्षद हैं और बहुमत तक पहुंचने के लिए उसे 12 अतिरिक्त मतों की आवश्यकता होगी।
पार्टी निर्दलीय और भाजपा से बगावत कर चुनाव जीते पार्षदों के समर्थन का समीकरण बनाने में जुटी है। भाजपा नेतृत्व ने महापौर चुनाव में जीत का दावा किया है, लेकिन उसके लिए दूसरे खेमों में बड़ी सेंध लगाना आवश्यक होगा।
टिकट नहीं मिलने पर राजबाला ने की बगावत
राजबाला हिंगड़ कांग्रेस की ओर से महापौर पद की दावेदारी कर रही थीं, लेकिन पार्टी ने सुमित्रा जैन के नाम पर अंतिम मुहर लगा दी। इसके बाद राजबाला ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में बने रहने का निर्णय लिया।
नाम वापसी की समय सीमा समाप्त होने के बाद राजबाला हिंगड़ को ‘सोफा’ चुनाव चिह्न आवंटित किया गया है। उनकी दावेदारी से कांग्रेस के मतों में संभावित विभाजन और क्रॉस वोटिंग की चर्चा तेज हो गई है।
पूर्व सभापति प्रदीप हिंगड़ ने लगाया था गड़बड़ी का आरोप
पूर्व सभापति प्रदीप हिंगड़ ने आरोप लगाया था कि जयपुर स्थित कांग्रेस मुख्यालय से उनकी पत्नी राजबाला हिंगड़ के नाम पर सिंबल भेजा गया था, लेकिन पाली पहुंचने के बाद इसमें कथित रूप से गड़बड़ी कर दी गई।
उन्होंने इसे पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता के साथ धोखा बताते हुए कहा था कि राजबाला निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़कर अपनी राजनीतिक ताकत साबित करेंगी। हालांकि कांग्रेस की ओर से सुमित्रा जैन को ही आधिकारिक प्रत्याशी घोषित किया गया है। प्रदीप हिंगड़ के आरोपों पर पार्टी का विस्तृत जवाब सामने आना बाकी है।
छह प्रत्याशियों ने दाखिल किए थे 10 नामांकन
रिटर्निंग अधिकारी शैलेन्द्र सिंह के अनुसार महापौर पद के लिए छह प्रत्याशियों ने कुल 10 नाम निर्देशन पत्र प्रस्तुत किए थे। गुरुवार को सभी नामांकन पत्रों की संवीक्षा की गई और जांच के बाद सभी छह प्रत्याशी चुनाव मैदान में बने हुए थे।
शुक्रवार को नाम वापसी की प्रक्रिया के दौरान तीन प्रत्याशियों ने अपने नाम वापस ले लिए। इसके बाद अंतिम रूप से तीन प्रत्याशी चुनाव मैदान में रह गए हैं।
निर्दलीय पार्षदों के हाथ में चुनाव की चाबी
पाली नगर निगम में कुल 65 पार्षद हैं। इनमें कांग्रेस के 29, भाजपा के 21 और 15 निर्दलीय पार्षद निर्वाचित हुए हैं। महापौर बनने के लिए किसी भी प्रत्याशी को कम से कम 33 मतों की आवश्यकता होगी।
संख्या बल के अनुसार कांग्रेस बहुमत के सबसे करीब है, लेकिन राजबाला हिंगड़ की बगावत ने उसके सामने अपने पार्षदों को एकजुट रखने की चुनौती खड़ी कर दी है। भाजपा के पास संख्या कम है, लेकिन संभावित क्रॉस वोटिंग और निर्दलीयों के समर्थन के जरिए वह मुकाबले को पलटने की कोशिश कर सकती है।
उपमहापौर चुनाव की भी तैयारियां शुरू
महापौर चुनाव के साथ उपमहापौर पद को लेकर भी राजनीतिक गतिविधियां शुरू हो गई हैं। उपमहापौर पद के लिए मेहबूब टी. दो नामांकन पत्र लेकर गए हैं। महापौर का चुनाव होने के बाद उपमहापौर पद के लिए चुनावी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
21 सितंबर को होगा अंतिम फैसला
पाली नगर निगम के निर्वाचित पार्षद 21 सितंबर को महापौर पद के लिए मतदान करेंगे। चुनाव में पार्टी अनुशासन, निर्दलीय पार्षदों का रुख और संभावित क्रॉस वोटिंग निर्णायक भूमिका निभाएगी।
फिलहाल कांग्रेस की सुमित्रा जैन संख्या बल के आधार पर मजबूत दिखाई दे रही हैं, भाजपा की नमिता बुबकिया राजनीतिक उलटफेर की उम्मीद में हैं और निर्दलीय राजबाला हिंगड़ दोनों प्रमुख दलों के समीकरण प्रभावित करने की स्थिति में हैं। अब मतदान के दिन ही स्पष्ट होगा कि पाली नगर निगम की कमान किसके हाथ में जाती है।