पाली | राजस्थान के पाली जिले में आस्था और श्रद्धा का महापर्व 'नगर परिक्रमा' एक बार फिर शुरू होने जा रहा है। पाली अधिकमास धर्मार्थ सेवा संस्थान के बैनर तले इस विशाल धार्मिक आयोजन की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।
इस वर्ष यह परिक्रमा 8 जून से 10 जून तक आयोजित की जाएगी। तीन दिनों तक चलने वाली इस 45 किलोमीटर लंबी यात्रा में हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद जताई जा रही है।
नगर परिक्रमा की स्वर्ण जयंती और भव्य तैयारियां
आयोजन की रूपरेखा तैयार करने के लिए मानपुरा भाकरी स्थित जबरेश्वर महादेव मंदिर परिसर में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में लगभग 400 कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
संस्थान के पदाधिकारियों ने बताया कि यह वर्ष परिक्रमा का गोल्डन जुबली यानी स्वर्ण जयंती वर्ष है। इसे देखते हुए इस बार आयोजन को और भी अधिक भव्य और अनुशासित बनाने का संकल्प लिया गया है।
बैठक के दौरान सभी कार्यकर्ताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। आयोजन समिति ने सनातन प्रेमियों की भारी भीड़ को देखते हुए युद्ध स्तर पर प्रबंध शुरू कर दिए हैं।
श्रद्धालुओं के लिए रियायती दरों पर विशेष खान-पान
संस्थान के सचिव कैलाश टवाणी ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए खान-पान की दरें बहुत कम रखी गई हैं। सेवा भावना को सर्वोपरि रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
इस बार पदयात्रियों को मात्र 2 रुपये में चाय और छाछ उपलब्ध करवाई जाएगी। इसके अलावा, 10 रुपये में मिठाई और 10 रुपये में ही पौष्टिक सब्जी-पुड़ी का वितरण किया जाएगा।
नाश्ते के लिए कोपता मात्र 5 रुपये में मिलेगा। इन रियायती दरों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी श्रद्धालु भूखा न रहे और यात्रा सुगमता से पूर्ण हो सके।
विश्राम स्थलों पर सुरक्षा और अनुशासन के कड़े प्रबंध
हजारों पदयात्रियों के विश्राम के लिए शहर के विभिन्न स्थानों पर विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। भोजन प्रसादी और कूपन वितरण के लिए अलग-अलग काउंटर बनाए जाएंगे।
अव्यवस्थाओं को रोकने के लिए प्रत्येक प्रमुख स्थान पर कमांडिंग अधिकारी तैनात रहेंगे। ये अधिकारी अनुशासन बनाए रखने और श्रद्धालुओं की सहायता के लिए हर समय तत्पर रहेंगे।
"इस बार नगर परिक्रमा अपना गोल्डन जुबली वर्ष मना रही है। इसे देखते हुए आयोजन समिति ने बड़ी संख्या में सनातन प्रेमियों के आने की संभावना जताई है।"
संस्थान के अध्यक्ष प्रदीप कच्छवाह और कोषाध्यक्ष शांतिलाल सोनी ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया है कि वे इस आयोजन को सफल बनाने के लिए पूरी निष्ठा से जुट जाएं।
तीन दिवसीय यात्रा का विस्तृत कार्यक्रम और मार्ग
नगर परिक्रमा का औपचारिक शुभारंभ 8 जून को सुबह 8:30 बजे सोमनाथ मंदिर से होगा। पहले दिन की यात्रा के बाद श्रद्धालु मानपुरा भाकरी में रात्रि विश्राम करेंगे।
दूसरे दिन, 9 जून को सुबह 5 बजे यात्रा पुनः शुरू होगी। यह शहर के विभिन्न मुख्य मार्गों से गुजरते हुए कृषि मंडी और हाउसिंग बोर्ड तक पहुंचेगी।
10 जून को यात्रा का अंतिम चरण होगा। सुबह 5 बजे कृषि मंडी से प्रस्थान कर दोपहर में पदयात्रा लाखोटिया रंगमंच पहुंचेगी। शाम को सोमनाथ मंदिर में इसका समापन होगा।
परिक्रमा का ऐतिहासिक महत्व और सामाजिक सरोकार
इस ऐतिहासिक परिक्रमा की शुरुआत वर्ष 1976 में जोधपुर की तर्ज पर हुई थी। प्रारंभ में यह केवल एक दिवसीय यात्रा थी, जिसे बाद में जनभावनाओं को देखते हुए तीन दिवसीय किया गया।
स्वर्गीय मुफतलाल बजाज और स्वर्गीय परसराम टवाणी जैसे महानुभावों ने इसकी नींव रखी थी। आज यह आयोजन पाली की सांस्कृतिक पहचान बन चुका है और पूरे शहर का सहयोग मिलता है।
परिक्रमा के दौरान एकत्रित दान राशि का उपयोग जनकल्याण के कार्यों में किया जाता है। बची हुई राशि को मानपुरा भाकरी स्थित जबरेश्वर महादेव मंदिर के विकास में लगाया जाता है।
यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक एकता और सेवा भाव को भी मजबूत करता है। इस बार की स्वर्ण जयंती यात्रा पाली के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज होगी।
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