बीकानेर | लूणकरणसर के सरकारी अस्पताल के एक डॉक्टर द्वारा अस्पताल के बजाय अपने घर में मरीज का ऑपरेशन किए जाने और इसके बाद मरीज की तबीयत बिगड़ने से मौत होने का मामला सामने आया है। परिजनों ने संबंधित डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही बरतने और 2 हजार रुपए लेने का आरोप लगाया है। हालांकि, डॉक्टर की ओर से लगाए गए आरोपों पर अभी कोई पक्ष सामने नहीं आया है।
घर पर ऑपरेशन के बाद बिगड़ी मरीज की हालत
परिजनों के अनुसार, सुभाष का 16 अगस्त को संबंधित डॉक्टर ने अपने घर पर ऑपरेशन किया था। आरोप है कि ऑपरेशन के करीब 20 मिनट बाद ही मरीज को वापस सरकारी अस्पताल भेज दिया गया। इसके बाद मरीज की तबीयत लगातार बिगड़ती रही, लेकिन परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर दोबारा मरीज को देखने नहीं पहुंचे।
शाम तक मरीज की हालत गंभीर होने पर परिजन उसे बीकानेर के पीबीएम अस्पताल के मूंधड़ा मेडिसिन विंग लेकर पहुंचे। यहां मरीज का उपचार शुरू किया गया और उसे ऑक्सीजन भी लगाई गई। हालांकि, उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
डॉक्टर पर 2 हजार रुपए लेने का आरोप
मृतक के भाई की ओर से दी गई शिकायत में संबंधित डॉक्टर पर 2 हजार रुपए लेने का आरोप भी लगाया गया है। शिकायत के अनुसार, डॉक्टर को 500 रुपए नकद और 1500 रुपए यूपीआई के माध्यम से दिए गए थे। शिकायत में यूपीआई नंबर का भी उल्लेख किए जाने की बात कही गई है।
जांच और कार्रवाई की मांग
मृतक के परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जांच में डॉक्टर को दोषी पाए जाने पर उसके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। परिजनों का आरोप है कि यदि समय पर उचित उपचार और चिकित्सकीय देखरेख मिलती तो मरीज की स्थिति को संभाला जा सकता था।
जांच के बाद स्पष्ट होगी आरोपों की वास्तविकता
मामले में डॉक्टर की ओर से लगाए गए आरोपों पर फिलहाल कोई आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है। मरीज की मौत के वास्तविक कारण, ऑपरेशन की परिस्थितियों और लगाए गए अन्य आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।