मुल्लांपुर | इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के पांचवें मुकाबले में क्रिकेट प्रेमियों को एक नया सितारा मिल गया है। पंजाब किंग्स के लिए अपना पहला मैच खेल रहे ऑस्ट्रेलियाई युवा बल्लेबाज कूपर कोनोली ने अपनी बल्लेबाजी से कोहराम मचा दिया।
महाराजा यादविन्द्र सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में पंजाब किंग्स ने गुजरात टाइटंस को 3 विकेट से हरा दिया। इस जीत के सबसे बड़े नायक 22 साल के कूपर कोनोली रहे, जिन्होंने मुश्किल समय में टीम की कमान संभाली।
मैच की शुरुआत में गुजरात टाइटंस ने पहले बल्लेबाजी करते हुए एक चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया था। पंजाब की शुरुआत अच्छी रही, लेकिन बीच के ओवरों में गुजरात के गेंदबाजों ने जोरदार वापसी की।
प्रसिद्ध कृष्णा का कहर और पंजाब की मुश्किलें
एक समय पंजाब किंग्स की टीम काफी मजबूत स्थिति में नजर आ रही थी। उसे जीत के लिए 48 गेंदों पर केवल 53 रनों की दरकार थी और उसके 8 विकेट सुरक्षित थे।
तभी गुजरात के कप्तान ने गेंद प्रसिद्ध कृष्णा को थमाई। आईपीएल 2025 के पर्पल कैप विजेता प्रसिद्ध ने मैच का पासा पलट दिया। उन्होंने अपने दो ओवरों में पंजाब के तीन महत्वपूर्ण विकेट चटकाए।
पंजाब का स्कोर 110/2 से देखते ही देखते 121/6 हो गया। मैदान पर सन्नाटा पसर गया था और ऐसा लग रहा था कि गुजरात टाइटंस यह मैच आसानी से जीत लेगी।
कूपर कोनोली: संकट मोचन बनकर उभरे
जब टीम संकट में थी, तब क्रीज पर मौजूद कूपर कोनोली ने अपना धैर्य नहीं खोया। उन्होंने न केवल विकेट बचाए, बल्कि तेजी से रन बनाकर दबाव को गुजरात पर वापस डाल दिया।
16वें ओवर में कोनोली ने कगिसो रबाडा की एक तेज बाउंसर पर शानदार पुल शॉट खेलकर छक्का जड़ा। इसी ओवर में उन्होंने अपना पहला आईपीएल अर्धशतक भी पूरा किया।
कोनोली ने अपनी पारी के दौरान 44 गेंदों का सामना किया और नाबाद 72 रन बनाए। उनकी इस विस्फोटक पारी में 5 गगनचुंबी छक्के और 5 शानदार चौके शामिल थे।
ऐतिहासिक डेब्यू और बड़े रिकॉर्ड
कूपर कोनोली का यह स्कोर आईपीएल इतिहास में डेब्यू पर किसी बल्लेबाज द्वारा बनाया गया पांचवां सबसे बड़ा स्कोर है। इस सूची में ब्रेंडन मैकुलम और माइकल हसी जैसे दिग्गज शामिल हैं।
दिलचस्प बात यह है कि अब तक किसी भी भारतीय बल्लेबाज ने अपने आईपीएल डेब्यू पर इतने रन नहीं बनाए हैं। कोनोली ने साबित कर दिया कि वे भविष्य के बड़े खिलाड़ी हैं।
पारी के अंत में जेवियर बार्टलेट ने भी कोनोली का अच्छा साथ दिया। बार्टलेट ने एक महत्वपूर्ण छक्का जड़कर मैच को पंजाब के पक्ष में पूरी तरह झुका दिया।
गुजरात टाइटंस की बल्लेबाजी का विश्लेषण
इससे पहले, गुजरात टाइटंस की पारी की शुरुआत शुभमन गिल और जोस बटलर ने की थी। गिल ने 39 और बटलर ने 37 रनों का योगदान दिया, जिससे टीम को अच्छी शुरुआत मिली।
हालांकि, इन दोनों के आउट होते ही गुजरात का मध्यक्रम लड़खड़ा गया। पुरानी गेंद पर पंजाब के गेंदबाजों ने कटर और स्लोअर गेंदों का बेहतरीन इस्तेमाल किया।
युजवेंद्र चहल ने एक बार फिर अपनी फिरकी का जादू दिखाया और दो महत्वपूर्ण विकेट लिए। वहीं, विजयकुमार व्यशाक ने तीन विकेट लेकर गुजरात की रनों की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया।
मैच का निर्णायक मोड़
मोहम्मद सिराज ने शुरुआती ओवरों में काफी किफायती गेंदबाजी की थी, लेकिन उन्हें दोबारा स्पेल के लिए नहीं बुलाया गया। यह फैसला गुजरात के लिए थोड़ा महंगा साबित हुआ।
पंजाब किंग्स के लिए प्रभसिमरन सिंह ने भी शीर्ष क्रम में उपयोगी पारी खेली। उनकी छोटी लेकिन आक्रामक पारी ने टीम को वह लय दी, जिसकी उसे लक्ष्य का पीछा करते समय जरूरत थी।
अंततः, कूपर कोनोली ने चौका मारकर मैच को समाप्त किया और पंजाब किंग्स को टूर्नामेंट की एक और यादगार जीत दिलाई। इस जीत के साथ पंजाब ने अंक तालिका में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है।