खेल

पेशावर जाल्मी बनी PCL चैंपियन: PCL Final: बाबर आजम की पेशावर जाल्मी बनी चैंपियन, हैदराबाद को हराया

बलजीत सिंह शेखावत · 04 मई 2026, 11:02 दोपहर
पेशावर जाल्मी ने हैदराबाद किंग्समेन को हराकर 2017 के बाद पहली बार खिताब अपने नाम किया।

लाहौर | पाकिस्तान क्रिकेट लीग के रोमांचक फाइनल में पेशावर जाल्मी ने हैदराबाद किंग्समेन को 5 विकेट से हराकर खिताब जीत लिया। लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में पेशावर ने सात साल का लंबा सूखा खत्म किया।

बाबर आजम की कप्तानी वाली टीम ने 2017 के बाद पहली बार चैंपियनशिप जीतकर इतिहास रच दिया। टीम ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार खेल दिखाया और फाइनल में भी अपना दबदबा बनाए रखा।

हैदराबाद की बल्लेबाजी हुई ढेर

फाइनल मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करने उतरी हैदराबाद किंग्समेन की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम के बल्लेबाज पेशावर की घातक गेंदबाजी के सामने टिक नहीं सके और 18 ओवर में केवल 129 रन पर सिमट गई।

हैदराबाद की ओर से सैम अयूब ने 50 गेंदों पर 54 रनों की संघर्षपूर्ण पारी खेली। हालांकि, उन्हें दूसरे छोर से किसी भी बल्लेबाज का साथ नहीं मिला, जिससे टीम बड़ा स्कोर खड़ा करने में विफल रही।

पेशावर के गेंदबाजों ने सटीक लाइन और लेंथ से विपक्षी टीम को बांधे रखा। हैदराबाद की टीम एक समय 71/2 के स्कोर पर मजबूत दिख रही थी, लेकिन फिर अचानक विकेटों की झड़ी लग गई।

एरॉन हार्डी का घातक गेंदबाजी स्पेल

पेशावर के तेज गेंदबाज एरॉन हार्डी ने अपनी गेंदबाजी से तहलका मचा दिया। उन्होंने 27 रन देकर 4 महत्वपूर्ण विकेट झटके, जिसने हैदराबाद की बल्लेबाजी की कमर तोड़ कर रख दी।

हार्डी के अलावा नाहिद राणा ने 22 रन देकर 2 विकेट लिए, जबकि सूफियान मुकीम ने 23 रन देकर एक विकेट चटकाया। इन गेंदबाजों ने टीम को मैच में शुरुआती बढ़त दिलाई।

पेशावर जाल्मी की शानदार वापसी

130 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पेशावर जाल्मी की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही। टीम ने महज 33 रनों के स्कोर पर अपने तीन मुख्य विकेट गंवा दिए थे, जिससे मैच रोमांचक हो गया।

इसके बाद एरॉन हार्डी और अब्दुल समद ने मोर्चा संभाला। दोनों बल्लेबाजों के बीच हुई 85 रनों की मैच जिताऊ साझेदारी ने पेशावर की जीत सुनिश्चित कर दी और हैदराबाद की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

एरॉन हार्डी ने 39 गेंदों पर 56 रनों की अर्धशतकीय पारी खेली। उनकी इस पारी में कई आकर्षक शॉट शामिल थे, जिसने स्टेडियम में मौजूद दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।

दूसरी ओर अब्दुल समद ने भी 34 गेंदों पर 48 रनों का बहुमूल्य योगदान दिया। इन दोनों की सूझबूझ भरी बल्लेबाजी की बदौलत पेशावर ने 15.2 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया।

बाबर आजम का शानदार फॉर्म

पेशावर जाल्मी की इस खिताबी जीत में कप्तान बाबर आजम की भूमिका सबसे अहम रही। हालांकि वे फाइनल में बड़ा स्कोर नहीं बना सके, लेकिन पूरे टूर्नामेंट में उनका बल्ला जमकर बोला।

बाबर आजम ने इस सीजन में 73 की औसत और 145 के स्ट्राइक रेट से कुल 588 रन बनाए। उनके इस प्रदर्शन में दो शानदार शतक भी शामिल हैं, जो उनकी क्लास को दर्शाते हैं।

"यह जीत हमारी टीम की मेहनत का नतीजा है। लड़कों ने पूरे टूर्नामेंट में जिस तरह का जज्बा दिखाया, वह काबिले तारीफ है। हम अपने प्रशंसकों के लिए यह ट्रॉफी जीतना चाहते थे।"

सूफियान मुकीम बने प्लेयर ऑफ द सीरीज

पेशावर के युवा स्पिनर सूफियान मुकीम ने अपनी फिरकी से सभी को प्रभावित किया। 26 साल के इस खिलाड़ी ने टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा 22 विकेट अपने नाम किए।

मुकीम को उनके शानदार गेंदबाजी प्रदर्शन के लिए 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' के पुरस्कार से नवाजा गया। उनकी गुगली और स्पिन को समझना दुनिया के बड़े-बड़े बल्लेबाजों के लिए भी मुश्किल साबित हुआ।

मुकीम ने 14 मैचों में औसतन 14 की स्ट्राइक रेट से विकेट चटकाए। वे इस सीजन के सबसे सफल गेंदबाज रहे और पेशावर की जीत में उनकी गेंदबाजी का बड़ा योगदान रहा।

पेशावर की ऐतिहासिक उपलब्धि

पेशावर जाल्मी ने इस पूरे सीजन में केवल एक मैच हारा, जो उनकी निरंतरता को दर्शाता है। टीम का हर खिलाड़ी अपने रोल को बखूबी निभाने में सफल रहा, जिससे जीत आसान हो गई।

गद्दाफी स्टेडियम में जीत के बाद पेशावर के खिलाड़ियों ने जमकर जश्न मनाया। बाबर आजम की कप्तानी में मिली यह जीत टीम के मनोबल को सातवें आसमान पर ले गई है।

इस जीत ने यह भी साबित कर दिया है कि बाबर आजम टी20 प्रारूप में अब भी दुनिया के बेहतरीन कप्तानों और बल्लेबाजों में से एक हैं। उनकी कप्तानी की काफी सराहना की जा रही है।

कुल मिलाकर, पीसीएल का यह सीजन पेशावर जाल्मी के नाम रहा। टीम के संतुलन और व्यक्तिगत प्रदर्शन ने उन्हें चैंपियन बनाया। अब क्रिकेट प्रेमियों की नजरें बाबर आजम की अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी पर टिकी हैं।

*Edit with Google AI Studio

← पूरा आर्टिकल पढ़ें (Full Version)