राजस्थान: आगामी मानसून में पौधारोपण व चारागाह करें विकसित-मुख्य सचिव ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज

आगामी मानसून में पौधारोपण व चारागाह करें विकसित-मुख्य सचिव ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज
पौधारोपण की कार्ययोजना
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Highlights

अभय कुमार ने आगामी मानसून सीजन में प्रदेश में सघन पौधारोपण की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए

अभियान में आमजन की सहभागिता सुनिश्चित की जाए

घास के बीज का पर्याप्त इंतजाम करने के निर्देश दिए जिससे आगामी मानसून में राज्य में चारागाह विकसित हो सकें

जयपुर। अतिरिक्त मुख्य सचिव ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज अभय कुमार ने आगामी मानसून सीजन(monsoon season) में प्रदेश में सघन पौधारोपण(Plantation) की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव शनिवार को शासन सचिवालय के समिति कक्ष द्वितीय में इस संबंध में वीडियो कॉन्फ्रेंस(video conference) को सम्बोधित कर रहे थे।

उन्होंने निर्देश दिए कि सभी जिलों में जिला परिषद्(district council) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अपने जिले के जिला वन अधिकारी(District Forest Officer) से मिलकर अन्य विभागों के सहयोग से 25 मई तक आवश्यक रूप से कार्ययोजना तैयार करें। विद्यालयों, कार्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, सामुदायिक मैदान, सड़क के किनारे आदि में खाली भूमि पर स्थानीय जलवायु के अनुकूल पौधारोपण (Plantation) किया जाए।

इसके लिए उन्होंने सभी विभागों जैसे पंचायती राज, वन,शिक्षा,मनरेगा, जल संसाधन, नगर निगम, बागवानी(Horticulture), राजीविका आदि को साथ मिलकर इसे सफल बनाने में अपना पूर्ण सहयोग देने के निर्देश दिए।

अभय कुमार ने कहा कि पौधे लगाने के साथ ही उनकी सुरक्षा पर भी ध्यान दिया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि न केवल पौधे लगें बल्कि पनपें(flourish) भी। पौधे लगाने से पूर्व हर एक पौधे की जिओ टैगिंग(geo tagging), पौधरोपण स्थल की फेंसिंग(fencing of plantation site), पौधों की पर्याप्त उपलब्धता एक जून से 30 जून तक सुनिश्चित(ensure) करे। साथ ही सभी जिलों में एक जुलाई से 15 अगस्त तक पौधारोपण अभियान क्रियान्वित(implemented) किया जाये। उन्होंने कहा कि इस अभियान में आमजन की भागीदारी सुनिश्चित की जाए।

अभय कुमार ने विशेष रूप से घास के बीज की पर्याप्त व्यवस्था करने के निर्देश दिए जिससे आगामी मानसून में राज्य में चारागाह(pasture)विकसित हो सकें। उन्होंने कहा कि राजस्थान की अर्थव्यवस्था(economy) का मूल आधार पशुधन है। ऐसे में पशुधन के चारे के लिए व्यापक चारागाह का होना महत्वपूर्ण है। उन्होंने हर जिले को अपने घास के बीज बैंक को बढ़ाने और चारागाह को विकसित करने के निर्देश दिए जिससे प्राकृतिक वास(natural habitat) बना रहे। 


कृष्ण कुणाल शासन सचिव स्कूल शिक्षा ने कहा कि इस अभियान में परिवारों और समाज की जोड़ने को कोशिश करें।  शिक्षा विभाग को निर्देशित किया कि नवाचार कर आमजन को पौधारोपण(Plantation) के लिए प्रेरित करे। हर विद्यालय के नोडल अधिकारी  विद्यार्थियों को पौधा लगाने को प्रोत्साहित करें और निगरानी(monitoring) के लिए डैशबोर्ड(dashboard) और मोबाईल एप(Mobile app) की व्यवस्था सुनिश्चित करें।

रवि जैन आयुक्त एवं शासन सचिव पंचायती राज ने कहा कि मरुस्थल के प्रसार को रोकने और पशुधन के संरक्षण के लिए चारागाह को बढ़ावा देना आवश्यक है। बैठक में जिला वन मंडल अधिकारी, जिला परिषद् के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जल संसाधन तथा जलविभाजन(watershed) के जिला स्तरीय अधिकारी भी वीडियो कॉन्फ्रेंस(video conference) से जुड़े।

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