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India: आर्थिक सुनामी की चेतावनी, PM मोदी ने की हाई लेवल मीटिंग

जोगेन्द्र सिंह शेखावत · 07 जून 2026, 02:51 दोपहर
पश्चिम एशिया संकट के बीच पीएम मोदी ने आर्थिक सलाहकार परिषद के साथ बैठक की। राहुल गांधी ने जताई थी बड़ी आशंका।

नई दिल्ली | पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और विपक्ष की 'आर्थिक सुनामी' की चेतावनी के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक उच्च-स्तरीय बैठक की। उन्होंने प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (EAC-PM) के साथ देश के मौजूदा आर्थिक हालात की समीक्षा की।

क्यों हुई यह अहम बैठक?

यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम एशिया में संकट गहराता जा रहा है, जिसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। भारत भी इससे अछूता नहीं है।

हाल ही में, वित्त मंत्रालय और आरबीआई ने विदेशी निवेश को आकर्षित करने और रुपये को स्थिर करने के लिए कई उपायों की घोषणा की थी। जनवरी 2026 से रुपये में लगभग 6% की गिरावट देखी गई है।

परिषद के सदस्यों ने इस बैठक में पश्चिम एशिया संकट के संभावित प्रभावों का एक विस्तृत विश्लेषण प्रधानमंत्री के सामने प्रस्तुत किया।

राहुल गांधी की 'सुनामी' वाली चेतावनी

कांग्रेस नेता और विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने हाल ही में पश्चिम एशिया संकट के कारण देश पर 'आर्थिक सुनामी' का खतरा मंडराने की आशंका जताई थी।

हालांकि, वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था ने 7.8% की मजबूत वृद्धि दर दर्ज की थी। लेकिन कई अर्थशास्त्री आने वाली तिमाहियों में मंदी की आशंका जता रहे हैं।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने भी वित्त वर्ष 2026-27 के लिए जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान 6.9% से घटाकर 6.6% कर दिया है।

बैठक में किन मुद्दों पर हुई चर्चा?

बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि बैठक में महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।

पीएम मोदी ने कहा, "बैठक में भारत के आर्थिक परिवर्तन, दीर्घकालिक विकास लक्ष्यों, सुधारों को गति देने और ‘ईज ऑफ लिविंग’ व ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को और मजबूत बनाने जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।"

इसका उद्देश्य भारत की विकास यात्रा को और गति देना और नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाना है।

क्या है EAC-PM?

प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (EAC-PM) एक स्वतंत्र निकाय है। इसका मुख्य काम प्रधानमंत्री को आर्थिक और संबंधित मुद्दों पर सलाह देना है। परिषद का नेतृत्व एस. महेंद्र देव कर रहे हैं।

यह परिषद सरकार को देश की आर्थिक दिशा तय करने में मदद करने के लिए नीतिगत मुद्दों का विश्लेषण करती है और सुझाव देती है।

कुल मिलाकर, यह बैठक वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था को सुरक्षित रखने और विकास की गति को बनाए रखने के लिए सरकार की सक्रियता को दर्शाती है।

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