नई दिल्ली | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के यशोभूमि में इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC) 2026 का भव्य उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने देश में डिजिटल कनेक्टिविटी के क्रांतिकारी विस्तार पर चर्चा की।
पीएम मोदी ने कहा कि पहले डिजिटल डिवाइड एक बड़ी चुनौती थी। हालांकि, अब 5G कनेक्टिविटी देश के कोने-कोने तक पहुंच चुकी है, जिससे दूर-दराज के क्षेत्रों को लाभ मिल रहा है।
गवर्नेंस और शिक्षा का आधार बना मोबाइल
प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि पिछले 10-12 वर्षों में मोबाइल फोन सिर्फ बातचीत का साधन नहीं रहा। यह अब गवर्नेंस, शिक्षा और डिजिटल सेवाओं का एक अहम माध्यम बन गया है।
सस्ते इंटरनेट और मजबूत नेटवर्क के कारण गांवों में बच्चे ऑनलाइन एजुकेशन पा रहे हैं। 'दीक्षा' (DIKSHA) जैसे प्लेटफॉर्म्स ने शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी भूमिका निभाई है।
साइबर सुरक्षा के लिए वैश्विक सहयोग की मांग
नेटवर्क और फोन सिक्योरिटी को प्राथमिकता बताते हुए पीएम मोदी ने साइबर अपराध पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि साइबर फ्रॉड की कोई भौगोलिक सीमाएं नहीं होती हैं।
प्रधानमंत्री ने सुझाव दिया कि ऑनलाइन धोखाधड़ी को रोकने के लिए पूरी दुनिया को मिलकर एक ग्लोबल फ्रेमवर्क बनाना चाहिए। इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साइबर सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।
गेमिंग और कंटेंट क्रिएशन में भारत की प्रगति
पीएम मोदी ने बताया कि भारत में करीब 50 करोड़ लोग गेमिंग और ई-स्पोर्ट्स से जुड़े हैं। यह क्षेत्र युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खोल रहा है।
कंटेंट क्रिएशन इंडस्ट्री आज हजारों करोड़ रुपये का रूप ले चुकी है। सस्ते डेटा के फायदों के कारण भारतीय युवा इस क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं।
IMC 2026 की मुख्य विशेषताएं और तकनीक
इस बार IMC की थीम ‘Scale Without Boundaries’ रखी गई है। इस चार दिवसीय टेक शो में 5G, 6G और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का लाइव प्रदर्शन किया जा रहा है।
प्रदर्शनी में पहली बार स्मार्ट मोबिलिटी और इंडस्ट्रियल रोबोटिक्स जैसी नई तकनीकों को शामिल किया गया है। सैटेलाइट कम्युनिकेशन और IoT के क्षेत्र में भी नवाचार दिखाए जा रहे हैं।
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