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जोधपुर का नया एयरपोर्ट टर्मिनल: जोधपुर एयरपोर्ट: 480 करोड़ में बना वर्ल्ड-क्लास टर्मिनल
पीएम मोदी ने जोधपुर में 480 करोड़ की लागत से बने नए एयरपोर्ट टर्मिनल का उद्घाटन किया। यह टर्मिनल राजशाही लुक और 5-स्टार सुविधाओं से लैस है।
HIGHLIGHTS
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जोधपुर में 480 करोड़ रुपये की लागत से बने नए एयरपोर्ट टर्मिनल का उद्घाटन किया।
- यह टर्मिनल 2.52 लाख वर्ग फुट में फैला है और सालाना 20 लाख यात्रियों को संभालने की क्षमता रखता है।
- इसका डिजाइन राजपूताना और मेवाड़ स्थापत्य कला से प्रेरित है, जो इसे एक शाही महल जैसा लुक देता है।
- टर्मिनल को GRIHA 5-स्टार ग्रीन बिल्डिंग रेटिंग मिली है और यह पूरी तरह से पर्यावरण अनुकूल है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान के 'ब्लू सिटी' जोधपुर को एक विश्वस्तरीय और आधुनिक सुविधाओं से लैस नए एयरपोर्ट टर्मिनल भवन की ऐतिहासिक सौगात दी है। इस बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट से मारवाड़ क्षेत्र में पर्यटन, स्थानीय व्यापार और हवाई कनेक्टिविटी को जबरदस्त मजबूती मिलेगी।
जोधपुर का यह नया टर्मिनल सिर्फ एक इमारत नहीं, बल्कि राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और 21वीं सदी की अत्याधुनिक तकनीक का एक बेहतरीन संगम है। यह यहां आने वाले हर यात्री को एक शाही अहसास कराएगा।
नए एयरपोर्ट टर्मिनल की खासियतें
इस वर्ल्ड-क्लास टर्मिनल को कई खासियतों के साथ डिजाइन किया गया है, जो यात्रियों के अनुभव को पूरी तरह बदल देगा।
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480 करोड़ रुपये का विशाल बजट
इस आधुनिक और भव्य टर्मिनल भवन का निर्माण भारतीय विमानन प्राधिकरण (AAI) द्वारा लगभग 480 करोड़ रुपये की भारी लागत से किया गया है। यह निवेश राजस्थान के प्रमुख शहरों में अंतरराष्ट्रीय स्तर का इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
2.52 लाख वर्ग फुट का विशाल क्षेत्र
जोधपुर हवाई अड्डे का यह नया एकीकृत टर्मिनल भवन कुल 2.52 लाख वर्ग फुट (23,000 वर्ग मीटर से अधिक) के विशाल क्षेत्रफल में फैला हुआ है। इसके कारण यात्रियों को एयरपोर्ट के भीतर एक खुला, हवादार और आरामदायक माहौल मिलेगा।
सालाना 20 लाख यात्रियों की क्षमता
पिछले कुछ वर्षों में जोधपुर में हवाई यात्रियों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए, इस नए टर्मिनल को सालाना 20 लाख यात्रियों को सुगमता से संभालने के लिए डिजाइन किया गया है।
पीक ऑवर्स में बेहतरीन मैनेजमेंट
व्यस्ततम समय के दौरान यह नया टर्मिनल एक साथ लगभग 1,000 यात्रियों को आसानी से हैंडल कर सकता है। इससे पीक ऑवर्स में यात्रियों को लंबी कतारों और भीड़भाड़ से मुक्ति मिलेगी।
शाही विरासत और आधुनिकता का संगम
टर्मिनल का डिजाइन राजस्थान की शाही विरासत को दर्शाता है, जो इसे अन्य एयरपोर्ट से अलग बनाता है।
राजपूताना और मेवाड़ स्थापत्य कला
टर्मिनल का बाहरी और आंतरिक डिजाइन राजस्थान की शाही विरासत की याद दिलाता है। इसके मुख्य प्रवेश द्वार पर ग्लास फाइबर रीइन्फोर्स कंक्रीट (GRC) का उपयोग करके खूबसूरत नक्काशीदार मेहराब, खंभे और एक विशाल गुंबद बनाया गया है, जो इसे एक राजमहल जैसा लुक देता है।
सांस्कृतिक प्रतीक और ऐतिहासिक झलक
हवाई अड्डे के प्रवेश द्वार के ऊपर कमल के आसन पर एक भव्य 'कलश' स्थापित किया गया है, जो भारतीय संस्कृति का प्रतीक है। इसके अलावा, टर्मिनल की वास्तुकला 1931 में महाराजा उम्मेद सिंह द्वारा स्थापित ऐतिहासिक 'जोधपुर फ्लाइंग क्लब' की विरासत को भी दर्शाती है।
राजस्थानी कलाकृतियां और मोर मोटिफ्स
टर्मिनल के अंदरूनी हिस्सों को स्थानीय कलाकारों द्वारा सजाया गया है। दीवारों पर राजस्थान की पारंपरिक चित्रकला शैली, शाही दरबार के दृश्य और राष्ट्रीय पक्षी 'मोर' की आकर्षक कलाकृतियां उकेरी गई हैं।
यात्रियों के लिए आधुनिक सुविधाएं
यात्रियों के समय की बचत और सफर को सुगम बनाने के लिए कई आधुनिक सुविधाएं दी गई हैं।
40 चेक-इन काउंटर्स और 6 एयरोब्रिज
टर्मिनल के अंदर 40 आधुनिक चेक-इन काउंटर्स बनाए गए हैं। इसके साथ ही, 6 नए पैसेंजर बोर्डिंग ब्रिज (एयरोब्रिज) स्थापित किए गए हैं, जिससे यात्री सीधे टर्मिनल से विमान में प्रवेश कर सकेंगे।
पर्यावरण अनुकूल डिजाइन (GRIHA 5-स्टार रेटिंग)
यह नया टर्मिनल पूरी तरह से इको-फ्रेंडली है और इसे GRIHA 5-स्टार ग्रीन बिल्डिंग रेटिंग के मानकों पर बनाया गया है। इसमें डबल ग्लासिंग ग्लास, इंसुलेटेड रूफिंग सिस्टम और LED लाइट्स जैसी सुविधाएं हैं।
'उड़ान' योजना को नई गति
संशोधित 'उड़ान' योजना की शुरुआत
इस टर्मिनल के उद्घाटन के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'संशोधित उड़ान स्कीम' को भी लॉन्च किया। इस योजना के तहत देश के छोटे शहरों और अप्रयुक्त हवाई पट्टियों को विकसित कर क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा दिया जाएगा।
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