पचपदरा (बालोतरा) |
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान के पचपदरा में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि राजस्थान में हजारों स्थानों पर लाखों लोग इस कार्यक्रम में शामिल हुए हैं, जो भाजपा सरकार के प्रयासों में उनके अटूट विश्वास को दर्शाता है।
विकसित भारत की दिशा में एक और बड़ा कदम
प्रधानमंत्री ने कहा, "भाइयों और बहनों, यह धरती अनगिनत वीरों के शौर्य की साक्षी रही है। इस रण के कण-कण ने हमें स्वाभिमान को सर्वोपरि रखने की सीख दी है।"
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसी व्यक्ति या देश का स्वाभिमान तभी ऊंचा रह सकता है जब वह आत्मनिर्भर हो और दूसरों पर कम से कम निर्भर हो।
पीएम मोदी ने कहा, "आज राजस्थान की इस धरती से भारत ने विकसित और आत्मनिर्भर होने की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम उठाया है।"
रिफाइनरी से युवाओं को मिलेगा रोजगार
उन्होंने कहा, "आज इस रिफाइनरी को देश को समर्पित किया गया है। यह रिफाइनरी यहां हजारों लोगों के रोजगार का माध्यम बनेगी। मैं राजस्थान के युवाओं को इस रिफाइनरी की विशेष तौर पर बधाई देता हूं।"
'हम सिर्फ शिलान्यास नहीं, लोकार्पण भी करते हैं'
प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी सरकार की कार्यशैली पर प्रकाश डालते हुए कहा, "साथियों, आज का दिन साक्षी है कि बीजेपी सरकारें परियोजनाओं का सिर्फ शिलान्यास करके नहीं छोड़ती हैं, बल्कि हम उन परियोजनाओं को पूरा करने के लिए भी दिन-रात एक कर देते हैं।"
उन्होंने हाल की एक दुर्घटना के बाद तेजी से काम पूरा करने की सराहना करते हुए इसे परिश्रम की पराकाष्ठा का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा, "आप सब ने दिखा दिया है, चुनौती चाहे कितनी भी बड़ी और अप्रत्याशित क्यों ना हो, नया भारत अपने संकल्पों से ना पीछे हटता है और ना ही अपनी रफ्तार कम करता है।"
राजस्थान में विकास के नए कीर्तिमान
प्रधानमंत्री ने राजस्थान में स्थापित हो रहे विकास के कई अन्य कीर्तिमानों का भी उल्लेख किया।
जोधपुर एयरपोर्ट का नया टर्मिनल
उन्होंने बताया, "आज ही जोधपुर में नए एयरपोर्ट टर्मिनल का उद्घाटन किया गया है। और मैं सोशल मीडिया में देख रहा था कि नए टर्मिनल का आर्किटेक्चर, इंटीरियर, यह सोशल मीडिया में छाया हुआ है।"
पीएम मोदी ने विश्वास जताया कि यह मारवाड़ में पर्यटन, व्यापार और रोजगार को नई गति देगा।
उड़ान योजना और जयपुर मेट्रो का विस्तार
उन्होंने आगे कहा कि जोधपुर से ही उड़ान योजना के नए चरण की भी शुरुआत हुई है, जिसके तहत छोटे शहरों और दूरदराज के क्षेत्रों को एयर कनेक्टिविटी से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही, जयपुर में मेट्रो का विस्तार भी होने जा रहा है।
शेखावाटी का जल संकट होगा खत्म
प्रधानमंत्री ने एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा, "भाइयों और बहनों, शेखावाटी क्षेत्र के जल संकट को दूर करने का इंतजार भी अब खत्म होने जा रहा है।"
54,000 युवाओं को मिली सरकारी नौकरी
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि राजस्थान के करीब 54,000 युवाओं को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र भी मिले हैं। उन्होंने कहा, "मैं नियुक्ति पत्र पाने वाले सभी युवाओं के उज्जवल भविष्य की कामना करता हूं।"
ऊर्जा संकट पर भारत की इच्छाशक्ति भारी पड़ी
प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा, "आप भी देख रहे हैं, पश्चिमी एशिया में युद्ध की वजह से पूरी दुनिया में हाहाकार मचा है। इस युद्ध ने 21वीं सदी के सबसे बड़े ऊर्जा संकट को जन्म दिया है।"
उन्होंने बताया कि कैसे भारत की इच्छाशक्ति और प्रयासों ने इस संकट पर विजय प्राप्त की। उन्होंने कहा, "भारत ने हर स्तर पर सही फैसले लिए, संकट का समय रहते सटीक आकलन किया, प्रभावी रणनीति बनाई।"
LPG संकट का समाधान
एलपीजी संकट का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि भारत अपनी जरूरत का 60% एलपीजी आयात करता है, जिसमें से 90% खाड़ी देशों से आता था। युद्ध के कारण यह आपूर्ति लगभग बंद हो गई थी।
उन्होंने बताया, "हमने संकट शुरू होते ही रिफाइनरीज के सामर्थ्य पर फोकस किया। औद्योगिक काम के लिए जो गैस बनती थी, उसकी जगह रिफाइनरी को रसोई गैस (एलपीजी) बनाने के लिए कहा गया।"
इसके परिणामस्वरूप, सात दिनों के भीतर एलपीजी उत्पादन 35,000 मीट्रिक टन से बढ़कर 54,000 मीट्रिक टन हो गया। साथ ही, 11 लाख से ज्यादा घरों को पीएनजी कनेक्शन से जोड़ा गया।
उन्होंने कहा कि वैश्विक बाजार में कीमत बढ़ने के बावजूद, भारत में घरेलू सिलेंडर 750 रुपये से कम में दिया जा रहा है और उज्ज्वला सिलेंडर 450 रुपये के भीतर मिल रहा है।
पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर नियंत्रण
पेट्रोल-डीजल संकट पर उन्होंने कहा कि कच्चे तेल की कीमतें 70 डॉलर से 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने के बावजूद भारत में हालात नियंत्रण में रहे।
उन्होंने कहा, "अफवाहें बहुत फैलाई गईं, लोगों को डराया गया, भड़काया गया, लेकिन जिनके इरादे गलत थे, वे सफल नहीं हो पाए।" सरकार ने एक्साइज ड्यूटी कम की और तेल कंपनियों ने घाटा सहकर भी जनता पर ज्यादा बोझ नहीं पड़ने दिया।
डिप्लोमेसी का दिखा जलवा
पीएम मोदी ने कहा, "संकट के समय भारत की डिप्लोमेसी का जलवा दिख गया। युद्ध के दौरान ही भारत 40 से ज्यादा देशों से ईंधन मंगाने लगा।"
उन्होंने स्पष्ट किया, "हमारे लिए राष्ट्र हित और राष्ट्र के नागरिकों का हित सर्वोपरि है। नागरिक देवो भव, यह हमारा मंत्र है।"
'जिसका शिलान्यास हम करते हैं, उसका लोकार्पण भी हम ही करते हैं'
रिफाइनरी परियोजना पर बोलते हुए उन्होंने कहा, "हमने 2017 में इसके लिए एमओयू साइन किया था। लेकिन 2018 से 2023 तक राजस्थान में कांग्रेस सरकार रही। कांग्रेस के असहयोग के कारण यहां का काम लगभग ठप ही रह गया।"
उन्होंने कहा, "लेकिन जैसे ही डबल इंजन सरकार आई, इसका काम तेजी से आगे बढ़ा और आज हम इसका लोकार्पण भी कर रहे हैं। और आप तो जानते हैं मेरी कार्यशैली, जिसका शिलान्यास हम करते हैं, उसका लोकार्पण भी हम ही करते हैं।"
किसानों और उद्योगों का भी रखा ध्यान
प्रधानमंत्री ने बताया कि युद्ध के कारण खाद का भी बड़ा संकट पैदा हुआ था, लेकिन सरकार ने किसानों को 3000 रुपये की यूरिया बोरी सिर्फ 300 रुपये में देना जारी रखा।
इसी तरह, एमएसएमई को बढ़ती लागत से बचाने के लिए इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम के तहत अतिरिक्त लोन और 100% सरकारी गारंटी दी गई।
'नागरिक देवो भव' हमारा मंत्र है
प्रधानमंत्री ने 140 करोड़ देशवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा, "जिस तरह वो इस मुश्किल समय में देश के साथ मजबूती से खड़े रहे, जिस तरह देशवासियों ने अफवाह, डर और भ्रम फैलाने वालों का सामना किया, देश उसी विश्वास के भरोसे आगे बढ़ पाया है।"
पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा के नए स्रोत
उन्होंने बताया कि उन्हें 'एक पेड़ मां के नाम' खेजड़ी का पौधा लगाने का सौभाग्य मिला। उन्होंने कहा, "हमें प्रगति की नई ऊंचाइयों को भी छूना है और हमें पर्यावरण का संरक्षण भी करना है।"
इस सोच के साथ, सरकार सौर ऊर्जा पर भी काम कर रही है। उन्होंने पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना और पीएम कुसुम योजना के तहत राजस्थान में किए गए कार्यों का उल्लेख किया।
पानी की समस्या का समाधान: भाजपा बनाम कांग्रेस
पानी के मुद्दे पर उन्होंने कांग्रेस सरकारों पर ठोस काम न करने का आरोप लगाया। उन्होंने याद दिलाया कि कैसे गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने वसुंधरा राजे सरकार के साथ मिलकर बिना किसी विवाद के नर्मदा का पानी राजस्थान तक पहुंचाया था।
उन्होंने घोषणा की, "अब जब राजस्थान और हरियाणा दोनों राज्यों में भाजपा सरकार है, तो पहली बार आपसी सहमति से समाधान निकाले गए। अब राजस्थान और हरियाणा सरकार मिलकर शेखावाटी तक पानी पहुंचाएंगे।"
इस परियोजना पर लगभग 34,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
डबल इंजन सरकार के साथ नए भविष्य का निर्माण
अंत में, प्रधानमंत्री ने कहा कि आज राजस्थान में तेज गति से आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण हो रहा है। जयपुर मेट्रो फेज टू और जोधपुर एयरपोर्ट का नया टर्मिनल विकास को और गति देंगे।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया, "मुझे पूरा भरोसा है, आप सब इसी तरह डबल इंजन सरकार को आशीर्वाद देते रहेंगे। हम साथ मिलकर राजस्थान के नए भविष्य का निर्माण करेंगे।"
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