राजनीति

पीएम मोदी की राजस्थान को सौगात: पीएम मोदी का राजस्थान को बड़ा तोहफा, सौर ऊर्जा में क्रांति

महेन्द्रसिंह शेखावत · 03 जुलाई 2026, 07:02 शाम
पीएम मोदी बीकानेर में 1300 मेगावाट की सौर परियोजनाओं और ट्रांसमिशन लाइनों का लोकार्पण व शिलान्यास करेंगे।

बीकानेर | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 4 जुलाई को राजस्थान को नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में एक बड़ी सौगात देने जा रहे हैं। बालोतरा के पचपदरा में आयोजित एक भव्य समारोह में, वे 1300 मेगावाट की कुल क्षमता वाली दो विशाल सौर ऊर्जा परियोजनाओं और महत्वपूर्ण विद्युत प्रसारण प्रणालियों का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे।

एसजेवीएन की 1000 मेगावाट बीकानेर सौर परियोजना

इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण एसजेवीएन लिमिटेड की 1000 मेगावाट की बीकानेर सौर ऊर्जा परियोजना का लोकार्पण है। यह परियोजना भारत सरकार के अधीन एक नवरत्न उपक्रम, एसजेवीएन द्वारा विकसित की गई है।

निवेश और क्षमता में एक नया कीर्तिमान

लगभग 5,492 करोड़ रुपये के भारी निवेश से यह परियोजना साकार हुई है। 5,000 एकड़ भूमि पर फैली यह परियोजना घरेलू आवश्यकता श्रेणी के अंतर्गत भारत की सबसे बड़ी सिंगल ईपीसी (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट, और कंस्ट्रक्शन) सौर परियोजना है, जो इसे इंजीनियरिंग का एक उत्कृष्ट नमूना बनाती है।

ऊर्जा उत्पादन और पर्यावरणीय लाभ

यह संयंत्र अपने संचालन के पहले वर्ष में 2,454 मिलियन यूनिट से अधिक बिजली का उत्पादन करेगा। इससे राजस्थान को 500 मेगावाट, उत्तराखंड को 200 मेगावाट और जम्मू-कश्मीर को 300 मेगावाट बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित होगी। अनुमान है कि यह परियोजना 25 वर्षों में लगभग 2.79 अरब किलोग्राम कार्बन उत्सर्जन को कम करेगी, जो भारत की जलवायु प्रतिबद्धताओं में एक महत्वपूर्ण योगदान है।

'मेक इन इंडिया' और रोजगार सृजन

आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक मजबूत कदम उठाते हुए, इस परियोजना में 24.22 लाख स्वदेश निर्मित सोलर मॉड्यूल्स और 175 करोड़ स्वदेशी सोलर सेल्स का उपयोग किया गया है। इसके निर्माण चरण के दौरान 2,000 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा हुए।

एनएचपीसी का 300 मेगावाट करणीसर सौर संयंत्र

प्रधानमंत्री इसी समारोह में एनएचपीसी लिमिटेड के 300 मेगावाट के करणीसर (बीकानेर) सौर ऊर्जा संयंत्र का भी लोकार्पण करेंगे। एनएचपीसी भी भारत सरकार का एक प्रतिष्ठित नवरत्न उपक्रम है।

स्वच्छ ऊर्जा की ओर एक और कदम

यह संयंत्र प्रतिवर्ष लगभग 75 करोड़ यूनिट स्वच्छ बिजली का उत्पादन करेगा। इसमें लगभग 7.75 लाख स्वदेश निर्मित सोलर पीवी सेल्स और मॉड्यूल्स का इस्तेमाल किया गया है। यह परियोजना हर साल लगभग 6.4 लाख टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन को कम करने में मदद करेगी।

यह परियोजनाएं न केवल भारत की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को बढ़ाएंगी, बल्कि सतत विकास और एक हरित भविष्य के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में सरकार की अटूट प्रतिबद्धता को भी दर्शाती हैं।

विद्युत निकासी के लिए ट्रांसमिशन प्रणालियां

सौर ऊर्जा उत्पादन के साथ-साथ, प्रधानमंत्री राजस्थान में नवीकरणीय ऊर्जा की सुगम निकासी के लिए दो महत्वपूर्ण प्रसारण प्रणालियों का भी लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे।

नई लाइनों का उद्घाटन और शिलान्यास

वे 1,910 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 'राजस्थान आरईजेड फेज-3 भाग-एच' ट्रांसमिशन लाइन का उद्घाटन करेंगे। इसके अतिरिक्त, 2,735 करोड़ रुपये की लागत वाली 'राजस्थान आरईजेड फेज-4 भाग-एफ' की 530 सर्किट किलोमीटर लंबी विद्युत प्रसारण प्रणाली का शिलान्यास भी किया जाएगा। इन प्रणालियों से राज्य में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होगी।

इन परियोजनाओं का लोकार्पण राजस्थान को सौर ऊर्जा के हब के रूप में स्थापित करने और देश के ऊर्जा लक्ष्यों को प्राप्त करने में एक मील का पत्थर साबित होगा। इससे न केवल ऊर्जा सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर आर्थिक विकास और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

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