नई दिल्ली | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' की 132वीं कड़ी के माध्यम से देशवासियों को संबोधित किया। इस संबोधन में उन्होंने खेल, संस्कृति, युवा शक्ति और पर्यावरण संरक्षण जैसे विविध विषयों पर विस्तार से चर्चा की। प्रधानमत्री ने विशेष रूप से भारतीय खिलाड़ियों के हालिया प्रदर्शन की सराहना करते हुए इसे 'नए भारत' की बढ़ती शक्ति का प्रतीक बताया।
खेलों के मैदान में भारत का ऐतिहासिक उदय
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत खेल जगत की बड़ी उपलब्धियों से की। उन्होंने कहा कि देश भर के क्रिकेट प्रेमियों के लिए पिछला समय अत्यंत गौरवशाली रहा है। टी-20 विश्व कप में भारतीय टीम की ऐतिहासिक जीत ने पूरे देश को उत्सव के माहौल में डुबो दिया। इस जीत ने न केवल खिलाड़ियों के कौशल को दर्शाया, बल्कि यह भी साबित किया कि भारतीय टीम दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों में से एक है।
जम्मू-कश्मीर की रणजी ट्रॉफी में अभूतपूर्व जीत
प्रधानमंत्री ने कर्नाटक के हुबली में हुए रणजी ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर की क्रिकेट टीम ने करीब 70 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद अपना पहला रणजी खिताब जीता है। यह जीत केवल एक ट्रॉफी नहीं है, बल्कि राज्य के युवाओं के अटूट संघर्ष और मेहनत का परिणाम है। इस टीम ने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद खुद को साबित किया है।
कैप्टन पारस डोगरा और आकिब नबी का शानदार प्रदर्शन
पीएम मोदी ने टीम के कप्तान पारस डोगरा के नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि पारस के अनुभव और अद्भुत कौशल ने टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। इसके साथ ही उन्होंने युवा गेंदबाज आकिब नबी का भी जिक्र किया। आकिब नबी ने इस रणजी सीजन में शानदार गेंदबाजी करते हुए 60 विकेट झटके हैं, जो उनकी प्रतिभा का प्रमाण है।
खेलों का नया हब बनता जम्मू-कश्मीर
प्रधानमंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में खेलों के प्रति एक नया जज्बा पैदा हुआ है। गुलमर्ग पहले से ही 'खेलो इंडिया विंटर गेम्स' के लिए प्रसिद्ध है, और अब क्रिकेट के मैदान में यह बड़ी सफलता युवाओं को प्रेरित करेगी। वहां फुटबॉल जैसे खेल भी काफी लोकप्रिय हो रहे हैं। सरकार वहां बुनियादी ढांचे को मजबूत कर रही है ताकि अधिक से अधिक युवा खेलों से जुड़ सकें।
एथलेटिक्स में गुलवीर सिंह का नया कीर्तिमान
प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश के प्रतिभाशाली एथलीट गुलवीर सिंह की उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया। गुलवीर ने न्यूयॉर्क सिटी हाफ मैराथन में तीसरा स्थान हासिल कर इतिहास रचा है। वे एक घंटे से कम समय में हाफ मैराथन पूरी करने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए हैं। उनकी यह उपलब्धि वैश्विक पटल पर भारतीय एथलेटिक्स के बढ़ते कद को दर्शाती है।
स्क्वैश स्टार अनाहत सिंह की वैश्विक रैंकिंग
पीएम मोदी ने 17 वर्षीय स्क्वैश खिलाड़ी अनाहत सिंह की भी प्रशंसा की। अनाहत ने 'स्क्वैश ऑन फायर ओपन' का अंतरराष्ट्रीय खिताब जीता है। इसके साथ ही वे पीएसए वर्ल्ड रैंकिंग में टॉप-20 में जगह बनाने वाली सबसे कम उम्र की एशियाई महिला खिलाड़ी बन गई हैं। उनकी सफलता दिखाती है कि भारत की बेटियां हर क्षेत्र में विश्व स्तर पर अपनी पहचान बना रही हैं।
अस्मिता एथलेटिक्स लीग और नारी शक्ति
महिला दिवस के अवसर पर आयोजित 'अस्मिता एथलेटिक्स लीग' का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि इसमें करीब 2 लाख बेटियों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि भारत की नारी शक्ति देश में हो रहे खेल परिवर्तन (Sporting Transformation) में अग्रणी भूमिका निभा रही है। जब बेटियां मैदान में उतरती हैं, तो वे केवल खेलती नहीं हैं, बल्कि समाज की रूढ़ियों को भी तोड़ती हैं।
स्वास्थ्य और फिटनेस का मंत्र: योग और आहार
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस में अब 100 दिनों से भी कम समय बचा है। प्रधानमंत्री ने देशवासियों से योग को जीवन का हिस्सा बनाने का आग्रह किया। उन्होंने अफ्रीका के जिबूती में योग सिखा रहे अल्मिस जी का उदाहरण दिया। पीएम ने लोगों से चीनी (Sugar) और खाद्य तेल के सेवन में 10 प्रतिशत की कमी करने की अपील की ताकि मोटापे और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों से बचा जा सके।
MY Bharat और युवाओं की भागीदारी
प्रधानमंत्री ने 'मेरा युवा भारत' (MY Bharat) संगठन के कार्यों पर प्रकाश डाला। हाल ही में आयोजित 'बजट क्वेस्ट' में 12 लाख युवाओं ने हिस्सा लिया। पीएम ने तेलंगाना के कोटला रघुवीर रेड्डी, उत्तर प्रदेश के सौरभ बैसवार और बिहार के सुमित कुमार जैसे युवाओं के विचारों की सराहना की, जिन्होंने कृषि और महिला विकास पर अपने प्रभावी सुझाव दिए हैं।
ज्ञान भारतम: पांडुलिपियों का संरक्षण
भारत की समृद्ध विरासत को सहेजने के लिए 'ज्ञान भारतम ऐप' की शुरुआत की गई है। पीएम ने अरुणाचल प्रदेश, अमृतसर, राजस्थान और लद्दाख के उन लोगों का धन्यवाद किया जिन्होंने अपनी दुर्लभ पांडुलिपियों को इस ऐप के माध्यम से साझा किया। यह अभियान जून के मध्य तक चलेगा और इसका उद्देश्य भारत के प्राचीन ज्ञान को डिजिटल रूप में सुरक्षित करना है।
शिक्षा में नवाचार: बेंगलुरु और नागालैंड के प्रयास
बेंगलुरु की 'प्रयोग' टीम द्वारा विज्ञान शिक्षा को लोकप्रिय बनाने के प्रयासों की पीएम ने सराहना की। 'अन्वेषण' प्रोजेक्ट के माध्यम से छात्र शोध कार्य कर रहे हैं। वहीं, नागालैंड के 'मोरुंग' शिक्षा मॉडल का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि कैसे आदिवासी समुदाय अपनी परंपराओं को आधुनिक शिक्षा के साथ जोड़कर बच्चों को जीवन कौशल सिखा रहे हैं।
जल संरक्षण: जनभागीदारी से बड़ा बदलाव
गर्मियों की शुरुआत के साथ ही पीएम ने जल संचय का आह्वान किया। उन्होंने त्रिपुरा के वांगमुन गाँव, छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले और तेलंगाना के मुधिगुंटा गाँव के उदाहरण दिए, जहाँ ग्रामीणों ने वर्षा जल संचयन के माध्यम से जल संकट को दूर किया है। देश भर में अब तक 70 हजार 'अमृत सरोवर' बनाए जा चुके हैं, जो भविष्य के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।
नीली अर्थव्यवस्था: आत्मनिर्भर मछुआरे
प्रधानमंत्री ने मत्स्य पालन क्षेत्र में हो रहे नवाचारों की चर्चा की। ओडिशा की सुजाता भूयान और लक्षद्वीप की हाव्वा गुलजार जैसी महिलाओं की सफलता की कहानियाँ सुनाईं, जो फिश फार्मिंग और कोल्ड स्टोरेज के जरिए आत्मनिर्भर बन रही हैं। उन्होंने कहा कि हमारे मछुआरे भाई-बहन देश की अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव हैं।
सौर ऊर्जा क्रांति: पीएम सूर्य घर योजना
'पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' देश के कोने-कोने में बदलाव ला रही है। गुजरात की पायल मुंजपारा, मेरठ के अरुण कुमार और जयपुर के मुरलीधर जी का उदाहरण देते हुए पीएम ने बताया कि कैसे सौर ऊर्जा से न केवल बिजली बिल बच रहा है, बल्कि लोग अतिरिक्त आय भी कर रहे हैं। त्रिपुरा के रियांग जनजाति के गाँवों में भी सोलर मिनी-ग्रिड से रोशनी पहुँच रही है।
निष्कर्ष: एकजुटता से चुनौतियों का सामना
अंत में प्रधानमंत्री ने वैश्विक परिस्थितियों और पड़ोस में चल रहे युद्ध का जिक्र करते हुए देशवासियों से एकजुट रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि अफवाहों से बचें और सरकार द्वारा दी गई जानकारी पर भरोसा करें। पीएम ने विश्वास जताया कि 140 करोड़ देशवासियों के सामर्थ्य से भारत हर संकट से बाहर निकलेगा और विकसित भारत के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ेगा।