बालोतरा | पश्चिमी राजस्थान का दशकों पुराना सपना साकार होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 4 जुलाई को बहुप्रतीक्षित पचपदरा रिफाइनरी का लोकार्पण करेंगे। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं और प्रशासन हाई अलर्ट पर है।
प्रधानमंत्री का प्रस्तावित कार्यक्रम और तैयारियां
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी 4 जुलाई को दोपहर 12 बजे पचपदरा पहुंचेंगे। वे रिफाइनरी का लोकार्पण कर एक जनसभा को भी संबोधित कर सकते हैं।
कार्यक्रम में वे करीब दो घंटे तक मौजूद रहेंगे। इसके बाद दोपहर 2 बजे वे जोधपुर के लिए रवाना हो जाएंगे। हालांकि, अभी तक प्रधानमंत्री का आधिकारिक कार्यक्रम जारी नहीं हुआ है।
इस महत्वपूर्ण दौरे को देखते हुए जिला प्रशासन, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से मुस्तैद हैं। हर पहलू की माइक्रो-प्लानिंग की गई है ताकि कोई चूक न हो।
भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ गुरुवार को पचपदरा पहुंचकर तैयारियों का जायजा लेंगे। वे पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक भी करेंगे।
वहीं, 3 जुलाई को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा स्वयं रिफाइनरी स्थल का दौरा करेंगे। वे तैयारियों की अंतिम समीक्षा करेंगे और उनका रात्रि विश्राम जोधपुर में प्रस्तावित है।
सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष फोकस
रिफाइनरी परिसर में इन दिनों वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों का लगातार जमावड़ा है। कार्यक्रम में अब कुछ ही समय शेष है, इसलिए सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
सुरक्षा एजेंसियां, पुलिस और प्रशासन मिलकर कार्यक्रम को सफल बनाने में जुटे हैं। कार्यक्रम स्थल और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं।
प्रशासन के अनुसार, सुरक्षा कारणों से समारोह में प्रवेश सीमित रखा गया है। कार्यक्रम स्थल पर लगभग पांच हजार लोगों की उपस्थिति की ही अनुमति होगी।
हालांकि, आमजन इस ऐतिहासिक पल से वंचित नहीं रहेंगे। समारोह का सीधा प्रसारण जिला मुख्यालय सहित पूरे जिले के गांवों और शहरों में एलईडी स्क्रीन के माध्यम से किया जाएगा।
पर्यावरण संरक्षण का महाअभियान
प्रधानमंत्री के आगमन को पर्यावरण संरक्षण के एक बड़े जनअभियान से जोड़ा गया है। जिला प्रशासन ने इस अवसर पर एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है।
पूरे जिले में एक ही दिन में 2 लाख 51 हजार पौधे लगाए जाएंगे। यह अपने आप में एक रिकॉर्ड होगा और पर्यावरण के प्रति एक मजबूत संदेश देगा।
इस अभियान के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत में 500 पौधे लगाने का लक्ष्य है। इसके अलावा, नगर निकाय क्षेत्रों, स्कूलों और सरकारी कार्यालयों में भी बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण होगा।
सार्वजनिक स्थलों, पंचायत परिसरों और चारागाह भूमि को भी इस हरियाली अभियान में शामिल किया गया है। हर पौधे की जियो-टैगिंग की जाएगी।
जियो-टैगिंग से पौधों की निगरानी और उनके संरक्षण को सुनिश्चित किया जा सकेगा। इस अभियान में जनप्रतिनिधियों, छात्रों और सामाजिक संगठनों को भी जोड़ा जा रहा है।
साइकिल रैली से ईंधन बचत का संदेश
लोकार्पण समारोह केवल एक औद्योगिक उपलब्धि तक सीमित नहीं रहेगा। प्रदेश सरकार इसके माध्यम से ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देगी।
योजना के अनुसार, मुख्यमंत्री, मंत्रीगण, विधायक और प्रशासनिक अधिकारी पचपदरा से एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी तक एक साइकिल रैली में भाग लेंगे।
यह रैली पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करने का प्रतीक होगी।
कार्यक्रम स्थल पर ई-वाहनों और साइकिलों के लिए एक विशेष 'ग्रीन पार्किंग' की व्यवस्था भी की जाएगी, जो इस पहल को और मजबूती देगी।
जिला प्रशासन ने आम लोगों से भी इस पौधरोपण अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील की है। साथ ही, लगाए गए पौधों के संरक्षण का संकल्प लेने का आग्रह किया है।
यह लोकार्पण समारोह पश्चिमी राजस्थान के विकास में एक मील का पत्थर साबित होगा। यह न केवल क्षेत्र में रोजगार के अवसर पैदा करेगा, बल्कि देश की ऊर्जा सुरक्षा में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा।
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