बालोतरा | पश्चिमी राजस्थान की बहुप्रतीक्षित पचपदरा रिफाइनरी अब उद्घाटन के लिए पूरी तरह तैयार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 4 जुलाई को इस विशाल परियोजना का लोकार्पण करेंगे। उनके दौरे को लेकर जिला प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं, और तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
प्रधानमंत्री मोदी के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। सूत्रों के अनुसार, पीएम मोदी 4 जुलाई को दोपहर 12 बजे पचपदरा पहुंचेंगे और लगभग दो घंटे के कार्यक्रम के बाद जोधपुर के लिए रवाना होंगे। हालांकि, अभी आधिकारिक कार्यक्रम जारी नहीं हुआ है।
कार्यक्रम स्थल और आसपास के इलाकों में सुरक्षा एजेंसियों, पुलिस और प्रशासन ने मोर्चा संभाल लिया है। हर पहलू की माइक्रो-प्लानिंग की गई है ताकि किसी भी तरह की कोई चूक न हो।
सीमित लोगों को मिलेगी एंट्री
सुरक्षा कारणों से समारोह में प्रवेश सीमित रखा गया है। कार्यक्रम स्थल पर लगभग पांच हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है। आम जनता इस ऐतिहासिक पल की गवाह बन सके, इसके लिए जिले भर में एलईडी स्क्रीन पर सीधा प्रसारण किया जाएगा।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ तैयारियों का जायजा लेने पचपदरा पहुंचेंगे, वहीं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा 3 जुलाई को अंतिम समीक्षा करेंगे।
पर्यावरण संरक्षण का महाअभियान
इस ऐतिहासिक उद्घाटन को पर्यावरण संरक्षण के एक बड़े जनअभियान से भी जोड़ा गया है। जिला प्रशासन ने इस दिन पूरे जिले में 2.51 लाख पौधे लगाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है।
प्रत्येक ग्राम पंचायत में 500 पौधे लगाए जाएंगे। इसके अलावा सरकारी कार्यालयों, स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर भी बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण होगा।
साइकिल रैली से देंगे संदेश
प्रदेश सरकार ईंधन बचाने और पर्यावरण की रक्षा का संदेश देने के लिए एक अनूठी पहल कर रही है। मुख्यमंत्री, मंत्री और विधायक पचपदरा से रिफाइनरी तक एक साइकिल रैली में हिस्सा लेंगे।
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे पौधरोपण अभियान में सक्रिय रूप से भाग लें और लगाए गए पौधों के संरक्षण का संकल्प लें।
कार्यक्रम स्थल पर ई-वाहनों और साइकिलों के लिए एक विशेष 'ग्रीन पार्किंग' भी बनाई जाएगी, जो पर्यावरण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
यह आयोजन न केवल राजस्थान के औद्योगिक विकास में एक मील का पत्थर साबित होगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक नई मिसाल भी कायम करेगा। यह विकास और प्रकृति के बीच संतुलन का एक बेहतरीन उदाहरण पेश करने की तैयारी है।
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