नई दिल्ली | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महान समाज सुधारक महात्मा ज्योतिराव फुले की जयंती पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की है। इस वर्ष उनकी 200वीं जयंती के भव्य समारोहों का शुभारंभ हो रहा है। प्रधानमंत्री ने महात्मा फुले को एक ऐसा दूरदर्शी समाज सुधारक बताया, जिन्होंने अपना पूरा जीवन समानता, न्याय और शिक्षा के महान आदर्शों के लिए समर्पित कर दिया। पीएम मोदी ने कहा कि महात्मा फुले का जीवन हर भारतीय के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने समाज में व्याप्त कुरीतियों के खिलाफ निडर होकर आवाज उठाई थी।
सामाजिक समानता के मार्गदर्शक
इस अवसर को चिह्नित करने के लिए प्रधानमंत्री ने एक विशेष लेख साझा किया है। इस लेख में उन्होंने महात्मा फुले को सामाजिक समानता और सशक्तिकरण का मार्गदर्शक बताया। प्रधानमंत्री ने लिखा कि महात्मा फुले आज भी अनेक लोगों के लिए एक प्रेरणापुंज की तरह हैं। उनके विचार आज के आधुनिक समाज में भी पूरी तरह प्रासंगिक हैं। महात्मा फुले ने हमेशा इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा ही वह शक्ति है जो किसी भी व्यक्ति को बंधनों से मुक्त कर सकती है। उनका यह दृष्टिकोण आज भी महत्वपूर्ण है।
महिला सशक्तिकरण के अग्रणी
प्रधानमंत्री ने महात्मा फुले को महिलाओं और वंचित वर्गों के अधिकारों का अग्रणी पक्षधर बताया। उन्होंने महिला शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य किए थे। महात्मा ज्योतिराव फुले ने 19वीं सदी में सामाजिक क्रांति का बिगुल फूँका था। उनके द्वारा किए गए सुधारों ने भारतीय समाज की संरचना को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। फुले के प्रयासों के कारण ही शिक्षा सशक्तिकरण का एक प्रभावी माध्यम बन सकी। उन्होंने समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े व्यक्ति तक ज्ञान पहुँचाने का काम किया। प्रधानमंत्री ने अपनी पोस्ट में उल्लेख किया कि महात्मा फुले का जन कल्याण पर जोर देना सराहनीय था। उन्होंने निस्वार्थ भाव से मानवता की सेवा की थी और एक समतामूलक समाज की नींव रखी थी।
200वीं जयंती समारोहों का आगाज
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट की एक श्रृंखला साझा की। उन्होंने मराठी और हिंदी भाषाओं में फुले के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने लिखा कि इस वर्ष हम उनकी 200वीं जयंती समारोहों की शुरुआत कर रहे हैं। यह अवसर उनके महान कार्यों को जन-जन तक पहुँचाने का एक माध्यम बनेगा। प्रधानमंत्री ने कामना की कि महात्मा फुले के विचार समाज की प्रगति के प्रयासों में सभी का मार्गदर्शन करते रहें। उनका जीवन हमें निरंतर सेवा की प्रेरणा देता है। प्रधानमंत्री ने अपने लेख में उल्लेख किया कि फुले के विचार केवल किताबी नहीं थे, बल्कि उन्होंने उन्हें अपने जीवन में उतारकर दिखाया।
ज्ञान और जन कल्याण का महत्व
उन्होंने अपनी पत्नी सावित्रीबाई फुले को शिक्षित किया और उन्हें समाज सेवा के लिए प्रेरित किया। यह कदम उस समय के समाज में एक बहुत बड़ी क्रांति थी। लेख में पीएम मोदी ने विस्तार से बताया कि कैसे शिक्षा और ज्ञान के प्रति फुले का आग्रह आज भी नीति निर्धारण में सहायक हो सकता है। उन्होंने कहा कि महात्मा फुले ने जिस समाज का सपना देखा था, वह न्याय और भाईचारे पर आधारित था। उनके आदर्शों पर चलना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी। प्रधानमंत्री के इस लेख को देश भर में व्यापक सराहना मिल रही है। यह युवाओं को सामाजिक सुधारों की दिशा में काम करने के लिए प्रोत्साहित करता है। अंत में, प्रधानमंत्री ने दोहराया कि महात्मा फुले का योगदान अविस्मरणीय है। राष्ट्र उनके द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलकर विकसित भारत के संकल्प को पूरा करेगा।