बीकानेर |पीएम पोषण (मिड-डे मील) योजना के तहत विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के लिए शिक्षा विभाग ने कड़े कदम उठाए हैं। विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।
शिक्षा विभाग के आयुक्त विश्व मोहन शर्मा ने संभावित जोखिमों की पहले से पहचान कर उनकी रोकथाम सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। इसका उद्देश्य छात्रों के स्वास्थ्य को सर्वोपरि रखना है।
सुरक्षा और गुणवत्ता पर जोर
जारी किए गए निर्देशों में भोजन की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें कही गई हैं। विभाग का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि योजना के तहत परोसा जाने वाला भोजन हर मानक पर खरा उतरे।
मुख्य निर्देश
विभाग द्वारा जारी किए गए प्रमुख निर्देशों में शामिल हैं:
- संदिग्ध या खराब गुणवत्ता वाले खाद्यान्न का उपयोग किसी भी परिस्थिति में नहीं किया जाएगा।
- विद्यार्थियों को भोजन परोसने से पहले उसका स्वाद चखना अनिवार्य होगा।
- खाद्यान्न का सुरक्षित भंडारण सुनिश्चित किया जाएगा ताकि वह खराब न हो।
- रसोईघर और गैस उपकरणों की नियमित जांच की जाएगी।
- छात्रों के लिए स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था करना अनिवार्य है।
- रसोइया-सह-सहायकों को स्वच्छता संबंधी सभी नियमों का सख्ती से पालन करना होगा।
इसके अलावा, किसी भी असामान्य स्थिति की तत्काल सूचना उच्चाधिकारियों को देने और हर हाल में विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
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