जयपुर। राजस्थान विधानसभा में आज वित्त मंत्री दीया कुमारी आत्मविश्वास से भरी नजर आईं। विपक्ष के विरोध के बावजूद उन्होंने अपना आत्मविश्वास बनाए रखा और सीधे तथा साफ तौर पर अपने काम पर ध्यान केंद्रित किया। दीया कुमारी ने आज राज्य का पहला पूर्ण बजट पेश किया। बजट भाषण के दौरान उन्होंने स्वामी विवेकानंद, डॉ. भीमराव अंबेडकर, विनोबा भावे, संत हरिदास, निदा फाजली और एम.एस. स्वामीनाथन की पंक्तियों का उल्लेख किया।
बजट भाषण की शुरुआत में दीया कुमारी ने निदा फाजली का शेर पढ़ा: “सफर में धूप तो होगी जो चल सको तो चलो, सभी हैं भीड़ में तुम भी निकल सको तो चलो, किसी के वास्ते राहें कहां बदलती हैं, तुम अपने आप को खुद ही बदल सको तो चलो।”
बजट घोषणाओं के दौरान, जब दीया कुमारी पेज पलटने लगीं तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “बहुत लंबी सूची है।” मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा समेत भाजपा विधायकों ने मेज थपथपाकर समर्थन किया। विपक्ष ने इस पर हंगामा शुरू कर दिया। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने विपक्ष से कहा, “अभी आपको भी बहुत कुछ मिलेगा, बहुत कुछ मिल रहा है।” इसके बाद दीया कुमारी ने महत्वपूर्ण घोषणाएं जारी रखीं।
बजट पेश करने के दौरान औद्योगिक विकास का जिक्र करते हुए दीया कुमारी ने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की पंक्तियां कहीं, “आर्थिक उन्नति और सामाजिक उत्थान की पूंजी औद्योगीकरण में है। औद्योगिक विकास बढ़ाने से हम रोजगार दे सकते हैं, गरीबी कम कर सकते हैं और जीवन स्तर को ऊंचा कर सकते हैं।”
स्वामी विवेकानंद को याद करते हुए दीया कुमारी ने कहा, “बहादुर, स्पष्टवादी, साफ दिल वाला, साहसी और महत्वाकांक्षी युवा ही एकमात्र नींव है, जिस पर भविष्य के राष्ट्र का निर्माण किया जा सकता है।”
जब विपक्ष ने युवाओं के लिए की गई घोषणाओं पर हंगामा किया, तो दीया कुमारी ने शांत रहते हुए कहा, “युवाओं के भविष्य की बात कर रही हूं, वो तो सुन लीजिए।”
बजट भाषण के दौरान दीया कुमारी ने भारत रत्न विनोबा भावे को याद करते हुए कहा, “वास्तविक उन्नति तभी की जा सकती है, जब उसका लाभ सभी को प्राप्त हो, न कि कुछ तक ही सीमित रहे। इसी विचार को सरकार का केंद्र बिंदु बनाते हुए प्रधानमंत्री ने कहा है कि आज की सरकार का ध्येय है, नेशन फर्स्ट, सिटीजन फर्स्ट। आज की सरकार की प्राथमिकता है, वंचितों को वरीयता।”
विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने विपक्ष से कहा, “क्या आपके नीचे स्प्रिंग लगी है क्या? चुप बैठो, इससे आपका कुछ नहीं होगा, पहले पूरा तो सुनो।” इस पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी मुस्कुराने लगे।
बजट भाषण के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने ध्वनि मत से बजट पारित करने के लिए सत्ता पक्ष के विधायकों से हां पक्ष को लेकर स्वर मांगा। इस पर ध्वनि मत से सत्ता पक्ष के विधायकों ने हां कहा। इसके बाद विपक्ष के नेता शांत रहे, तो कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल ने खड़े होकर कहा, “सन्नाटा।”
इस तरह, राजस्थान विधानसभा में दीया कुमारी ने आत्मविश्वास के साथ अपना पहला पूर्ण बजट पेश किया और विपक्ष के हंगामे के बावजूद अपनी घोषणाओं को पूरा किया। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने विपक्ष को शांत रहने और सदन की गरिमा बनाए रखने की नसीहत दी।