हरीश के पिता लाखाराम चितरणी के आसपास खेती-बाड़ी का कार्य करते हैं और हरीश अक्सर बेरठ से शाम को खेत पर आता रहता था। मंगलवार को दोनों के शव एक पेड़ से लटके हुए पाए गए। पुलिस ने दोनों शवों को राजकीय अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है। मोर्चरी के बाहर दोनों के परिजनों की भीड़ जमा हो गई।
पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने दोनों शवों को उनके परिजनों को सौंप दिया। जालोर कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस इस दुखद घटना के पीछे के कारणों की जांच कर रही है।
इस घटना ने पूरे क्षेत्र में शोक और सदमे की लहर फैला दी है। स्थानीय लोग और परिजन इस अप्रत्याशित घटना से स्तब्ध हैं और पुलिस से इस मामले की गहन जांच की मांग कर रहे हैं।