राजनीति

सीएम गहलोत की जादूगरी का छात्रा ने ले लिया टेस्ट, आखिरकार सीएम को भी खोलना पड़ा जादू का राज

desk · 04 मई 2023, 12:11 दोपहर
सीएम गहलोत से छात्रा ने पूछा कि क्या वास्तव में आप जादूगर हैं? यह सवाल सुनकर सीएम साब खुद अचरज में पड़ गए। इसके बाद सीएम गहलोत ने मुस्कुराते हुए छात्रा से पूछा कि आपको ये किसने कहा?

जयपुर | राजस्थान की राजनीति के जादूगर कहे जाने वाले  मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को अपनी ही जादूगरी का टेस्ट देना पड़ा, वो भी एक छात्रा के सामने....

सीएम गहलोत बुधवार को उदयपुर में नगर निगम के पं. दीनदयाल सभागार में प्रतिभावान जनजाति विद्यार्थियों से वार्तालाप कर रहे थे।

इस दौरान इन विद्यार्थियों में से एक छात्रा ने सीएम गहलोत साब का ही टेस्ट ले लिया।

छात्रा ने सीएम महोदय से ऐसा सवाल पूछ लिया जिसके बारे में हर कोई जानना चाहता है।

सीएम गहलोत से छात्रा ने पूछा कि क्या वास्तव में आप जादूगर हैं? यह सवाल सुनकर सीएम साब खुद अचरज में पड़ गए।

इसके बाद सीएम गहलोत ने मुस्कुराते हुए छात्रा से पूछा कि आपको ये किसने कहा?

क्या किसी से सुना, क्या मीडिया में पड़ा या सोशल मीडिया पर देखा? लेकिन छात्रा ने अपना सवाल फिर से दोहराते हुए कहा कि आप तो मुझे बताइए क्या आप जादूगर हैं?

इस पर सीएम ने जवाब देते हुए कहा कि, मेरे पिता जादूगर थे। इसलिए मैं भी उनके साथ शो में जाता था। 

हालांकि मुझे ज्यादा जादू नहीं आता लेकिन मैंने कॉलेज के समय कई बार जादू दिखाया था। 

इसके बाद जब मैंने बजट में घोषणाए की तो लोगों ने पूछा यह लागू कैसे होगा, तब मैंने कहा कि जादू से लागू होगा।

बस तभी से लोग मुझे भी जादूगर कहने लग गए। 

आपकों बता दें कि, राजस्थान सीएम और कांग्रेस के दिग्गज नेताओं में से एक अशोक गहलोत ने 3 मई को अपना जन्म दिन मनाया। सीएम गहलोत 72 साल के हो गए हैं।

गहलोत का जन्म 3 मई 1951 को लक्ष्मण सिंह गहलोत के घर में हुआ था। अशोक गहलोत ने साइंस और लो में ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की, वहीं मास्टर्स अर्थशास्त्र से पूरा किया।

अशोक गहलोत ने साल 1984, 1991, 1996 और 1998 में चुनाव जीतकर जोधपुर सीट पर अपना दबदबा कायम किया और राजस्थान की राजनीति के जादूगर कहलाए। 

गहलोत देश ने तीन प्रधानमंत्रियों के साथ भी काम किया हैं। उन्होंने तत्कालीन पीएम इंदिरा गांधी के मंत्रिमंडल में पर्यटन और नागरिक उड्डयन उप मंत्री का पदभार संभाला।

इसके बाद बाद राजीव गांधी और पीवी नरसिम्हा के मंत्रिमंडल में भी केंद्रीय मंत्री की भूमिका निभाई। 

इसी के साथ वे राजस्थान में तीन बार मुख्यमंत्री पद पर रहे हैं। 

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