श्रीगंगानगर: श्रीगंगानगर (Sriganganagar) जिले की सूरतगढ़ (Suratgarh) सैनिक छावनी में सोमवार को एक युवा लेफ्टिनेंट (Lieutenant) लक्ष्मीनारायण जाट (Laxminarayan Jat) ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली, जिससे छावनी में हड़कंप मच गया।
यह दुखद घटना सोमवार (1 दिसंबर) को सामने आई, जब 22 वर्षीय लेफ्टिनेंट लक्ष्मीनारायण जाट का शव छावनी के एक रेस्ट हाउस में फंदे से लटका मिला। इस खबर से न केवल सैन्य छावनी में बल्कि पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। तत्काल पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद सूरतगढ़ सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। प्रारंभिक जांच में आत्महत्या का मामला प्रतीत हो रहा है, लेकिन पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है।
मथुरा के थे लक्ष्मीनारायण, पहली तैनाती सूरतगढ़ में
पुलिस के अनुसार, मृतक लेफ्टिनेंट लक्ष्मीनारायण जाट मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले की ढाकू तहसील, महंत गांव के निवासी थे। वह भारतीय सेना की प्रतिष्ठित 287 मीडियम रेजिमेंट में अपनी सेवाएं दे रहे थे। अपनी सैन्य ट्रेनिंग सफलतापूर्वक पूरी करने के बाद, लक्ष्मीनारायण को 17 सितंबर 2024 को ही सूरतगढ़ सैनिक छावनी में अपनी पहली पोस्टिंग मिली थी। सेना में शामिल होने और अपनी पहली तैनाती मिलने के कुछ ही महीनों के भीतर इस तरह का दुखद कदम उठाना कई लोगों को स्तब्ध कर गया है।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, शव पैतृक गांव ले जाया गया
घटना की सूचना मिलते ही लक्ष्मीनारायण के पिता, ताऊ और बहनोई सहित परिवार के अन्य सदस्य और रिश्तेदार मथुरा से सूरतगढ़ पहुंचे। अपने युवा बेटे और भाई को खोने के गम में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। पुलिस ने परिवार के एक सदस्य की रिपोर्ट के आधार पर मर्ग (अप्राकृतिक मृत्यु) दर्ज की है। नियमानुसार, सूरतगढ़ सदर थाना पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाया और सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद परिजनों को सौंप दिया। परिवारजन अंतिम संस्कार के लिए भारी मन से शव को अपने पैतृक गांव ले गए हैं।
आत्महत्या का कारण अज्ञात, पुलिस जांच जारी
जांच अधिकारी सहायक उप निरीक्षक सोहनलाल गोस्वामी ने बताया कि अभी तक लेफ्टिनेंट लक्ष्मीनारायण की आत्महत्या के पीछे का कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। वह अविवाहित थे और उनके साथियों या परिवार से भी किसी तरह के तनाव की कोई जानकारी नहीं मिली है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है, जिसमें उनके व्यक्तिगत जीवन, सैन्य सेवा के दौरान के अनुभवों और किसी भी संभावित दबाव की पड़ताल की जा रही है, ताकि इस दुखद घटना के पीछे के वास्तविक कारणों का पता चल सके और सच्चाई सामने आ सके।