नई दिल्ली | भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों में प्री-मानसून की सक्रियता को देखते हुए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। 12 से 15 मई के बीच उत्तर से लेकर दक्षिण भारत तक मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है।
राज्यों में प्री-मानसून की दस्तक
देश के कई हिस्सों में प्री-मानसून ने अपनी उपस्थिति दर्ज करा दी है। इसके प्रभाव से तापमान में गिरावट आई है और बारिश का नया दौर शुरू हो गया है।
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि 2025 में शानदार मानसून के बाद अब प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो रही हैं। हालांकि, अल-नीनो के प्रभाव की संभावना भी बनी हुई है।
आईएमडी के अनुसार, 12 से 15 मई के दौरान हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर जैसे पहाड़ी राज्यों में भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है।
दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत का हाल
दक्षिण भारत के केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में भी मूसलाधार बारिश का अलर्ट है। यहां मानसून से पहले की गतिविधियां काफी तेज हो गई हैं।
अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और नागालैंड जैसे पूर्वोत्तर राज्यों में भी बादलों के जमकर बरसने की उम्मीद है। सिक्किम और पश्चिम बंगाल में भी अलर्ट जारी है।
मैदानी इलाकों में आंधी और तूफान
उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में भी मौसम विभाग ने गरज-चमक के साथ बारिश की चेतावनी दी है। राजस्थान में धूल भरी आंधी चल सकती है।
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में भी बिजली कड़कने और तेज हवाओं के साथ बारिश होने का अनुमान लगाया गया है।
"12 से 15 मई के बीच हवा की रफ्तार 30 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हो सकता है।"
ओलावृष्टि और सुरक्षा उपाय
पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के साथ-साथ ओलावृष्टि की भी संभावना है। पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को इन क्षेत्रों में यात्रा करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग ने कहा है कि वज्रपात के समय लोगों को पेड़ों के नीचे शरण नहीं लेनी चाहिए। सुरक्षित पक्के मकानों में रहना ही इस समय बेहतर विकल्प है।
आगामी चार दिनों तक देश के अधिकांश हिस्सों में मौसम अनिश्चित रहेगा। प्री-मानसून की यह बारिश गर्मी से राहत देगी, लेकिन आंधी और बिजली से बचाव बहुत जरूरी है।
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