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कतर धमाका: 12 भारतीयों की मौत, विदेश मंत्री ने दिया मदद का भरोसा

जोगेन्द्र सिंह शेखावत · 23 जून 2026, 09:57 सुबह
कतर के रास लाफान में गैस प्लांट धमाके में 12 भारतीयों समेत 13 की मौत, 66 घायल। एस. जयशंकर ने दुख जताया।

दोहा | कतर के रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी में एक गैस प्लांट में हुए भीषण धमाके में 12 भारतीय नागरिकों सहित 13 लोगों की मौत हो गई है। इस दर्दनाक हादसे में 66 अन्य लोग घायल हुए हैं, जिनका इलाज जारी है। दोहा स्थित भारतीय दूतावास ने मौतों की पुष्टि की है।

यह घटना रविवार शाम को हुई, जिसने कतर में भारतीय समुदाय को झकझोर कर रख दिया है। भारतीय विदेश मंत्रालय और दूतावास स्थिति पर करीब से नजर बनाए हुए हैं और प्रभावित परिवारों तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने जताया दुख

भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि भारतीय नागरिकों की मौत की खबर सुनकर उन्हें बहुत दुख हुआ है।

जयशंकर ने कहा, "इस विस्फोट में भारतीय नागरिकों की मौत और घायल होने की खबर बेहद दुखद है।"

उन्होंने आगे कहा कि भारतीय दूतावास कतर के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है। प्रभावित भारतीय परिवारों को हरसंभव सहायता प्रदान करने के लिए काम किया जा रहा है। उन्होंने मृतकों और घायलों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की।

भारतीय दूतावास की पुष्टि और कार्रवाई

दोहा में भारतीय दूतावास ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से पुष्टि की कि कतर के अधिकारियों ने 12 भारतीय नागरिकों की मौत की जानकारी दी है। दूतावास ने कहा कि वे प्रभावित परिवारों की मदद के लिए कतर प्रशासन के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।

मृतकों के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द भारत वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। दूतावास के अनुसार, घायल हुए लोगों की हालत फिलहाल स्थिर है और उन्हें उचित चिकित्सा देखभाल मिल रही है। हालांकि, मृतकों की पहचान और वे भारत के किस राज्य से थे, इस बारे में अभी कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है।

कैसे हुई यह भीषण दुर्घटना?

कतर के गृह मंत्रालय और ऊर्जा मंत्री साद बिन शेरिदा अल-काबी के अनुसार, यह हादसा रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी में स्थित बरजान लोकल गैस सप्लाई फैसिलिटी में हुआ। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह एक औद्योगिक दुर्घटना थी।

अधिकारियों ने बताया कि संयंत्र में परिचालन के दौरान एक तकनीकी गड़बड़ी के कारण विस्फोट हुआ, जिसके बाद आग लग गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह किसी साजिश या बाहरी हमले का मामला नहीं है। घटना के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए एक विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।

इस त्रासदी ने औद्योगिक सुरक्षा के महत्व को एक बार फिर उजागर किया है। भारतीय दूतावास और कतर सरकार मिलकर यह सुनिश्चित करने में लगे हैं कि प्रभावित परिवारों को इस मुश्किल समय में सभी आवश्यक सहायता और जानकारी मिल सके।

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