राजस्थान

181 हेल्पलाइन पर कड़ा एक्शन: राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन 181 पर शासन सचिव का कड़ा रुख: लापरवाही पर अधिकारी सस्पेंड, मौके पर सुलझाईं राशन की समस्याएं

जोगेन्द्र सिंह शेखावत · 17 अप्रैल 2026, 12:32 दोपहर
शासन सचिव अम्बरीष कुमार ने 181 हेल्पलाइन के जरिए आमजन की राशन संबंधी समस्याओं को सुना। जयपुर में लापरवाही बरतने पर एक अधिकारी को सस्पेंड किया गया और कई शिकायतों का मौके पर निस्तारण हुआ।

जयपुर | राजस्थान की भजनलाल सरकार आमजन की समस्याओं को लेकर बेहद गंभीर नजर आ रही है। इसी क्रम में शासन सचिव अम्बरीष कुमार ने एक बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने सचिवालय स्थित राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन (181) स्टेट कंट्रोल रूम का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने केवल व्यवस्थाएं ही नहीं देखीं, बल्कि जनता से सीधा संवाद भी किया। शासन सचिव ने खुद हेडफोन लगाकर परिवादियों की समस्याओं को सुना। उन्होंने निर्देश दिए कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर प्रभावी रूप से होना चाहिए।

जयपुर में लापरवाही पर गिरी गाज

निरीक्षण के दौरान जयपुर के सोनू ने एक गंभीर शिकायत दर्ज कराई थी। सोनू का कहना था कि उनका राशन डीलर समय पर दुकान नहीं खोलता है और राशन देने में आनाकानी करता है। इतना ही नहीं, सोनू ने बताया कि संबंधित प्रवर्तन अधिकारी ने शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की। इस पर अम्बरीष कुमार ने तुरंत कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने प्रवर्तन अधिकारी की लापरवाही और अकर्मण्यता को अक्षम्य माना। सचिव ने अधिकारी को तुरंत प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दे दिए, जिससे हड़कंप मच गया।

अलवर के संजय को मिली राहत

संवाद के दौरान अलवर के संजय ने अपनी समस्या बताई। संजय का ई-केवाईसी संपन्न नहीं होने के कारण उन्हें राशन मिलने में काफी कठिनाई हो रही थी। शासन सचिव ने इस मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने मौके पर ही तकनीकी टीम की मदद से परिवादी की ई-केवाईसी प्रक्रिया को पूरा करवाया। ई-केवाईसी सफल होते ही संजय के लिए राशन मिलने का रास्ता साफ हो गया। संजय ने घर बैठे अपनी समस्या का समाधान पाकर प्रशासन का आभार जताया।

सिलेंडर की समस्या का तुरंत हल

इसी तरह अलवर के ही महेंद्र कुमार मीणा ने गैस सिलेंडर की डिलीवरी न होने की शिकायत की थी। उनकी गैस एजेंसी समय पर सिलेंडर उपलब्ध नहीं करा रही थी। शासन सचिव ने इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित अधिकारियों को फोन किया। कुछ ही समय में महेंद्र कुमार मीणा को गैस सिलेंडर की डिलीवरी सुनिश्चित कराई गई। यह कार्रवाई दर्शाती है कि सरकार अब शिकायतों को पेंडिंग रखने के बजाय समाधान पर जोर दे रही है। सचिव ने कहा कि जनता को मूलभूत सुविधाओं के लिए भटकना नहीं चाहिए।

भीलवाड़ा और पाली की शिकायतों पर कड़ा रुख

भीलवाड़ा के महावीर शर्मा ने राशन विक्रेता द्वारा की जा रही अनियमितता और कालाबाजारी की शिकायत की थी। यह मामला सार्वजनिक वितरण प्रणाली की शुचिता से जुड़ा था। अम्बरीष कुमार ने इस पर जांच के आदेश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि गरीबों के राशन की कालाबाजारी करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। वहीं, पाली की अनीता देवी ने खाद्य सुरक्षा योजना में नाम होने के बावजूद राशन न मिलने की बात कही। सचिव ने अधिकारियों को शीघ्र समाधान के निर्देश दिए।

अधिकारियों की बनेगी परफॉर्मेंस रैंकिंग

निरीक्षण के दौरान शासन सचिव ने एक नई व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए। अब हेल्पलाइन 181 पर आने वाली शिकायतों के निस्तारण के आधार पर अधिकारियों की रैंकिंग होगी। यह परफॉर्मेंस रैंकिंग दैनिक रूप से तैयार की जाएगी। इससे यह पता चलेगा कि कौन सा अधिकारी शिकायतों को सुलझाने में कितना सक्रिय और गंभीर है। सचिव ने ऑटो एस्केलेशन प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया। इसका उद्देश्य शिकायतों को उच्च स्तर पर अपने आप ट्रांसफर करना है यदि वे समय पर हल न हों।

आंकड़ों में विभाग की सफलता

संपर्क पोर्टल के आंकड़े बताते हैं कि विभाग शिकायतों के निस्तारण में काफी आगे है। पिछले एक साल में कुल 1,70,935 प्रकरण दर्ज किए गए थे। इनमें से 1,57,066 प्रकरणों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया जा चुका है। यह सफलता दर लगभग 92 प्रतिशत है, जो प्रशासन की तत्परता को दर्शाती है। विभाग में शिकायतों का औसतन निस्तारण महज 12 दिनों में किया जा रहा है। साथ ही, जनता का संतुष्टि प्रतिशत भी 73 प्रतिशत तक पहुंच गया है।

मुख्यमंत्री की अनूठी पहल

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने निर्देश दिए हैं कि सभी विभागों के शासन सचिव निर्धारित तिथियों पर कंट्रोल रूम में बैठें। इसका उद्देश्य जनता से सीधा संवाद स्थापित करना है। इस पहल के माध्यम से नागरिक अब बिना दफ्तरों के चक्कर काटे अपनी बात सरकार तक पहुंचा रहे हैं। इससे बिचौलियों की भूमिका खत्म हो गई है और पारदर्शिता बढ़ी है। सचिव अम्बरीष कुमार ने कहा कि लंबित शिकायतों की जानकारी अधिकारियों को एसएमएस से दी जाएगी। इससे समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित होगी और जवाबदेही तय की जा सकेगी।

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