राजस्थान

जनसमस्याओं पर एसीएस का बड़ा एक्शन: राजस्थान: 181 हेल्पलाइन पर एसीएस आलोक गुप्ता ने खुद सुनी फरियाद, समस्याओं के तुरंत समाधान के दिए निर्देश

जोगेन्द्र सिंह शेखावत · 07 अप्रैल 2026, 05:34 शाम
नगरीय विकास विभाग के एसीएस आलोक गुप्ता ने 181 कंट्रोल रूम का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने खुद फोन पर परिवादियों से बात की और अधिकारियों को लंबित समस्याओं के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के कड़े निर्देश दिए।

जयपुर | राजस्थान सरकार के नगरीय विकास एवं आवासन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) श्री आलोक गुप्ता इन दिनों एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। उन्होंने हाल ही में सचिवालय स्थित 181 कंट्रोल रूम का औचक दौरा किया। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य आम जनता की शिकायतों के समाधान की जमीनी हकीकत जानना था। उन्होंने वहां मौजूद अधिकारियों से फीडबैक लिया और खुद भी परिवादियों से फोन पर बात कर उनकी समस्याएं सुनीं।

परिवादियों से सीधा संवाद

एसीएस ने जोधपुर के निवासी रामकिशोर से मोबाइल पर बात की। रामकिशोर ने बताया कि उनके इलाके में सीवर लाइन का ढक्कन खुला है, जिससे आए दिन दुर्घटना का खतरा बना रहता है। गुप्ता ने तुरंत संबंधित अधिकारियों को फोन मिलाया और इस समस्या को जल्द से जल्द ठीक करने के निर्देश दिए। उन्होंने अजमेर के राजेंद्र, जोधपुर के राघव और उदयपुर के मुकेश से भी बात की।

इन समस्याओं पर रहा जोर

बातचीत के दौरान रोड लाइट, सीवरेज और पट्टा आवंटन से जुड़ी कई शिकायतें सामने आईं। एसीएस ने स्पष्ट किया कि शिकायतों का केवल निस्तारण ही काफी नहीं है, बल्कि वह गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जब भी किसी समस्या का समाधान हो, तो परिवादी को इसकी सूचना समय पर दी जाए। साथ ही, पोर्टल पर लंबित प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए।

समाधान के आंकड़े आए सामने

समीक्षा बैठक में यह तथ्य सामने आया कि इस साल जनवरी से अब तक भारी संख्या में शिकायतों का निपटारा किया गया है। विभाग द्वारा जारी आंकड़ों ने अधिकारियों की सक्रियता को दर्शाया।

कार्यप्रणाली में सुधार के निर्देश

एसीएस ने अधिकारियों को राजस्थान संपर्क पोर्टल के माध्यम से आने वाली शिकायतों की औसत निस्तारण अवधि कम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनता की संतुष्टि ही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अधिकारियों को केवल कागजों पर काम नहीं दिखाना चाहिए। उन्हें फील्ड में जाकर वास्तविकता देखनी चाहिए ताकि जनता को वास्तविक राहत मिल सके। अंत में, उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। मॉनिटरिंग सिस्टम को और अधिक पारदर्शी और मजबूत बनाने पर भी विशेष चर्चा की गई।

← पूरा आर्टिकल पढ़ें (Full Version)