राजस्थान

राजस्थान बनेगा एग्री-बिजनेस हब: राजस्थान बनेगा एग्री-बिजनेस पावरहाउस, सीएम का बड़ा ऐलान

जोगेन्द्र सिंह शेखावत · 01 मई 2026, 10:17 दोपहर
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अहमदाबाद में निवेशकों को ग्राम 2026 के लिए आमंत्रित किया।

अहमदाबाद | राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुजरात की आर्थिक राजधानी अहमदाबाद में आयोजित एक भव्य इन्वेस्टर मीट के दौरान प्रदेश की कृषि क्षमता का जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने निवेशकों को राजस्थान की विकास यात्रा में शामिल होने का न्योता दिया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राजस्थान जल्द ही देश का एग्री-बिजनेस पावरहाउस बनकर उभरेगा। प्रदेश में बाजरा, सरसों, ईसबगोल और जीरा जैसे प्रमुख कृषि उत्पादों के मामले में पहले से ही अग्रणी स्थान बनाए हुए है।

ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट 2026 का भव्य आयोजन

मुख्यमंत्री शर्मा ने निवेशकों को संबोधित करते हुए कहा कि जयपुर में 23 से 25 मई तक आयोजित होने वाली ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट (ग्राम) 2026 कृषि क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम साबित होगी। इस मीट के माध्यम से फूड प्रोसेसिंग उद्योग, एग्रो-पार्क और आधुनिक कृषि तकनीकों में निवेश के नए द्वार खुलेंगे। मुख्यमंत्री ने निवेशकों से इस अवसर का लाभ उठाने और प्रदेश की प्रगति का हिस्सा बनने की अपील की। उन्होंने अहमदाबाद की धरती को नमन करते हुए कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कर्मस्थली रही है। यहीं से विकास का वह गुजरात मॉडल निकला है, जो आज पूरी दुनिया के लिए एक मिसाल बन चुका है।

कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक का समावेश

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश का कृषि क्षेत्र तेजी से बदल रहा है। अब खेती केवल पारंपरिक तरीकों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आधुनिक तकनीक और लाभ का जरिया बन चुकी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि ग्राम 2026 में ड्रोन तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित खेती और कोल्ड चेन जैसे आधुनिक क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इससे छोटे किसानों को भी बाजार में ताकत मिलेगी। इस बड़े आयोजन में देश-विदेश के दिग्गज निवेशक, कृषि वैज्ञानिक और स्टार्टअप्स एक ही मंच पर जुटेंगे। यह संगम राजस्थान की कृषि व्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का कार्य करेगा।

फूड प्रोसेसिंग और एग्रो पार्कों का विस्तार

राजस्थान और गुजरात की कृषि संरचना में काफी समानताएं हैं। मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि दोनों राज्य मिलकर फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स और सप्लाई चेन विकसित कर सकते हैं, जिससे किसानों की आय बढ़ेगी। प्रदेश में अब तक साढ़े तीन हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश फूड प्रोसेसिंग इकाइयों में हो चुका है। सरकार ने राज्य भर में 39 नए फूड पार्कों के विकास की योजना तैयार की है। इन पार्कों के लिए 34 स्थानों पर भूमि का चयन भी पूरा कर लिया गया है। यह ढांचागत विकास राज्य में कृषि आधारित उद्योगों को नई गति प्रदान करेगा और स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ाएगा।

राइजिंग राजस्थान समिट की बड़ी सफलताएं

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के माध्यम से कृषि क्षेत्र में लगभग 44 हजार करोड़ रुपये के सहमति पत्रों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए जा चुके हैं। सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि इनमें से लगभग 10 हजार करोड़ रुपये का निवेश धरातल पर उतर चुका है। सरकार ने नीतियों को सरल और पारदर्शी बनाया है ताकि निवेशकों को कोई परेशानी न हो। उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने पिछले दो वर्षों में 46 हजार किलोमीटर सड़कों का जाल बिछाया है। बेहतर कनेक्टिविटी से कृषि उत्पादों को मंडियों और कारखानों तक पहुँचाना आसान हो गया है।

ऊर्जा और जल प्रबंधन में आत्मनिर्भरता

प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में राजस्थान ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन रहा है। पिछले दो वर्षों में राज्य की बिजली उत्पादन क्षमता में 8 हजार 670 मेगावाट की रिकॉर्ड वृद्धि की गई है। किसानों की सुविधा के लिए 24 जिलों में अब दिन के समय बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। इससे खेती के कार्यों में सुगमता आई है और किसानों के जीवन स्तर में सुधार हुआ है। जल संकट के समाधान के लिए सरकार ने राम जल सेतु लिंक परियोजना और यमुना जल समझौते पर काम शुरू कर दिया है। इससे आने वाले समय में लाखों हेक्टेयर भूमि सिंचित हो सकेगी।

किसान कल्याण के लिए समर्पित योजनाएं

मुख्यमंत्री ने बताया कि सम्मान निधि योजना के तहत 76 लाख किसानों को 12 हजार करोड़ रुपये सीधे उनके खातों में भेजे गए हैं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ भी करोड़ों किसानों को मिला है। पीएम कुसुम योजना के अंतर्गत राजस्थान में 65 हजार से अधिक सोलर पंप सेट स्थापित किए जा चुके हैं। इससे किसानों की बिजली पर निर्भरता कम हुई है और खेती की लागत घटी है। किसानों को आर्थिक संबल देने के लिए 52 हजार करोड़ रुपये से अधिक का ब्याज मुक्त फसली ऋण दिया गया है। गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना के जरिए भी पशुपालकों को मदद दी जा रही है।

राजस्थान फाउंडेशन का नया अध्याय

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राजस्थान फाउंडेशन के अहमदाबाद चैप्टर का औपचारिक शुभारंभ किया। यह कदम गुजरात में रह रहे प्रवासी राजस्थानियों को अपनी मातृभूमि से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम बनेगा। कार्यक्रम के दौरान डेयरी, फूड पार्क और मसाला प्रसंस्करण क्षेत्रों से संबंधित कई महत्वपूर्ण एमओयू का आदान-प्रदान हुआ। निवेशकों ने राजस्थान की नीतियों और मुख्यमंत्री के विजन की जमकर सराहना की।

किसानों के समृद्ध होने से ही प्रदेश और देश का समग्र विकास संभव है। हम राजस्थान को कृषि और तकनीक के संगम से एक वैश्विक पहचान दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।

मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि राजस्थान की धरती अब निवेश के लिए सबसे सुरक्षित और लाभकारी स्थान है। उन्होंने प्रवासी उद्यमियों से अपनी मातृभूमि के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने का भावुक आह्वान किया। इस समिट और इन्वेस्टर मीट के माध्यम से राजस्थान ने स्पष्ट कर दिया है कि वह कृषि और उद्योग के क्षेत्र में एक नई क्रांति के लिए तैयार है। आने वाले समय में राजस्थान की अर्थव्यवस्था में कृषि का योगदान ऐतिहासिक होगा।

*Edit with Google AI Studio

← पूरा आर्टिकल पढ़ें (Full Version)