जयपुर | राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने राज्य में महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की प्रगति को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
आंगनबाड़ी और महिला विकास पर बड़ा फैसला: राजस्थान: आंगनबाड़ी और महिला सशक्तिकरण पर नई कार्ययोजना
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की समीक्षा कर नए निर्देश दिए।
HIGHLIGHTS
- मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की उच्च स्तरीय समीक्षा की।
- आंगनबाड़ी केंद्रों को नजदीकी सरकारी स्कूलों के साथ जोड़ने (कोलोकेशन) की प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी।
- लाडो योजना के पोर्टल को विद्या समीक्षा केंद्र की तर्ज पर आधुनिक और सुलभ बनाया जाएगा।
- समेकित बाल विकास सेवाओं की वर्ष 2026-27 के लिए वार्षिक कार्य योजना को मंजूरी दी गई।
संबंधित खबरें
इस दौरान मिशन शक्ति और पोषण 2.0 जैसे कार्यक्रमों पर विस्तार से चर्चा की गई और भविष्य की रणनीतियों पर गहन विचार-विमर्श किया गया।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पांचवें राष्ट्रीय मुख्य सचिव सम्मेलन के दौरान केंद्र द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों की पालना हेतु प्रभावी कार्य योजना तैयार की जाए।
बेहतर समन्वय और वन स्टॉप सेंटर
श्रीनिवास ने कहा कि योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक पहुंचाने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग को अन्य सहयोगी विभागों के साथ मिलकर एक मजबूत नेटवर्क बनाना होगा।
संबंधित खबरें
उन्होंने वन स्टॉप केंद्रों के नियमित निरीक्षण के निर्देश दिए ताकि वहां आने वाली महिलाओं को मिलने वाली सेवाओं की गुणवत्ता और संवेदनशीलता को पूरी तरह सुनिश्चित किया जा सके।
लाडो योजना और डिजिटल पोर्टल में सुधार
लाडो योजना के पोर्टल को अपडेट करने के लिए मुख्य सचिव ने शिक्षा विभाग के साथ समन्वय करने और विद्या समीक्षा केंद्र के डिजिटल मॉडल का उपयोग करने के निर्देश दिए।
योजनाओं का समुचित लाभ समय पर लाभार्थियों को पहुंचाने के लिए योजनाओं से सम्बंधित अन्य विभागों से बेहतर समन्वय स्थापित किया जाये।
आंगनबाड़ी केंद्रों का नया स्वरूप
राज्य में संचालित आंगनबाड़ियों को नजदीकी सरकारी विद्यालयों के साथ जोड़ने की प्रक्रिया को अब गति दी जाएगी। इससे बच्चों के पोषण के साथ उनकी प्रारंभिक शिक्षा की नींव मजबूत होगी।
चैंपियन आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को योजनाओं के बारे में अपडेट रखने के लिए नियमित वेबिनार आयोजित होंगे। उन्हें आधुनिक तकनीक और नई कार्यप्रणालियों के बारे में निरंतर प्रशिक्षित किया जाएगा।
आंगनबाड़ी केंद्रों पर होने वाली अभिभावक बैठकों में अब पिता की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। इसके लिए आधारभूत सुविधाओं के विस्तार हेतु बजट अभिसरण किया जाएगा।
अंत में, बैठक के दौरान समेकित बाल विकास सेवाओं की वर्ष 2026-27 के लिए वार्षिक कार्य योजना (APIP) को अनुमोदित कर दिया गया, जो राज्य के विकास की नई दिशा तय करेगा।
*Edit with Google AI Studio