राजस्थान

ड्रग्स पर राजस्थान सरकार का वज्रप्रहार: राजस्थान में ड्रग्स के खिलाफ महाभियान: जब्त नशीले पदार्थ होंगे नष्ट, अवैध खेती करने वालों को नहीं मिलेगा सरकारी योजनाओं का लाभ

मानवेन्द्र जैतावत · 31 मार्च 2026, 08:42 सुबह
मुख्य सचिव वी श्रीनिवास की अध्यक्षता में हुई NCORD की बैठक में ड्रग्स माफियाओं पर नकेल कसने के लिए कड़े निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश भर में अप्रैल माह में विशेष अभियान चलाकर जब्त नशीले पदार्थों को नष्ट किया जाएगा और अवैध खेती करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।

जयपुर | राजस्थान सरकार ने नशीले पदार्थों के खिलाफ अपनी जीरो टॉलरेंस नीति को और अधिक सख्त कर दिया है। मुख्य सचिव श्री वी श्रीनिवास की अध्यक्षता में सोमवार को जयपुर स्थित शासन सचिवालय में राज्य स्तरीय नार्को समन्वय केंद्र (NCORD) की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में मादक पदार्थों की तस्करी और उपयोग पर पूर्ण नियंत्रण स्थापित करना था।

बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि ड्रग्स और मादक पदार्थों की रोकथाम के लिए समाज के हर वर्ग की साझा भागीदारी अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि केवल पुलिस कार्रवाई ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि जन-भागीदारी और सामूहिक प्रयासों से ही इस सामाजिक बुराई पर विजय प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे इस अभियान को एक मिशन की तरह लें।

अप्रैल में चलेगा विशेष निस्तारण अभियान

मुख्य सचिव ने प्रदेश के सभी पुलिस थानों के मालखानों में वर्षों से जब्त पड़े ड्रग्स और मादक पदार्थों को नष्ट करने का कड़ा आदेश दिया है। इसके लिए 1 से 30 अप्रैल तक पूरे राज्य में एक विशेष अभियान संचालित किया जाएगा। इस अभियान के दौरान सभी कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करते हुए नशीले पदार्थों का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जाएगा।

इसके साथ ही, ड्रग्स तस्करी के लिए इस्तेमाल किए गए वाहनों के निस्तारण की प्रक्रिया को भी तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्य सचिव ने कहा कि थानों में जब्त वाहनों और सामग्री का समयबद्ध निस्तारण आवश्यक है ताकि पुलिस कार्यप्रणाली में अधिक पारदर्शिता और सुगमता आए। उन्होंने गृह विभाग को इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी करने की जिम्मेदारी सौंपी है।

अवैध खेती करने वालों पर सख्त कार्रवाई

सरकार ने उन लोगों के खिलाफ बेहद कड़ा रुख अपनाया है जो राजस्व, कृषि या वन भूमि पर अवैध रूप से मादक पदार्थों की खेती करते हैं। मुख्य सचिव ने कृषि विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि कोई व्यक्ति अवैध खेती में लिप्त पाया जाता है, तो उसे राज्य की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ से तत्काल वंचित कर दिया जाए। यह कदम तस्करी की जड़ों पर प्रहार करने के लिए उठाया गया है।

सभी जिला कलेक्टर्स को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने अधीनस्थ पटवारियों और गिरदावरों की जवाबदेही तय करें। यदि उनके क्षेत्र में अवैध खेती पाई जाती है, तो संबंधित कार्मिकों पर भी कार्रवाई होगी। गृह विभाग इस संबंध में वन और राजस्व विभाग को आवश्यक कार्यवाही के लिए जल्द ही एक विस्तृत परिपत्र जारी करेगा ताकि विभागों के बीच प्रभावी समन्वय बना रहे।

हेल्पलाइन 1933 और जागरूकता अभियान

बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने 'मानस' (MANAS) पोर्टल और हेल्पलाइन नंबर 1933 के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने स्वयं इस नंबर पर कॉल कर इसकी कार्यक्षमता और केंद्र की सजगता का परीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि स्कूल, कॉलेज और कोचिंग सेंटरों पर इस हेल्पलाइन नंबर का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि युवा संकट के समय तुरंत मदद ले सकें।

शिक्षा और सामाजिक न्याय विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वे युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए बड़े स्तर पर कार्यशालाएं और जन जागरूकता अभियान चलाएं। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग को इन अभियानों को सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से आमजन तक पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई है, जिससे नशा मुक्ति का संदेश घर-घर तक पहुंचे।

सीमा सुरक्षा और अंतर-विभागीय समन्वय

राजस्थान के अंतरराष्ट्रीय सीमावर्ती जिलों में ड्रोन के माध्यम से होने वाली ड्रग्स तस्करी एक बड़ी चुनौती है। मुख्य सचिव ने सीमा सुरक्षा बल (BSF) के अधिकारियों को प्रमुख हॉट स्पॉट चिह्नित करने और तकनीकी निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सीमा पार से आने वाली नशीली दवाओं की खेप को रोकने के लिए अत्याधुनिक तकनीक और सूचना तंत्र का उपयोग करना अनिवार्य है।

इसके अलावा, रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को ट्रेनों के माध्यम से होने वाली तस्करी रोकने और कस्टम विभाग के डीआरआई को पुराने मामलों की विस्तृत रिपोर्टिंग करने को कहा गया है। नारकोटिक्स विभाग के साथ खुफिया जानकारी साझा करना अब अनिवार्य होगा। इस बैठक में पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा और गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव भास्कर ए सावंत सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

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