जयपुर | राजस्थान विधानसभा अपनी स्थापना के 75 गौरवशाली वर्ष पूरे करने जा रही है। इस ऐतिहासिक अवसर को 'अमृत महोत्सव' के रूप में बेहद धूमधाम से मनाया जाएगा। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने इसकी भव्य रूपरेखा तैयार की है।
राजस्थान विधानसभा के 75 गौरवशाली साल: राजस्थान विधानसभा के 75 साल: अमृत महोत्सव में होंगे 4 बड़े आयोजन
विधानसभा के 75वें वर्ष पर अमृत महोत्सव का आयोजन, राष्ट्रपति और पीएम को न्योता।
HIGHLIGHTS
- जुलाई में पूर्व और वर्तमान विधायकों का विशाल सम्मेलन आयोजित होगा।
- अक्टूबर में देशभर की महिला विधायक जयपुर में जुटेंगी।
- जनवरी में युवाओं के लिए संसदीय शिष्टाचार और युवा संसद का आयोजन होगा।
- मार्च 2027 में अखिल भारतीय विधायी महाकुंभ के साथ होगा समापन।
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लोकतंत्र के उत्सव में शामिल होंगे दिग्गज
अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने बताया कि यह एक वर्ष तक चलने वाला समारोह होगा। यह आयोजन भारतीय संसदीय लोकतंत्र की गौरवशाली आत्मा का उत्सव बनेगा। इसमें अनुभव, परंपरा और नवाचार का अनूठा संगम दिखेगा।
इस विशिष्ट समारोह के लिए देश के राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और लोकसभा अध्यक्ष को आमंत्रित किया जाएगा। इसमें संसदीय और संविधान विशेषज्ञों के विशेष सत्र भी आयोजित किए जाएंगे।
जुलाई में जुटेगा पूर्व और वर्तमान विधायकों का मेला
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अमृत महोत्सव का पहला बड़ा कार्यक्रम जुलाई माह में प्रस्तावित है। इसमें पहली से सोलहवीं विधानसभा तक के सभी पूर्व और वर्तमान सदस्यों का विशाल सम्मेलन होगा। यह लोकतंत्र की यात्रा को जीवंत करेगा।
इस दौरान प्रदेश के महत्वपूर्ण कानूनों और सामाजिक बदलाव वाले निर्णयों की समीक्षा होगी। साथ ही पूर्व विधानसभा अध्यक्षों और वरिष्ठतम सदस्यों को विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा।
महिला विधायकों का राष्ट्रीय सम्मेलन
अक्टूबर माह में दूसरा बड़ा कार्यक्रम महिलाओं को समर्पित होगा। इसमें देशभर की महिला विधायक जयपुर आएंगी। यह मंच नीति निर्माण में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी पर चर्चा का केंद्र बनेगा।
समारोह में पूर्व महिला विधायकों के अनुभवों और युवा महिला विधायकों की आकांक्षाओं को साझा किया जाएगा। यह समाज से सदन तक महिलाओं की भूमिका को रेखांकित करने वाला एक बड़ा आयोजन होगा।
यह अमृत महोत्सव लोकतंत्र के इतिहास, वर्तमान और भविष्य को एक सूत्र में जोड़ने वाला राष्ट्रीय आयोजन होगा, जिसमें जनविश्वास और युवा ऊर्जा एक साथ दिखाई देंगे।
युवा शक्ति और संसदीय शिष्टाचार
जनवरी में युवाओं को लोकतंत्र की जड़ों से जोड़ने के लिए विशेष कार्यक्रम होंगे। स्कूल और कॉलेजों में संविधान जागरूकता प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। चयनित छात्र युवा संसद में भाग लेकर संसदीय प्रक्रिया सीखेंगे।
इसका उद्देश्य नई पीढ़ी को संविधान के प्रति जागरूक करना और उन्हें संसदीय शिष्टाचार की जानकारी देना है। यह कदम युवाओं को लोकतांत्रिक मूल्यों के करीब लाने में मील का पत्थर साबित होगा।
2027 में अखिल भारतीय विधायी महाकुंभ
अमृत महोत्सव का भव्य समापन मार्च 2027 में 'अखिल भारतीय विधायी महाकुंभ' के रूप में होगा। इसमें देशभर के विधानसभा अध्यक्षों, उपाध्यक्षों और सचिवों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।
यह आयोजन राजस्थान की विधायी विरासत को पूरी दुनिया के सामने पेश करेगा। देवनानी ने कार्यकारिणी समिति की बैठक में इन सभी कार्यक्रमों की तैयारियों को लेकर आवश्यक निर्देश दिए हैं।
राजस्थान विधानसभा का यह 75वां वर्ष न केवल एक उत्सव है, बल्कि यह हमारी लोकतांत्रिक यात्रा के आत्मचिंतन का भी समय है। इन आयोजनों से संसदीय गरिमा और जनविश्वास को और मजबूती मिलेगी।
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