जयपुर | राजस्थान विधानसभा की प्राक्कलन समिति ने हाल ही में स्वायत्त शासन विभाग की योजनाओं की गहन समीक्षा की। डीएलबी मुख्यालय में हुई इस बैठक का मुख्य उद्देश्य शहरी विकास कार्यों को गति देना है।
योजनाओं की प्रगति पर विस्तृत चर्चा
बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), अमृत 2.0 और मुख्यमंत्री शहरी रोजगार गारंटी योजना जैसी प्रमुख योजनाओं पर चर्चा हुई। शासन सचिव रवि जैन ने इन जनकल्याणकारी योजनाओं की वर्तमान प्रगति रिपोर्ट समिति के समक्ष रखी।
इसके साथ ही नगरीय निकायों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, स्वच्छता व्यवस्था और पेयजल आपूर्ति की वर्तमान स्थिति की भी जानकारी दी गई। समिति ने ऑनलाइन सेवाओं के माध्यम से जनता को राहत देने पर जोर दिया।
आमजन के कार्यों में न हो देरी
समिति के अध्यक्ष संदीप शर्मा ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि जनता से जुड़े रोजमर्रा के कार्यों में कोई कोताही न बरती जाए। उन्होंने कहा कि फाइलों को अनावश्यक रूप से लंबित रखना स्वीकार्य नहीं होगा।
विकसित भारत@2047 के संकल्प को पूरा करने के लिए स्थानीय निकायों की भूमिका महत्वपूर्ण है। पट्टा जारी करना, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र और सफाई जैसे कार्य बिना किसी बाधा के तुरंत होने चाहिए।
गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष ध्यान
बैठक में सीवरेज, सड़क और स्ट्रीट लाइट जैसे बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण पर भी विचार-विमर्श किया गया। समिति के सदस्यों ने विकास कार्यों को उच्च गुणवत्ता के साथ समय पर पूरा करने के लिए आवश्यक सुझाव दिए।
इस बैठक के माध्यम से सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि शहरी विकास और नागरिक सुविधाएं उनकी प्राथमिकता हैं। अधिकारियों को जवाबदेह बनाकर आमजन की समस्याओं का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।
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