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राजस्थान

राजस्थान विधानसभा में विदेशी मेहमान: राजस्थान विधानसभा में गूंजेगी विदेशी आवाज, 17 देशों के प्रतिनिधि सीखेंगे संसदीय प्रणाली

जोगेन्द्र सिंह शेखावत

जयपुर में राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी की अगुवाई में 17 देशों के 43 प्रतिनिधि संसदीय कार्यप्रणाली का अध्ययन करेंगे। यह आयोजन अंतरराष्ट्रीय विधायी मसौदा प्रशिक्षण कार्यक्रम का हिस्सा है।

HIGHLIGHTS

  • 17 देशों के 43 प्रतिनिधि 18 अप्रैल को राजस्थान विधानसभा का भ्रमण करेंगे।
  • लोकसभा सचिवालय द्वारा आयोजित यह 37वां अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम है।
  • विदेशी मेहमान सदन, भवन और राजनैतिक आख्यान संग्रहालय का अवलोकन करेंगे।
  • इसका उद्देश्य विधायी मसौदा तैयार करने के कौशल और तकनीकी ज्ञान को बढ़ाना है।
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जयपुर | राजस्थान की ऐतिहासिक धरती पर जल्द ही अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र की गौरवशाली झलक देखने को मिलेगी। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने इस खास कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी साझा की है। 18 अप्रैल को दुनिया के 17 देशों के 43 प्रतिनिधि राजस्थान विधानसभा की कार्यप्रणाली को करीब से देखने जयपुर पहुंच रहे हैं। इस दल में बांग्लादेश, भूटान, घाना, केन्या, श्रीलंका, तंजानिया और ज़ाम्बिया जैसे देशों के महत्वपूर्ण प्रतिभागी शामिल होंगे। यह राजस्थान के लिए एक गौरव का क्षण है।

विधायी प्रशिक्षण का वैश्विक मंच

यह आयोजन लोकसभा सचिवालय के 'पार्लियामेंट्री रिसर्च एंड ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट फॉर डेमोक्रेसी' (PRIDE) की एक अनूठी पहल है। यह 'इंटरनेशनल लेजिस्लेटिव ड्राफ्टिंग' पर आधारित 37वां अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम है, जो विधायी मसौदा तैयार करने की कला पर केंद्रित है। यह पूरा कार्यक्रम भारत सरकार के विदेश मंत्रालय की 'भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग' (ITEC) योजना के तहत सफलतापूर्वक चलाया जा रहा है।

संसदीय ज्ञान और अनुभव का साझाकरण

स्पीकर देवनानी के अनुसार, इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विदेशी प्रतिनिधियों के विधायी कौशल और तकनीकी ज्ञान को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है। प्रतिनिधि दल विधानसभा के मुख्य सदन, भव्य भवन और आधुनिक राजनैतिक आख्यान संग्रहालय का विस्तृत भ्रमण करेगा। इससे राज्य की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनेगी। विदेशी मेहमानों को राज्य विधानमंडल की कार्यप्रणाली, संसदीय परंपराओं और जटिल विधायी प्रक्रियाओं के बारे में विशेषज्ञों द्वारा विस्तार से जानकारी दी जाएगी।

संवाद और सांस्कृतिक मेलजोल

दौरे के दौरान प्रतिभागियों को पीठासीन अधिकारियों और विधानसभा सचिव के साथ सीधे संवाद करने का अवसर मिलेगा। वे प्रतिष्ठित विधि विशेषज्ञों और गणमान्य व्यक्तियों से भी मुलाकात करेंगे। विदेशी मेहमानों को राजस्थान की विश्वप्रसिद्ध संस्कृति और कला से रूबरू कराने के लिए जयपुर के प्रमुख दर्शनीय स्थलों की सैर भी कराई जाएगी। इस यात्रा से विभिन्न देशों के बीच संसदीय सहयोग सुदृढ़ होगा और लोकतांत्रिक मूल्यों को समझने में मदद मिलेगी। यह ज्ञान के आदान-प्रदान का बड़ा जरिया बनेगा। यह आयोजन न केवल विधायी मसौदा तैयार करने की जटिल प्रक्रिया को गहराई से समझाएगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की सशक्त संसदीय ताकत और लोकतांत्रिक मूल्यों का शानदार प्रदर्शन भी करेगा। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने पूर्ण विश्वास जताया है कि यह राजस्थान दौरा सभी विदेशी मेहमानों के लिए बेहद ज्ञानवर्धक और यादगार साबित होगा।

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