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राजस्थान ऑटोमोबाइल सेक्टर में नई क्रांति: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का बड़ा ऐलान: राजस्थान के ऑटोमोबाइल सेक्टर को मिलेंगे नए पंख, पुरानी कारों के लिए भी बनी खास नीति

जोगेन्द्र सिंह शेखावत · 12 अप्रैल 2026, 03:34 दोपहर
जयपुर में आयोजित 'व्यापार राजस्थान 2026' में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ऑटोमोबाइल सेक्टर को प्रदेश की प्रगति का इंजन बताया। उन्होंने वाहन पंजीकरण की शक्तियों और पुरानी कारों के लिए नई नीति समेत कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।

जयपुर | राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश के विकास में ऑटोमोबाइल सेक्टर की भूमिका को रेखांकित किया है। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र 'विकसित राजस्थान' का मुख्य इंजन है।

जयपुर में आयोजित ‘व्यापार राजस्थान 2026’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने शिरकत की। इस दौरान उन्होंने ऑटोमोबाइल डीलर्स और उद्यमियों के लिए कई बड़ी घोषणाएं कीं और उन्हें प्रोत्साहित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने नीतिगत फैसलों से निवेश के नए द्वार खोले हैं। अब ऑटोमोबाइल सेक्टर को बुनियादी सुविधाएं और जरूरी संसाधन प्राथमिकता के साथ उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।

वाहन पंजीकरण अब हुआ और भी आसान

सरकार ने वाहन डीलर्स को अब बड़ी शक्तियां प्रदान की हैं। अब अधिकृत वाहन डीलर जिला परिवहन अधिकारियों की भांति खुद गैर-परिवहन वाहनों का पंजीयन कर सकेंगे।

यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से संचालित की जाएगी। इससे कागजी कार्रवाई पूरी तरह खत्म होगी और काम पूरी तरह पेपरलेस हो जाएगा, जिससे समय की बचत होगी।

अब वाहन डीलर्स के पास ही हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने की सुविधा होगी। इससे ग्राहकों को बार-बार परिवहन दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और पारदर्शिता भी बढ़ेगी।

पुरानी कारों के लिए नई नीति का आगाज

मुख्यमंत्री ने पुरानी कारों (Used Cars) के बाजार को लेकर भी बड़ा कदम उठाया है। इसके लिए एक विशेष नीति तैयार की गई है ताकि इस बाजार को रेगुलेट किया जा सके।

इस नीति का उद्देश्य पुरानी कारों के बाजार को सुव्यवस्थित और विनियमित करना है। इससे उपभोक्ताओं को धोखाधड़ी से बचाया जा सकेगा और उन्हें गुणवत्तापूर्ण वाहन मिल सकेंगे।

यूज्ड कार डीलर्स को अब ऑनलाइन माध्यम से ट्रेड प्रमाण पत्र जारी किए जा रहे हैं। इससे न केवल व्यापार सुगम होगा, बल्कि राज्य सरकार को अतिरिक्त राजस्व भी प्राप्त होगा।

डिजिटल सेवाओं का व्यापक विस्तार

परिवहन विभाग की सेवाओं को डिजिटल बनाने पर सरकार का विशेष जोर है। वर्तमान में वाहन और सारथी पोर्टल पर उपलब्ध 58 सेवाओं में से 53 सेवाएं ऑनलाइन कर दी गई हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक के उपयोग से भ्रष्टाचार पर लगाम लगी है। अब प्रदेश की जनता को घर बैठे ही परिवहन विभाग की अधिकांश सुविधाएं आसानी से मिल रही हैं।

शहरों में बनेंगे ऑटो रिटेल जोन

बढ़ते ट्रैफिक और अव्यवस्था को देखते हुए मुख्यमंत्री ने शहरों में 'ऑटो रिटेल जोन' बनाने का सुझाव दिया। यह सुझाव भविष्य के ट्रैफिक मैनेजमेंट में गेमचेंजर साबित हो सकता है।

इन विशेष जोन्स में डीलर्स को एक व्यवस्थित व्यापारिक माहौल मिलेगा। वहीं, उपभोक्ताओं को भी एक ही स्थान पर वाहन से जुड़ी सभी जरूरी सेवाएं और विकल्प उपलब्ध होंगे।

अर्थव्यवस्था का मजबूत स्तंभ

राजस्थान की अर्थव्यवस्था में ऑटोमोबाइल रिटेल क्षेत्र का बड़ा योगदान है। प्रदेश के हजारों डीलर्स लाखों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर दे रहे हैं।

जीएसटी राजस्व संग्रह में भी इस सेक्टर की अहम भूमिका है। मुख्यमंत्री ने सभी डीलर्स से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 5 ट्रिलियन बनाने के लक्ष्य में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

राइजिंग राजस्थान और भविष्य का विजन

मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘राइजिंग राजस्थान’ के तहत 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू हुए हैं। इनमें से लगभग 9 लाख करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स धरातल पर उतर चुके हैं।

यह आंकड़े दर्शाते हैं कि राजस्थान अब निवेशकों की पहली पसंद बन चुका है। सरकार की नीतियां व्यापार के अनुकूल माहौल तैयार कर रही हैं, जिससे हर क्षेत्र में प्रगति हो रही है।

कार्यक्रम की थीम “गिविंग व्हील्स टू विकसित राजस्थान” की भी मुख्यमंत्री ने सराहना की। उन्होंने कहा कि यह विजन प्रदेश को मोबिलिटी के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाएगा।

उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने भी इस दौरान अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि कौशल विकास और ट्रेनिंग मॉडल से युवाओं के बेहतर भविष्य की मजबूत नींव राजस्थान में रखी जा रही है।

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